काबुल में दो रॉकेट हमले

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Image caption हाल ही में हुई कई राजनीतिक हत्याओं ने तालिबान से चल रही शांति वार्ता को पटरी से उतार दिया है

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में दो रॉकेट दागे गए हैं और माना जा रहा है कि इन्हें वहाँ चल रहे लोया जिरगा के नेताओं को निशाना बनाकर दागा गया.

अधिकारियों का कहना है कि दोनों रॉकेट अपना निशाना चूक गए लेकिन इस घटना में एक नागरिक घायल हुआ है.

फ़िलहाल ये स्पष्ट नहीं है कि रॉकेट किसने दागे थे.

काबुल में तालिबान की धमकियों के बीच अफ़ग़ानिस्तान के 2000 क़बायली और राजनीतिक नेताओं की लोया जिरगा यानी महासभा हो रही है.

इन धमकियों के बाद वहाँ सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी और काबुल तो मानो छावनी में तब्दील कर दिया गया था.

करज़ई की अपील

राष्ट्रपति करज़ई ने बुधवार को बैठक की शुरुआत करते हुए विद्रोही चरमपंथियों से शांति समझौते की संभावना पर चर्चा करने की अपील की थी.

वे चाहते हैं कि लोया जिरगा में अफ़ग़ानिस्तान और अमरीका के बीच सामरिक समझौते की संभावना पर भी विचार किया जाए.

उन्होंने उन शर्तों की चर्चा की थी जिसके तहत लंबे समय तक अमरीका को अफ़ग़ानिस्तान में सैन्य अड्डे बनाए रखने की अनुमति दी जा सकती है.

उल्लेखनीय है कि अमरीका ने वर्ष 2014 तक अपने सैनिकों को अफ़ग़ानिस्तान से निकाल लेने की घोषणा की है.

विदेशी सैनिकों की वापसी के बाद अफ़ग़ानिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था सरकार की बड़ी चिंताओं से एक है.

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