बौद्ध नेताओं की 72 धार्मिक इमारतें ढहाने की मंशा

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श्रीलंका में सरकार के एक मस्जिद को ढहा कर कहीं और बनाने के फैसले के बाद, दाम्बुला के बौद्ध धार्मिक नेताओं ने कहा है कि उनकी दूसरे धर्मावलंबियों के 72 और धार्मिक इमारतों को ढहाने की मंशा है. इन इमारतों में एक मस्जिद और एक तमिल हिंदू मंदिर शामिल हैं.

कोलंबों में बीबीसी संवाददाता चार्ल्स हेलिलैंड के साथ बातचीत में दाम्बुला के बौद्ध धार्मिक नेताओं ने दावा किया कि ये धार्मिक स्थल गैरकानूनी हैं.

एक बौद्ध भिज्ञु ने बीबीसी से कहा कि इन धार्मिक स्थलों को हटाने की कार्रवाई जरूरी है क्योंकि श्रीलंका ही 'एक ऐसा देश है जहां बौद्ध धर्म को संरक्षण हासिल है और यदि गैर-कानूनी कब्जे जारी रहे तो बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए कोई जमीन बाकी नहीं बचेगी.'

मस्जिद पर हमले की कोशिश

श्रीलंका के दाम्बुला में कुछ कट्टरपंथी बौद्ध धर्मावलंबियों ने शुक्रवार को एक मस्जिद पर हमला करने की कोशिश की थी.

इसके बाद सरकार ने कहा था कि मस्जिद को ढहाकर उसे दूसरी जगह बनाया जाएगा.

बौद्ध धर्मावलंबियों का कहना है कि मस्जिद जिस जगह बनी है वो उनका पवित्र स्थल है और मस्जिद को अनाधिकृत तौर पर बनाया गया था.

हालांकि श्रीलंका में मुसलमानों की संस्था मुस्लिम काउंसिल ऑफ़ श्रीलंका का कहना है कि मस्जिद 50 साल पूरानी है और उसका निर्माण पूरी तरह से कानूनी दायरे में है.

मुस्लिम नेता मोहम्मद सलीमदीन ने समाचार एजेंसी एपी से कहा है कि इस क्षेत्र को बीस साल पहले पवित्र क्षेत्र घोषित किया गया था लेकिन मस्जिद वहां उससे काफी पहले से मौजूद है.

'सिन्हला खून, समुदाय प्रेम'

शुक्रवार को मस्जिद पर अग्नि बम फेंके गए थे.

हमले के बाद में उपलब्ध हुए विडियो में एक बौद्ध भिज्ञु को भड़काऊ भाषण देते हुए दिखाया गया जिसमें वो कह रहे थे कि मुस्लिमों के भवन के खिलाफ मुहिम उन सबके लिए एक जीत है 'जिनके रगों में सिंहाला खून दौड़ रहा है, जो इस समुदाय से प्रेम करते हैं और जो बौद्ध धर्म से संबंध रखते हैं.'

कोलंबो में बीबीसी संवाददाता चार्ल्स हैवीलैंड का कहना है कि एक बौद्ध भिक्षु ने मस्जिद के सामने जाकर अपने कपड़े कुछ इस तरह से हटाए कि उसे धार्मिक स्थल के अनादर के तौर पर देखा जा सकता है.

शुक्रवार की घटना के बाद से मुसलमानों में रोष है और समुदाय के नेताओं ने कहा है कि कट्टरपंथी बौद्ध धर्मावलंबी देश के मुख्य समुदायों के बीच कलह और द्वेष फैलाने की कोशिश कर रहे हैं.

राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे इस समय विदेश के दौरे पर हैं लेकिन उनकी सरकार में मौजूद मुस्लिम नेताओं ने मस्जिद को ढहाने के सरकारी फैसले की निंदा की है.

हालांकि श्रीलंका के बहुसंख्यक सिंहाला समुदाय के अधिकांश लोगों का संबंध बौद्ध धर्म से है लेकिन तमिल हिंदूओ के बाद मुसलमान वहां का तीसरा बड़ा धार्मिक समुदाय हैं.

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