अफ़ग़ानिस्तान में 28 लाख सूखे की चपेट में

  • 18 नवंबर 2011
अफ़ग़ानिस्तान में सूखा इमेज कॉपीरइट AP
Image caption उत्तरी अफ़ग़ानिस्तान के सूखाग्रस्त इलाक़ों का सर्दी के दिनों में बाक़ी के देश से संपर्क टूट जाएगा

अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि उत्तरी अफ़ग़ानिस्तान में सूखे की वजह से क़रीब 28 लाख लोग संकट की स्थिति में हैं और सर्दियों की वजह उनका बाक़ी के देश से संपर्क टूट जाएगा.

राहत एजेंसी 'ऑक्सफ़ैम' और 'सेव द चिलड्रन' के मुताबिक़ सूखे के चलते फ़सल को काफ़ी नुकसान पहुँचा है और अब वहाँ रह रहे लोगों के पास खाद्य सामाग्री की भारी कमी हो गई है.

इन एजेंसियों के अनुसार सर्दियों में बर्फ़ पड़ने के बाद उत्तरी अफ़ग़ानिस्तान के कई इलाकों में बाहर से खाद्य एवं अन्य राहत सामाग्रियां पहुचाँना कठिन हो जाएगा.

बीबीसी संवाददाता माइक थॉमसन के अनुसार संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम की तरफ़ से उत्तरी अफ़ग़ानिस्तान के सूखा पीड़ितों के लिए आर्थिक मदद मांगी गई थी.

हालाँकि संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम को अफ़ग़निस्तान के सूखा पीड़ितों कि लिए उम्मीद के मुताबिक़ मदद नही मिल पाई है.

'28 लाख लोग सूखे से पीड़ित'

अफ़ग़ानिस्तान के बामयान प्रांत से हाल ही में लौटे बीबीसी संवाददाता माइक थॉमसन के मुताबिक़ देश के 34 प्रांतों में से 14 में लगभग 28 लाख लोग सूखे से पीड़ित है.

संयुक्त राष्ट्र के एक अनुमान के मुताबिक़ अफ़ग़ानिस्तान की साल भर की फ़सल सूखा पड़ने के कारण चौपट हो गई है.

सूखाग्रस्त इलाकों में गुज़र-बसर कर रहे कई लोगों को अपने पालतू जानवर बेचने पड़े हैं. इसके बावजूद ज़्यादातर लोगों के पास सिर्फ़ एक या दो महीने का राशन बचा है.

बामयान के एक नागरिक ने बीबीसी संवाददाता माइक थॉमसन को बताया, ''हमें नही पता कि सर्दियों में हमारे साथ क्या होगा. हमारे बच्चे भूख या ठंड से मर सकते हैं और जानवर पहले ही मारे गए हैं.''

'ऑक्सफ़ैम' और 'सेव द चिलड्रेन' के मुताबिक़ गेहूँ और अन्य खाद्य सामाग्रियों के दामों में बेतहाशा वृद्धि हुई है.

ऐसी स्थिति में पहले से ही कर्ज़ के बोझ तले दबे ज्यादातर लोग खाने-पीने की चीजों को खरीद पाने में असमर्थ हैं.

अफ़ग़ानिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित समस्याओं के कारण भी राहत कार्यो में बाधा पहुँच रही है.

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