फिर ख़ूबसूरत हुई नेपाल की फ़ेवा झील

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नेपाल में पोखरा शहर की ख़ूबसूरत फ़ेवा झील पर्यटकों के बीच ख़ासी लोकप्रिय है. यहाँ से हिमालय की चोटियों के मनमोहक नज़ारे देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आते हैं.

लेकिन फ़ेवा झील में अवांछित पौधों के होने से लोग कई सालों से परेशान रहे हैं. अब स्थानीय लोगों का कहना है कि अपनी कोशिशों से उन्होंने इन पौधों से निजात पा लिया है.

अब झील बहुत साफ़ सुथरी हो गई है वरना पिछले कुछ सालों से जलकुंभी की वजह से झील की ख़ूबसूरती पर असर पड़ रहा था.

फ़ेवा झील पोखरा घाटी के बीचों-बीच स्थित है. स्थानीय नागरिक गणेश बहादुर ढकाल कहते हैं कि सर्दियों में लोगों ने मिलकर अवांछित पौधे को हटाया और सफल रहे.

84 साल के मछुआरे बुद्धि बहादुर जलारी का कहना है कि झील के साफ़ होने से उनका काम आसान हो गया है क्योंकि वे आसानी से अपना जाल फ़ेककर काम कर सकते हैं.

पोखरा में वरिष्ठ वैज्ञानिक जयदेव बिस्ट झील में जलकुंभी के बढ़ने के लिए झील तले बिछी मिट्टी के उपजाऊ होने को ज़िम्मेदार ठहराते हैं.

वे कहते हैं, कभी-कभी फ़ॉस्फ़ोरस और नाइट्रोजन के ज़्यादा होने से मिट्टी उपजाऊ हो जाती है और फिर जलकुंभी जैसे पौधों को बढ़ावा मिलता है.

जयदेव बिस्ट मानते हैं कि लोगों ने मिलकर पौधों को जो हटाया है वो अल्पकाल में सबसे बेहतर तरीका है.

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