‘खूंख़ार’ चीनी ड्रैगन को देखकर भड़का लोगों का गुस्सा

  • 6 जनवरी 2012
Image caption ड्रैगन का चिन्ह लिए डाक टिकट पहली बार 1878 में क्विंग राजवंश के दौर में जारी किया गया था.

सदियों से चीन की ताकत का प्रतीक रहे ड्रैगन को ‘खूंख़ार और गुस्सैल’ रुप देकर चीनी सरकार भले ही उसकी ताकत का लोहा मनवाना चाहती हो लेकिन चीन के लोगों को ड्रैगन का ये नया रुप रास नहीं आ रहा है.

चीन में साल 2012 को ‘ईयर ऑफ़ द ड्रैगन’ के रुप में मनाया जाएगा और इस मौके पर सरकार की ओर से जारी एक नए डाक टिकट ने लोगों में रोष पैदा कर दिया है.

सरकार की ओर से जारी इस नए डाक टिकट को देखकर चीन की एक महिला लेखक ने कहा कि ‘ये ड्रैगन अपने लंबे पैने दातों, नुकीले पंजों और फैले हुए जबड़े के साथ इतना ‘ख़ौफ़नाक’ दिखता है कि इससे देखते ही एकबार को मैं सिहर गई.’

हालांकि इस डाक टिकट को जारी करने वाली चाइना पोस्ट का कहना है कि एक ताकतवर प्रतीक के रुप में चीनी ड्रैगन को ये रुप देना ज़रूरी था. संस्था की मानना है कि ड्रैगन का ये रुप चीन के इतिहास और वर्तमान को दर्शाएगा.

'मज़बूत छवि ज़रूरी'

चीन के एक समाचार ने संस्था के प्रतिनिधि चेन शाओहुआ के हवाले से बताया, ''रोज़मर्रा ज़िंदगी में लोग ड्रैगन को बुराईयों को दूर रखने वाले, आपदाओं से रक्षा करने वाले और आशीर्वाद देने वाले प्रतीक के रुप में देखते हैं इसलिए ड्रैगन की ये मज़बूत छवि ज़रूरी थी.''

हालांकि चीन की फ़ोटो-जर्नलिस्ट एसोसिएशन के सदस्य शू लिन कहते हैं, ''चीनी ताकत के प्रतीक ड्रैगन का ये नया रुप अगर बाहरी दुनिया के लिए होता तो शायद ये छवि जायज़ थी लेकिन डाक टिकट का ये रुप गैर-ज़रूरी है क्योंकि इसका इस्तेमाल ज़्यादातर देश के भीतर ही किया जाएगा.''

इस पूरे विवाद ने नए डाक टिकट में लोगों की रुचि बढ़ा दी है और इसे ख़रीदने के लिए बड़ी संख्या में डाकघरों के आगे भीड़ जमा है. कई डाकघरों में तो बेहद कम समय में सभी टीकट बिक चुके हैं.

चीन में ड्रैगन का चिन्ह लिए डाक टिकट पहली बार 1878 में क्विंग राजवंश के दौर में जारी किया गया था.

चीन और दुनियाभर में उसके आमो-खास प्रतिनिधि 23 जनवरी 2012 को ‘ईयर ऑफ़ द ड्रैगन’ का शुभारंभ करेंगे.

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