अफगानिस्तान में देखिए आसमान में तारे......

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Image caption अफगानिस्तान में बच्चों को तारे देखने के लिए चश्मे दिए गए हैं

अफगानिस्तान में एक अभियान के तहत स्कूलों, शरणार्थी शिविरों और अनाथालयों में बच्चों को खगोल विद्या के लिए प्रेरित किया जा रहा है.

इस अभियान के पीछे शौकिया खगोलविद्, सरकारी अधिकारी और विज्ञान से जुड़े लोग हैं जो काबुल के आसपास बच्चों को वो उपकरण दे रहे हैं जिनसे आसमान में तारे देखे जा सकेंगे.

तारों की खोज नाम की इस परियोजना के तहत पहली बार युवा छात्रों के लिए खगोल विद्या का पाठ्यक्रम बनाया जा सकेगा.

इस्लाम में नक्षत्र विज्ञान की लंबी परंपरा रही है और अभियान के तहत इसे अन्य देशों में पहुंचाने की कोशिश हो रही है.

इस परियोजना की अगुआई कर रहे क्रिस्टोफर फिलिप्स का कहना था, ‘‘ यूरोप में जब कथित रुप से अंधकार युग चल रहा था तब इस्लामिक सभ्यता खगोल विद्या और भौतिक शास्त्र में बहुत आगे थी जिसने आधुनिक विज्ञान को एक आकार दिया.’’

उनके अनुसार, ‘‘ पिछले कुछ समय में इसे दबा दिया गया था. हमें ये बताया गया कि आकाश अल्लाह का साम्राज्य है और आकाश को नक्षत्र विज्ञान के ज़रिए समझना गैर इस्लामी है. लेकिन हम चाहते हैं कि अफगानिस्तान के बच्चे अपनी इस परंपरा को जाने समझें और शिक्षा के ज़रिए इसका फायदा उठाएं.’’

यह परियोजना इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन एस्ट्रॉनॉमर्स विथाउट बार्डर्स और अफ़गानिस्तान एस्ट्रोनॉमी एसोसिएशन ने मिलकर शुरु की है जिसे अफगानिस्तान के शिक्षा मंत्रालय का समर्थन हासिल है.

इसमें खगोल विद्या से जुड़े हर विषय को अंग्रेजी और पश्तो में पढ़ाया जा रहा है. इसमें एक पुस्तक होगी जिसमें खगोल विद्या के बारे में मूलभूत जानकारियां होंगी.

बच्चों को सूर्य देखने के लिए चश्मों के अलावा तारे देखने के लिए भी उपकरण दिए जाएंगे. देश में बच्चों को शिक्षा से जुड़ी मूलभूत सुविधाएं नहीं है इसलिए बच्चों को पेंसिल पेपर भी परियोजना के तहत मिलेंगी.

फिलिप्स कहते हैं कि उनकी कोशिश है कि बच्चों को पूरे ब्रम्हांड से परिचित कराना ही उनका उद्देश्य है.

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