बर्मा करेगा 2014 में आसियान का नेतृत्व

  • 17 नवंबर 2011
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Image caption बर्मा में पिछले साल चुनाव हुए थे

आसियान के नेताओं ने 2014 में गुट का नेतृत्व बर्मा के हाथों में देने पर सहमति जताई है.

इस बात पर फ़ैसला इंडोनेशिया में आसियान की बैठक में किया गया है.

इंडोनेशिया के विदेश मंत्री मार्टी नतालेगावा ने बताया कि फ़ैसला सर्वसम्मति से लिया गया है.

उन्होंने कहा कि आसियान के सदस्य देश यह मानते हैं कि बर्मा ने लोकतंत्र बहाल करने में काफ़ी प्रगति दिखाई हैं.

आसियान की अध्यक्षता हर साल बदलती है लेकिन पिछली बार जब बर्मा का मौक़ा आया था, तो ख़राब मानवाधिकार रिकॉर्ड की वजह से उन्हें यह शीर्ष भूमिका नहीं दी गई थी.

कुछ पर्यवेक्षक कहते हैं कि बर्मा को यह स्थान देने में जल्दी की गई है क्योंकि अभी भी 600 से 1000 तक राजनैतिक बंदी जेलों में हैं.

लेकिन नतालेगावा कहते हैं कि यहा मानना ज़रूरी है कि बर्मा में हालात बदल रहे हैं.

बर्मा के राष्ट्रपति के मुख्य सलाहकार को को लैंग ने आसियान ने एक ज़िम्मेदार नेता के रूप में बर्मा का स्वागत किया है.

उन्होंने कहा, "इस बात का भरोसा रखें कि हम एक लोकातांत्रिक समाज के रूप में विकास कर रहे हैं. लोगों की भावनाओं के मुताबिक़ सरकार की जो ज़िम्मेदारी बनती है उसे हम निभाएंगे "

उम्मीद

वहीं अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस बैठक से पहले कहा कि बर्मा को अभी काफ़ी कुछ और करना है.

ऑस्ट्रेलियाई संसंद में भाषण के दौरान उन्होंने कहा, "कुछ राजनैतिक बंदियों को रिहा किया गया है और सरकार ने बातचीत भी शुरू की है. लेकिन फिर भी मानवाधिकार उल्लंघन जारी है. इसलिए हम बर्मा की सरकार से से लगातार बात कर रहे हैं कि उन्हें और कौन से क़दम उठाने है जिससे उनके अमरीका से रिश्ते बेहतर बनें."

बर्मा में दशकों बाद पिछले साल चुनाव कराए गए थे. इस चुनाव के बाद सैन्य शासन की जगह सेना समर्थित सरकार ने ली थी.

बर्मा की नई सत्ता ने इसके बाद लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सान सू ची को नज़रबंदी से रिहा किया था.

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