नैटो ने अफगानिस्तान से कार्यकर्ता वापस बुलाए

  • 26 फरवरी 2012
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Image caption हमला ऐसी जगह हुआ जो अफग़ानिस्तान में सबसे सुरक्षित होनी चाहिए थी.

अफग़ानिस्तान के आंतरिक मामलों के कार्यालय पर हुए हमले में दो अमरीकी उच्च सैन्य अधिकारियों की मौत के बाद, नैटो ने अफग़ानिस्तान की सरकार के साथ काम कर रहे अपने सभी कार्यकर्ताओं को वापस बुला लिया है.

ये लोग सरकार में सलाहकार के तौर पर काम कर रहे थे.

नैटो का कहना है कि एक 'व्यक्ति' ने सैन्य अधिकारियों पर गोली चलाई थी और न तो उस शख़्श की कोई शिनाख़्त हो पाई है और न ही वो पकड़ में आया है.

नैटो के कमांडर जनरल जॉन ऐलेन ने हमले को 'कायरतापुर्ण' क़रार दिया है.

प्रश्न

ये हमला तब हुआ जब अफग़ानिस्तान में पिछले पांच दिनों से अमरीकी सैनिकों के पवित्र क़ुरान जलाने को लेकर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं.

अधिकारियों का कहना है कि हमले के बाद आंतरिक मामलों के मंत्रालय को बंद कर दिया गया है.

बीबीसी संवाददाता ओरला गुएरिन के अनुसार भवन के भीतर आठ गोलियां चलाए जाने की बात कही जा रही है, एक ऐसे स्थान पर जिसे काबुल में सबसे सुरक्षित होना चाहिए था, और जिसने भी ये हमला किया उसके पास ऐसी जगह जाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की ओर से इज़ाज़त प्राप्त होगी.

Image caption क़ुरान को जलाए जाने को लेकर मंगलवार से विरोध-प्रदर्शन जारी हैं.

स्थानीय मीडिया का कहना है कि बंदूकधारी एक अफग़ान पुलिसकर्मी था हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है.

ख़बरों के मुताबिक़ हमले से पहले किसी मामले को लेकर 'बहस' हुई थी.

जवाब

जनरल जॉन ऐलेन ने कहा है, "हम इस मामले से जुड़े सभी सुरागों की जांच करेंगे और हमले के लिए ज़िम्मेदार लोगों की कार्रवाई का पूरी ताक़त से जवाब दिया जाएगा."

काबुल से बीबीसी संवाददाता बिलाल सरवरी का कहना है कि घटना ने ये सवाल खड़ा कर दिया है कि हमलावर देश के सबसे सुरक्षित स्थान में किस तरह से प्रवेश पा गया, वो जगह जहां से पूरी सुरक्षा व्यवस्था का संचालन होता है.

अफग़ानिस्तान में मौजूद सुरक्षा व्यवस्था तालिबान और बाग़ी सिपाहियों के हाथों नैटो की फ़ौजो पर किए जाने वाले हमलों को रोकने में असफ़ल रही है.

अफग़ानिस्तान के एक जनरल ने कहा कि "ये एक ऐसी डरावनी स्थिति है जो समाप्त होने का नाम नहीं ले रही है."

राष्ट्रपति के एक सलाहकार का कहना था कि इसके कारण नैटो अधिकारियों और उनके साथ काम करने वाले अफग़ानिस्तान के अधिकारियों के बीच सन्देह और अविश्वास की स्थित पैदा हो गई है.

घाटा

नैटो सलाहकारों के चले जाने से कई अहम मामले स्थिल हो जाएंगे, वो मामले जो तकनीकी क्षेत्र में सहायता के हैं, ख़ुफ़िया जानकारियों के आदान-प्रदान को लेकर हैं और सुरक्षा व्यवस्था स्थापित करने से जुड़े हैं.

ब्रितानी विदेश मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि उसने संगठनों और विभागों से सलाहकारों को अस्थाई तौर पर वापस बुला लिया है.

अमरीकी ने कहा है कि अफग़ानिस्तान के रक्षा मंत्री जनरल अब्दुल रहीम वारदाक ने अमरीका के रक्षा मंत्री लियोन पनेटा को फ़ोन कर हमले के लिए माफ़ी मांगी है.

तालिबान

तालिबान ने एक वेबसाइट के ज़रिए बयान जारी करके कहा है कि ये हमला उसने किया है जो क़ुरान के जलाए जाने के विरोध में है.

इधर पूरे देश में क़ुरान को जलाए जाने की घटना के बाद विरोध जारी है और शनिवार को कुन्दुज़ शहर में संयुक्त राष्ट्र के एक परिसर में आग लगा दी गई.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि लोग क़ुरान जलाने वाले सैनिकों के ख़िलाफ़ सख़्त कारवाई की मांग कर रहे हैं.

देश में मंगलवार से जारी विरोधों के दौरान तक़रीबन 30 लोगों की मौत हो चुकी है.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने क़ुरान जलाए जाने की घटना पर माफ़ी मांगी थी.

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