रांची में सिरीज़ जीतने उतरेगी टीम इंडिया

  • आदेश कुमार गुप्त
  • खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए

मोहाली में खेले गए तीसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच को सात विकेट से अपने नाम करने वाली भारतीय टीम अब बुधवार को न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ रांची में चौथा मैच खेलेगी.

यह भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का अपना मैदान है. महेंद्र सिंह धोनी ने पिछले लम्बे समय से अपने कंधों पर पड़ी ज़िम्मेदारी के भार को एक ही झटके में उतारकर मोहाली में आक्रामक अंदाज़ में बल्लेबाज़ी की.

मोहाली में वह नम्बर चार पर बल्लेबाज़ी करने उतरे. उन्होंने 91 गेंदो पर 80 रन बनाए.

उनके और विराट कोहली के बीच तीसरे विकेट के लिए 151 रनों की साझेदारी हुई.

इससे जीत के लिए 286 रनों जैसे बड़े लक्ष्य को भी भारत ने आसानी से केवल तीन विकेट खोकर हासिल किया.

धोनी ने अपनी पारी में तीन छक्के भी हेलीकॉप्टर शॉट से लगाए. उनका फुटवर्क, फिटनेस, शॉट्स का चयन सब कुछ बेहतरीन था.

ऐसा लगा जैसे पुराना धोनी लौट आया है. बाद में ख़ुद धोनी ने भी स्वीकार किया कि नम्बर पांच या छह पर बल्लेबाज़ी करते हुए वह खुलकर शॉट्स नही खेल सकते, ख़ासकर जब उनके बाद एकाध ही बल्लेबाज़ हो. उठाकर खेले गए शॉट्स भी वह तभी खेल सकते थे जब उन्हे पूरा भरोसा हो कि कैच होने का खतरा नही है.

उन्होंने यह भी कहा कि अब भारत का ऊपरी क्रम इतना ज़बरदस्त है कि उन्हें बाद में बल्लेबाज़ी करने का अधिक अवसर नही मिल पा रहा था. दूसरी तरफ विराट कोहली ने हमेशा की तरह बेहतरीन बल्लेबाज़ी की.

जब तक धोनी विकेट पर रहे तब तक वह नियंत्रित बल्लेबाज़ी करते रहे. धोनी के आउट होने के बाद उन्होंने तेज़ गति से रन बनाए.

उन्होंने नाबाद 154 रन बनाए. यह उनके एकदिवसीय अंतराष्ट्रीय क्रिकेट करियर का 26वां शतक था.

इसके बावजूद भारत की सलामी जोड़ी रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे अभी तक कोई बड़ी साझेदारी पहले विकेट के लिए नही निभा सके हैं.

यह धोनी के लिए थोड़ी चिंता की बात है. गेंदबाज़ी में भारत के गेंदबाज़ों ने अभी तक तो अपना पूरा दमख़म दिखाया है.

मोहाली में भी एक समय तो न्यूज़ीलैंड के 8 विकेट केवल 199 रन पर गिर चुके थे.

ऐसे में जेम्स नीशम ने 57 और मैट हैनरी ने नाबाद 29 रनों की पारी खेलकर जैसे तैसे न्यूज़ीलैंड को 285 रनों तक पहुंचने में मदद की.

उमेश यादव, जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या जैसे तेज़ गेंदबाज़ो की तिकड़ी के अलावा लैग स्पिनर अमित मिश्रा और यहां तक कि पार्ट टाइम गेंदबाज़ केदार जाघव भी न्यूज़ीलैंड़ पर भारी पड रहे है.

ऐसे में अगर न्यूज़ीलैंड की टीम रांची में भी इनका सामना विश्वास के साथ नही कर सकी तो इस एकदिवसीय सिरीज़ का फ़ैसला रांची में ही हो जाएगा.

रोस टेलर मोहाली में 44 रन बनाकर पहली बार भारत दौरे पर कुछ चले. लेकिन कोरी एंडरसन, मार्टिन गप्टिल और ल्यूक रोंकी का बल्ला अभी भी शांत है.

भारतीय टीम वैसे भी पांच मैचों की इस सिरीज़ में 2-1 से बढ़त बनाए हुए है.

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