'अमरीका ने दी बंदियों को यंत्रणा'

  • 8 जनवरी 2012
बगराम
Image caption बगराम जैसे बंदीगृहों को लेकर दुनिया भर में विरोध प्रदर्शन हुए हैं.

अफ़गानिस्तान में जांचकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि अमरीका बगराम जेल मे मौजूद बंदियों को यातनाएं दे रहा है और बहुत सारे क़ैदियों को बिना किसी सबूत के क़ैद में रखा गया है.

ये आरोप अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई के उस बयान के कुछ ही दिनों में आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि अमरीका एक माह के भीतर बगराम हवाई अड्डा अफ़गानिस्तान के हवाले कर दे.

इस मांग को लेकर अमरीका में आश्चर्य जताया गया था क्योंकि अमरीकी सेना की अफ़गानिस्तान से वापसी की प्रक्रिया जारी है.

दुर्व्यवहार

राजधानी काबुल में अमरीकी दुतावास के एक प्रवक्ता का कहना था, "हम बंदियों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप को गंभीरता से लेते हैं और इस पूरे मामले की छानबीन की जाएगी."

बंदियों के साथ दुर्व्यवहार की जांच करने वाली समीति के प्रमुख गुल रहमान क़ाज़ी का कहना है कि क़ैदियों ने मार-पीट, अपमानजनक तरीक़े की शारिरिक जांच और कड़कड़ाती ठंड में बाहर रखे जाने जैसी यातनाओं की शिकायतें की हैं.

गुल रहमान क़ाज़ी ने काबुल में एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि जेल में हमारे दौरे के बीच कुछ क़ैदियों ने दुर्व्यवहार की शिकायत की तो कुछ का कहना था कि उन्हें यातनाएं दी गई हैं.

उन्होंने 71-वर्षीय अब्दुल जब्बार का उदाहरण दिया जिसने शिकायत की थी कि उसे अंधेरे कमरे में रखा गया और एक बार पिटाई के दौरान जिसके दांत निकल गए थे.

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Image caption राष्ट्रपति हामिद करज़ई और अमरीका के बीच पिछले दिनों संबंध तनावपुर्ण रहे हैं.

गुल रहमान क़ाज़ी का कहना था कि बंदियों के शरीर पर यातनाओं का कोई चिन्ह मौजूद नहीं था लेकिन उन्होंने इसकी शिकायत की.

सैनिक अड्डा

बगराम जेल, जिसका आधिकारिक नाम परवान नज़रबंदी केंद्र है, अफ़गानिस्तान में नेटो सेना का सबसे बड़ा सैनिक अड्डा है और वहां तक़रीबन तीन हज़ार बंदी मौजूद हैं, जिनमें से कुछ पर आतंकवादी होने का आरोप लगाया है.

बंदियों की स्थिति अमरीका और अफ़गानिस्तान के बीच बातचीत का एक मुख्य मुद्दा है.

राष्ट्रपति करज़ई ने पांच जनवरी को ये बयान दिया कि बंदीगृह को महीने भर के भीतर अफ़गानिस्तान के हवाले कर दिया जाए, जिसके साथ ही उन्होंने हस्तांतरण को लेकर एक जांच समीति के गठन का भी एलान कर दिया.

रिश्ते

ये क़दम हामिद करज़ई और अमरीका के बिगड़ते रिश्तों की एक और कड़ी थी.

हामिद करज़ई इस बात से नाराज़ हैं कि अफ़गानिस्तान में मौजूद दूसरे गुटों से बातचीत कर रहा .

वो इस बात से भी ख़फ़ा है कि तालिबान क़तर में एक कार्यालय की स्थापना करने जा रहा है ताकि अमरीका के साथ आगे की बातचीत आसानी से संभव हो सके.

अमरीका ने इसके जवाब में कहा था कि बंदीगृह को सौंपने के समय को लेकर उसके और अफ़गान सरकार के बीच बातचीत जारी है और उसपर काम जारी रहेगा.

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