क्या सिरीज़ का रोमांच बचा पाएगा इंग्लैंड?

  • आदेश कुमार गुप्त
  • खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
विराट कोहली
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विराट कोहली

भारत और इंग्लैंड के बीच गुरुवार से मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में मौजूदा पांच टेस्ट मैच की सिरीज़ का चौथा टेस्ट मैच खेला जाएगा.

दो टेस्ट मैच जीतकर भारत ने पहले ही अजेय बढ़त हासिल कर ली है.

ऐसे में जहां भारत एक और जीत के साथ सिरीज़ अपने नाम करना चाहेगा, वहीं इंग्लैंड हर हाल में इस मैच को जीतकर सिरीज़ में वापसी की कोशिश करेगा.

इसी बीच भारत के अजिंक्य रहाणे उंगली में चोट के कारण चौथे और पांचवे टेस्ट मैच से बाहर हो गए हैं.

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अजिंक्य रहाणे

उनकी जगह मनीष पांडेय को और शर्दुल ठाकुर को चोटिल मोहम्मद शमी की जगह टीम में बैकअप के तौर पर रखा गया है.

बुधवार को टीम के कप्तान विराट कोहली ने कहा कि टीम में कौन शामिल होगा इसका फ़ैसला मैच से पहले ही किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि वह किसी खिलाडी पर दबाव डालकर और मैच में उतार कर उसे पूरी सीज़न के लिए बाहर नही कर सकते.

मोहम्मद शमी ने पिछले मैच में पांच विकेट लेकर इंग्लैंड को करारे झटके दिए थे.

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मोहम्मद शमी

विराट कोहली ने यह भी कहा कि केएल राहुल अब पूरी तरह फिट हैं.

ऐसे में तीसरे टेस्ट मैच में मुरली विजय के साथ सलामी बल्लेबाज़ की भूमिका निभाने वाले पार्थिव पटेल निचले क्रम पर बल्लेबाज़ी कर सकते हैं.

मोहम्मद शमी की जगह टीम में भुवनेश्वर कुमार को शामिल किया जा सकता है.

वैसे पार्थिव पटेल ने तीसरे टेस्ट मैच में सलामी बल्लेबाज़ की भूमिका बखूबी निभाते हुए पहली पारी में 42 और दूसरी पारी में नाबाद 67 रन बनाए थे.

बल्लेबाज़ी में भारत के कप्तान विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा ने इंग्लैंड के गेंदबाज़ों की नाक में दम कर रखा है.

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चेतेश्वर पुजारा

इसके अलावा आर अश्विन, रविंद्र जडेजा और जयंत यादव ने भी निचले क्रम पर आकर बेहतरीन बल्लेबाज़ी कर इंग्लैंड के गेंदबाज़ों की समस्या बढ़ा दी है.

दूसरी तरफ इंग्लैंड लगातार दो टेस्ट मैच हारकर बेहद दबाव में है.

ख़ुद कप्तान एलिस्टेयर कुक वैसा नही खेल पाए है जैसा वह पिछले दौरे पर खेले थे.

जो रूट और जोस बटलर के अलावा विकेटकीपर बल्लेबाज़ जॉनी बेयरस्टो ने कुछ अच्छी बल्लेबाज़ी की है, लेकिन भारतीय स्पिनर महत्वपूर्ण अवसर पर उनका शिकार करने में कामयाब रहे हैं.

इंग्लैंड की टीम ने मानसिक दबाव हटाने के लिए पिछले कुछ दिन दुबई में भी बिताए, लेकिन मैदान पर तो उन्हें ही खेलना होगा.

भारतीय गेंदबाज़ों के ख़िलाफ उनका बेहद रक्षात्मक रुख ख़ुद उन पर भारी पडा.

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एलिस्टेयर कुक

इसके अलावा इंग्लैंड के स्पिनर भारतीय बल्लेबाज़ों पर वैसा प्रभाव नहीं छो़ड़ पाए जैसी उनसे उम्मीद थी.

अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ जेम्स एंडरसन में भी पुराना दमख़म नहीं दिखा.

रही बात मुंबई की तो साल 2012 में इंग्लैंड ने इसी मैदान में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में चौथे ही दिन 10 विकेट से मात देकर चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ में 1-1 से बराबरी हासिल की थी.

लेकिन तब उनके पास केविन पीटरसन जैसा चमत्कारिक बल्लेबाज़ और मोंटी पानेसर तथा ग्रीम स्वान जैसे स्पिनर थे.

उस जोड़ी ने 19 विकेट लेकर और पीटरसन ने दूसरी पारी में 186 रन बनाकर जैसे इतिहास ही रच दिया था.

फिलहाल तो नज़रें इस बात पर होगी कि क्या इंग्लैंड मुंबई टेस्ट जीतकर सिरीज़ का रोमांच बचाए रख पाता है या नही.

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