आज़ाद भारत:मुख्य पड़ाव
 
 
 
 
 
 
 
पहला परमाणु परीक्षण
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
आज़ाद भारत के मुख्य पड़ाव

आज़ाद भारत के मुख्य पड़ाव

 

पाकिस्तान से लड़ाई के तीन साल बाद 18 मई 1974 को भारत ने पोखरण में परमाणु परीक्षण कर विश्व पटल पर अपनी सैन्य ताकत दर्ज कराने की कोशिश की.

तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इसे शांतिपूर्ण परमाणु परीक्षण करार दिया. इसके साथ ही अमरीका, सोवियत संघ (तत्कालीन), ब्रिटेन, फ्रांस और चीन के बाद भारत छठा ऐसा देश बन गया जिसने परमाणु परीक्षण किया है.

इस परमाणु बम का वजन 1400 किलोग्राम था और इसकी क्षमता 12 किलोटन आँकी गई. पहले परीक्षण में परमाणु वैज्ञानिक राजा रमन्ना की मुख्य भूमिका रही.

अमरीका ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह 1968 के परमाणु अप्रसार संधि के प्रतिकूल है. अमरीका ने यह भी कहा कि इससे भारतीय महाद्वीप में हथियारों की होड़ बढ़ेगी.

अमरीका ने भारत को परमाणु सामग्री और इंधन की आपूर्ति रोक दी. साथ ही कई तरह के और प्रतिबंध लगा दिए गए.

हालाँकि संकट की इस घड़ी में सोवियत रूस ने भारत का साथ दिया.
 
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