विज्ञान 2005
 
 
 
 
 
 
कंप्यूटर/इंटरनेट- भाग 2
 
 
 
 
 
 
 
 
 

इस साल स्काइप की मुफ़्त इंटरनेट टेलीफ़ोन सेवा की तर्ज़ पर गूगल ने भी गूगल-टॉक नामक अपनी सेवा शुरू की. उधर स्काइप कंपनी को मशहूर ऑनलाइन नीलामी कंपनी ईबे ने ख़रीद लिया है.

इस साल यह बात उभर कर सामने आई कि इंटरनेट के ज़रिए सहायता संस्था कम समय में ज़्यादा धन जुटा सकते हैं. सूनामी के बाद के दो सप्ताह में चैरिटी संस्थाओं ने करोड़ो डॉलर जमा किए.

इस साल जनपत्रकारिता में तकनीक के उपयोग की भी मिसाल बनी. लंदन में जुलाई में हुए बम हमलों के आरंभिक तस्वीरें वो थीं जो आम लोगों ने अपने मोबाइल फ़ोन के कैमरों से खींचे थे.

इसी तरह दिसंबर में लंदन के पास एक तेल डिपो में लगी भयानक आग की शुरूआती रिपोर्टिंग भी शौकिया पत्रकारों ने ही की. भारत में भी मुंबई में हुई भयंकर बारिश से मची तबाही की रिपोर्टिंग में आम लोगों के कैमरा फ़ोनों की अहम भूमिका रही.

भारत में भी आमजीवन में इंटरनेट के नित नए प्रयोग हो रहे हैं. भारतीय रेल ने मोबाइल फ़ोन के एसएमएस संदेश के ज़रिए टिकट बुक कराने की सेवा शुरू की है. इंटरनेट से रेलवे टिकट बुक कराने की सुविधा तो पहले से ही थी.

भारत में ही बंगलौर की एनकोर कंपनी ने सस्ते लैपटॉप कंप्यूटर विकसित किए हैं.
 
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