'अफ़ग़ानिस्तान में क़ैदियों पर अत्याचार'

काबुल में एक जेल इमेज कॉपीरइट AP
Image caption अफ़ग़ान अधिकारियों के नियंत्रण वाली कई जेलों से अत्याचार की ख़बरें सामने आई हैं

अफ़ग़ानिस्तान में जारी हुई एक रिपोर्ट के अनुसार अफ़ग़ान अधिकारियों के नियंत्रण वाली कई जेलों में बंद क़ैदियों को अत्याचार सहना पड़ा है.

बीबीसी ने सितंबर में पहली बार इन आरोपों की जानकारी सामने रखी थी और उसके बाद से नेटो की फ़ौजों ने उन जेलों में क़ैदियों को भेजना बंद कर दिया है.

संयुक्त राष्ट्र की ये रिपोर्ट अफ़ग़ान ख़ुफ़िया एजेंसी एनडीएस और अफ़ग़ान राष्ट्रीय पुलिस के नियंत्रण वाली जेलों में 379 क़ैदियों से हुए साक्षात्कार पर आधारित है.

रिपोर्ट के अनुसार उनमें से कई के शरीर पर चोटों के और ऐसे निशान साफ़ थे जिनसे पता चलता है कि उनकी या तो बुरी तरह पिटाई हुई है या उन पर अत्याचार हुआ है.

एनडीएस पर आरोप है कि उसके नियंत्रण वाली कई जेलों में सुनियोजित ढंग से क़ैदियों पर अत्याचार हो रहा है जिससे उनसे ये क़बूल करवाया जा सके कि उनके तालेबान या अन्य चरमपंथी गुटों से संबंध हैं.

जो लोग बंदी बनाकर उन जगहों पर रखे गए हैं उनमें यहाँ तक कि 14 साल के बच्चे भी हैं.

इस मामले में अहम ये है कि रिपोर्ट के अनुसार जिन लोगों को हिरासत में लिया गया था उन्हें अफ़ग़ान अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय सेना ने ही सौंपा था.

इस रिपोर्ट के बाद नेटो ने क़ैदियों को 16 ऐसी जेलों में भेजना बंद कर दिया है जहाँ से अत्याचार की ख़बरें मिली थीं और उसका क हना है कि अब वह हालात पर नज़र रखे है.

अफ़ग़ान अधिकारियों से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है मगर पिछले ही महीने सरकार ने इस तरह के सभी आरोपों को ये कहते हुए ख़ारिज कर दिया था कि ये राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित हैं.

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