बर्मा में 6300 क़ैदियों को माफ़ी की घोषणा

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Image caption बर्मा में जेल में हज़ारों राजनीतिक क़ैदी बंद हैं

बर्मा में सरकारी मीडिया के अनुसार वहाँ के राष्ट्रपति ने 6300 क़ैदियों को माफ़ी देने का फ़ैसला किया है.

सरकारी टेलिविज़न पर की गई इस घोषणा में ये नहीं बताया गया है कि रिहा किए जा रहे लोगों में से कितने राजनीतिक बंदी होंगे.

इससे कुछ ही घंटों पहले बर्मा में मानवाधिकारों से जुड़े नए संगठन ने ऐसे बंदियों को रिहा करने की अपील की थी जिनसे देश के स्थायित्त्व को कोई ख़तरा न हो.

सोमवार को अमरीका ने कहा था कि अगर बर्मा ने राजनीतिक क़ैदियों जैसे मसलों पर ठोस प्रगति की तो वह भी उसका सकारात्मक जवाब देंगे.

अभी पश्चिमी देशों ने बर्मा पर प्रतिबंध लगा रखा है और उसकी एक प्रमुख वजह राजनीतिक क़ैदी हैं.

माना जा रहा है कि लगभग दो हज़ार लोग बंदी हैं जिनमें पत्रकार, लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता, सरकार के आलोचक, 2007 में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल बौद्ध भिक्षु और ज़्यादा स्वायत्तता की माँग कर रहे बर्मा के स्थानीय लोग शामिल हैं.

इस घोषणा के तहत 6359 क़ैदी रिहा किए जाएँगे और ये रिहाई बुधवार को शुरू होगी.

राजनीतिक बंदी

बर्मा ने इससे पहले भी बड़े पैमाने पर क़ैदियों को माफ़ी दी है मगर उसमें राजनीतिक बंदी शामिल नहीं रहे हैं. इस बार भी ये जानकारी नहीं मिल पाई है कि बंदियों में राजनीतिक क़ैदी हैं या नहीं.

मई 2011 में 15 हज़ार कै़दियों को रिहा करने की घोषणा हुई जबकि उससे पहले 2009 में 7000 लोग रिहा किए गए. मगर इन क़दमों की मानवाधिकार संगठनों ने ये कहते हुए आलोचना की थी कि उनमें एक भी राजनीतिक क़ैदी नहीं था.

मगर पिछले कुछ दिनों में बर्मा से ऐसी ख़बरें आई हैं जिनमें अज्ञात सरकारी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि कुछ राजनीतिक क़ैदियों की रिहाई की जा सकती है. लोकतंत्र समर्थक नेता आन्ग सान सू ची ने इस घोषणा का स्वागत किया है. नायन विन ने कहा, "ये बहुत अच्छी ख़बर है और हमें उम्मीद है कि रिहा किए जा रहे लोगों में राजनीतिक क़ैदी भी होंगे."

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