बांग्लादेश में हिंदुओं के दमन पर रिपोर्ट

  • 1 दिसंबर 2011
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Image caption मानवाधिकार समूहों की अपील के बाद ढाका हाईकोर्ट ने न्यायिक आयोग के गठन का आदेश दिया था

बांग्लादेश सरकार का कहना है कि एक जाँच से पता चला है कि मुख्य विपक्षी दल बीएनपी के कार्यकर्ताओं ने दस साल पहले देश में हिंदू अल्पसंख्यकों का हिंसक दमन किया था.

एक रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग दस साल पहले मुख्य विपक्षी दल और उनके सहयोगियों के हज़ारों कार्यकर्ता हिंदुओं और अन्य राजनीतिक विरोधियों के दमन में लिप्त थे.

2001 में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की अगुआई वाले गठबंधन के चुनाव जीतकर सत्ता में आने के बाद आरोप लगे थे कि हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले हुए हैं जिससे उन्हें भागकर भारत में शरण लेनी पड़ी.

बीएनपी के सत्ता से बाहर होने के बाद इन आरोपों की जाँच के लिए तीन सदस्यों वाले एक न्यायिक आयोग का गठन किया गया था जिसने दो साल की जाँच के बाद अपनी रिपोर्ट पेश की है.

मगर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने इन आरोपों से इनकार किया है.

जाँच और आरोप

बांग्लादेश में एक मानवाधिकार गुट ने हिंदुओं पर हमले की जाँच की अपील की थी जिसके बाद बांग्लादेश हाईकोर्ट ने आयोग के गठन का आदेश दिया था.

हिंदू नेताओं ने आरोप लगाए थे कि बीएनपी गठबंधन के सत्ता में आने के बाद उनपर हमले होने लगे, जिनमें हत्याएँ, लूट-पाट और बलात्कार जैसे मामले शामिल हैं.

उन्होंने कहा कि गठबंधन में शामिल इस्लामी पार्टियों ने उन्हें ख़ासतौर से निशाना बनाया क्योंकि उन्होंने उनकी प्रतिद्वंद्वी अवामी लीग को वोट दिए थे.

आयोग ने अपनी जाँच में 25 हज़ार से अधिक लोगों को हिंदुओं पर हमले का ज़िम्मेदार ठहराया है जिनमें 25 पूर्व मंत्री भी शामिल हैं.

अवामी लीग सरकार ने कहा है कि इन लोगों पर जल्दी ही मुक़दमा चलाया जाएगा.

मगर बीएनपी के एक वरिष्ठ नेता मोदूद अहमद ने कहा,"ये हास्यास्पद है. इस रिपोर्ट का कोई मतलब नहीं. ये विपक्ष के ख़िलाफ़ राजनीतिक विद्वेष को प्रकट करनेवाली रिपोर्ट है."

बांग्लादेश के हिंदू

एक अनुमान है कि 1947 में भारत के बँटवारे के समय पूर्वी पाकिस्तान में लगभग 30 प्रतिशत आबादी हिंदुओं की थी.

मगर हिंदू नेता बताते हैं कि योजनागत तरीक़े से हुए दमन के कारण तब से, और 1971 में बांग्लादेश के जन्म के बाद से बड़ी संख्या में हिंदू वहाँ से पलायन कर चुके हैं.

उनके अनुसार अब बांग्लादेश में हिंदुओं की आबादी घटकर लगभग 11 प्रतिशत रह गई है.

हिंदू नेताओं का कहना है कि 2009 में अवामी लीग के सत्ता में आने के बाद स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है.

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