न्यूज़ीलैंड के पलटवार के असर से बचना होगा

  • आदेश कुमार गुप्त
  • खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
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महेंद्र सिंह धोनी

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच पांच मैचों की मौजूदा एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सिरीज़ का तीसरा मैच रविवार को मोहाली में खेला जाएगा.

इससे पहले न्यूज़ीलैंड ने दिल्ली के फ़िरोज़शाह कोहला मैदान में खेले गए दूसरे एकदिवसीय मैच को बेहद रोमांचक अंदाज़ में केवल 6 रन से जीता.

इसके साथ ही उसने सिरीज़ में 1-1 की बराबरी भी हासिल कर ली और भारत के मौजूदा दौरे पर अपनी पहली जीत का स्वाद भी चखा.

पहले तो लगातार तीन टेस्ट मैच और उसके बाद पहला एकदिवसीय मैच हारने के बाद न्यूज़ीलैंड को हौसले पस्त नज़र आ रहे थे.

दिल्ली में मिली जीत से उनके दिल को बड़ी राहत मिली होगी.

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केन विलियमसन

हांलाकि दिल्ली में उनके बल्लेबाज़ 9 विकेट खोकर 242 रन ही बना सके थे.

और एक समय जीत के लिए 243 रनों की पीछा करते हुए जब तक भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और केदार जाधव की जोड़ी मैदान पर थी तब तक भारत की जीत की उम्मीद भी थी.

धोनी 65 गेंदों पर तीन चौक्को की मदद से 39 रन बनाकर आउट हुए.

उनकी रन बनाने की रफ्तार बताती है कि न्यूज़ीलैंड के गेंदबाज़ो ने कितनी कसी हुई गेंदबाज़ी की.

केदार जाधव ने 37 गेंदों पर 41 रन बनाए.

लेकिन उनके खेलने का तरीका बता रहा था कि वह कभी भी आउट हो सकते हैं.

इसके बाद हार्दिक पांड्या ने 36 और उमेश यादव ने नाबाद 18 रन बनाकर भारत की जीत दिलाने की बेहद कोशिश की लेकिन न्यूज़ीलैंड के खिलाडियों की ज़बरदस्त फिल्डिंग ने भी आखिरकार उसकी जीत में अहम भूमिका निभा ही दी.

न्यूज़ीलैंड के कप्तान केन विलियमसन की कप्तानी की भी दाद देनी होगी.

उन्होंने मार्टिन गप्टिल से एक ओवर कराया जो मैच का टर्निंग पाइंट बन गया.

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मार्टिन गप्टिल

उनकी पहली गेंद पर पहले तो खतरनाक होते जा रहे अक्षर पटेल सैंटनर को कैच दे बैंठे.

उसके बाद उनकी पांचवी गेंद पर अमित मिश्रा भी कैच देकर चलते बने.

लगातार दो विकेट गिरने से भारतीय टीम की लय बिगड गई.

इससे पहले केन विलियमसन ने ही न्यूज़ीलैंड के लिए 118 रनों की शतकीय पारी खेली.

उनके अलावा टॉम लैथम ने 46 रन बनाए.

बाकि बल्लेबाज़ो का तो यह हाल था कि सात तो दो अंको तक भी नही पहुंचे.

ऐसे में मोहाली में अगर कोरी एंडरसन, मार्टिन गप्टिल, ल्यूक रोंकी और रोस टेलर बड़ा स्कोर नही बना पाते है तो फिर उनके गेंदबाज़ भी कहां तक टीम को बचा पाएंगे.

वैसे भारत के सलामी बल्लेबाज़ रोहित शर्मा दोनों मैचों में 14 और 15 रनों की पारी ही खेल सके हैं.

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रोहित शर्मा

वह जब भी बड़ी बारी खेलते है तब-तब भारत का स्कोर भी बडा बनता हैं.

ख़ैर अभी तक तो भारत ने ही दोनो बार न्यूज़ीलैंड को पहले बल्लेबाज़ी की दावत दी है.

भारतीय गेंदबाज़ो ने टेस्ट सिरीज़ के बाद एकदिवसीय सिरीज़ में भी अभी तक न्यूज़ीलैंड के बल्लेबाज़ो को काबू में रखा है.

अमित मिश्रा, हार्दिक पांड्या के अलावा उमेश यादव और जसप्रीत बुमराह का जादू अभी तक चला है.

लेकिन ख़ुद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अपना स्वभाविक अंदाज़ शायद खो बैठे हैं. उन पर दबाव बढ़ता जा रहा है.

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