लोया जिरगा की सुरक्षा के दस्तावेज़ तालिबान के पास?

  • 14 नवंबर 2011
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Image caption पिछले एक साल में तालिबान ने कई महत्वपूर्ण राजनीतिक नेताओं की हत्या की है

अफ़ग़ानिस्तान में इस हफ़्ते क़बायली नेताओं की महापरिषद यानी 'लोया जिरगा' की बैठक होने जा होने जा रही है और इससे पहले तालिबान ने दावा किया है कि उसे नेताओं की सुरक्षा की योजना की प्रति मिल गई है.

तालिबान ने इसकी प्रति मीडिया को भी भेज दी है.

27 पृष्ठों के इस दस्तावेज़ में राष्ट्रपति हामिद करज़ई से लेकर उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों और कई वरिष्ठ नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी है.

काबुल के पुलिस प्रमुख ने इसका खंडन करते हुए कहा है कि ये दस्तावेज़ असली नहीं है और यह बैठक में बाधा पहुँचाने की तालिबान की साज़िश का हिस्सा है.

उल्लेखनीय है कि तालिबान ने लोया जिरगा का विरोध किया है और कहा है कि वह इस पर हमले करेगा.

इंतज़ाम की जानकारी

जो प्रति तालिबान ने मीडिया को भेजी है उसमें अधिकारियों के नाम और पदनाम का ज़िक्र है और ये भी बताया गया है कि किसे कौन सी ज़िम्मेदारी सौंपी गई है.

लेकिन काबुल के पुलिस प्रमुख जनरल अय्यूब ने बीबीसी से कहा कि ये सरकारी योजना की प्रति नहीं है.

उन्होंने कहा है कि ये लोया जिरगा को न होने देने की तालिबान की साज़िश का हिस्सा है.

काबुल में बीबीसी संवाददाता ओरला ग्वेरिन का कहना है कि यदि यह असली सुरक्षा व्यवस्था की ही प्रति है तो ये अफ़ग़ान सरकार के लिए भारी शर्मिंदगी की बात होगी और इससे उन दो हज़ार से अधिक लोगों के लिए ख़तरा बनेगी जो लोया जिरगा में शामिल होने जा रहे हैं.

तालिबान ने पहले ही लोया जिरगा तो 'ग़ुलाम जिरगा' बताते हुए इस पर हमले की धमकी दी है.

लोया जिरगा में दो विषयों पर बात होनी है, एक विद्रोहियों से समझौता और दूसरा भविष्य में अमरीका से रिश्ता.

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