अमरीकी हमले में पाकिस्तान का साथ देंगे: करज़ई

  • 23 अक्तूबर 2011
ओबामा के साथ करज़ई और ज़रदारी इमेज कॉपीरइट AP
Image caption करज़ई ने कहा कि अमरीकी हमले में पाकिस्तान को मदद की ज़रूरत हुई तो अफ़ग़ानिस्तान उसका साथ देगा

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा है कि अगर पाकिस्तान और अमरीका के बीच सैनिक संघर्ष हुआ तो उनका देश पाकिस्तान का समर्थन करेगा.

पाकिस्तान के एक टेलिविज़न चैनल को दिए इंटरव्यू में करज़ई ने ये बात कही.

दोनों देशों के बीच पिछले दिनों में जो तनाव रहा है उसे देखते हुए ये काफ़ी चौंकाने वाला बयान है.

अफ़ग़ानिस्तान ने पिछले दिनों पाकिस्तान पर सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ावा देने के साथ ही उनके प्रमुख शांति वार्ताकार बुरहानुद्दीन रब्बानी की हत्या में शामिल होने का आरोप भी लगाया था.

जियो टेलिविज़न को दिए इंटरव्यू में करज़ई ने कहा, "अल्लाह न करे, पर अगर पाकिस्तान और अमरीका के बीच जंग हुई तो अफ़ग़ानिस्तान पाकिस्तान के साथ होगा."

उनका कहना था, "अगर पाकिस्तान पर हमला हुआ और पाकिस्तान के लोगों को अफ़ग़ानिस्तान की मदद की ज़रूरत हुई तो अफ़ग़ानिस्तान आपके साथ होगा."

वैसे इस तरह के हालात अभी तो बनते नहीं दिख रहे हैं मगर पाकिस्तान और अमरीका के बीच पिछले कुछ महीनों में तनाव बढ़ा है और अमरीका ने काफ़ी कड़े शब्दों में पाकिस्तान को समय-समय पर चेतावनी दी है.

'भाई है अफ़ग़ानिस्तान'

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने भी दो दिवसीय पाकिस्तान यात्रा के दौरान कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि पाकिस्तान को आतंकवादियों का सफ़ाया करने के लिए और सहयोग करना होगा.

पाकिस्तान पर लगातार अमरीका की ओर से दबाव पड़ रहा है कि वह हक़्क़ानी नेटवर्क के लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करे.

अमरीका का कहना है कि यही गुट अफ़ग़ानिस्तान में विभिन्न हमलों के लिए ज़िम्मेदार है और इसके चरमपंथी पाकिस्तान में शरण लिए बैठे हैं.

करज़ई ने कहा कि अमरीका और पाकिस्तान के बीच तनाव का पाकिस्तान के प्रति उनके देश के रवैये से कोई लेना देना नहीं है.

उन्होंने कहा, "अफ़ग़ानिस्तान आपका भाई है. पाकिस्तान प्रशासन ने अफ़ग़ानिस्तान में जो कुछ भी किया है उसके बावजूद अफ़ग़ानिस्तान फिर भी आपका भाई है. अफ़ग़ान लोगों के प्रति पाकिस्तानी लोगों ने जो आदर और भाईचारा दिखाया है उसे अफ़ग़ानिस्तान कभी नहीं भूल पाएगा."

वैसे अफ़ग़ानिस्तान को लेकर पाकिस्तान की रणनीति पर अफ़ग़ानिस्तान में हमेशा से चिंता रही है और करज़ई ने एक बार फिर उसी को दोहराया.

उन्होंने कहा, "मेरे भाई ऐसे तरीक़ों का इस्तेमाल बंद कर दो जिससे हमें चोट पहुँचती है और जो अब आपको भी चोट पहुँचा रहे हैं. अब दूसरी जगह से संपर्क साधते हैं, एक ऐसी जगह से जहाँ से दो भाई बेहतर भविष्य की ओर ही बढ़ेंगे."

रब्बानी की मौत के बाद करज़ई ने कहा था कि वह अफ़ग़ान तालेबान के साथ शांतिवार्ता रोक देंगे और उसके बजाए सीधे पाकिस्तान से वार्ता करेंगे क्योंकि उसकी सेना और ख़ुफ़िया एजेंसियाँ ही चरमपंथियों को शांति की ओर ले जा सकती हैं.

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