कोहली ने जो दांव चला, ज़ोरदार चला

  • 20 दिसंबर 2016

चेन्नई टेस्ट के चौथे दिन जब सभी करुण नायर के तिहरे शतक का जश्न मना रहे थे, तो मन में ये सवाल भी उठ रहा था कि नौजवान बल्लेबाज़ को मौका देने के चक्कर में विराट कोहली ने पारी घोषित करने में कहीं देर तो नहीं कर दी. कहीं तिहरे शतक के चक्कर में जीत के बजाय ड्रॉ से ही ना संतोष करना पड़े.

लेकिन पांचवें दिन रवींद्र जडेजा की अगुवाई में भारतीय गेंदबाज़ों ने इन सवालों के जवाब में एक पारी और 75 रनों की विशाल जीत दी. साथ ही टेस्ट सिरीज़ ऐतिहासिक 4-0 के अंतर से भारत के नाम हो गई. ये वक़्त ही कुछ ऐसा चल रहा है कि विराट कोहली का हर फ़ैसला सही साबित हो रहा है.

करुण नायर को कभी गुस्सा नहीं आता है

चेन्नई टेस्ट में पारी से जीता भारत, नौ दिलचस्प तथ्य

कोहली तेज़ी से भारत के सबसे सफ़ल कप्तान की सीढ़ी चढ़ रहे हैं और रिकॉर्ड हर घड़ी बदल रहे हैं. कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम ने अब तक 22 मुक़ाबले खेले हैं, जिनमें से 14 में जीत दर्ज की. छह टेस्ट ड्रॉ रहे, जबकि दो में हार का सामना करना पड़ा.

जीत प्रतिशत में धोनी से आगे

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सबसे ज्यादा टेस्ट जीत दिलाने वाले कप्तानों में वो तीसरे पायदान पर आ गए हैं. उनकी कप्तानी में जीत का प्रतिशत 63.63 फ़ीसदी है, जो टेस्ट में 27 जीत दिलाकर सबसे ऊपर मौजूद महेंद्र सिंह धोनी (जीत का प्रतिशत 45 फ़ीसदी ) से भी बेहतर है.

इंग्लैंड के ख़िलाफ़ शानदार सिरीज़ जीत में भी कोहली के बल्ले का ख़ास योगदान रहा. पांच टेस्ट मैचों की सिरीज़ में कोहली ने आठ पारियां खेली और 109.16 की औसत से 655 रन बनाए.

ज़ाहिर है, वो सभी बल्लेबाज़ों में सबसे आगे हैं. दूसरे पायदान पर इंग्लैंड के जो रूट हैं, जो उनसे 164 रनों से पीछे हैं. भारतीय टीम से सिरीज़ के शीर्ष बल्लेबाज़ों में कोहली के बाद चेतेश्ववर पुजारा हैं, जो 401 रनों के साथ तीसरे नंबर पर रहे. सिरीज़ में कप्तान कोहली ने दो शतक और दो अर्द्धशतक लगाए.

टेस्ट में मज़बूती से क़दम जमा रहे हैं

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वनडे और टी20 के दिग्गज बल्लेबाज़ों में शुमार किए जाने वाले कोहली अब टेस्ट क्रिकेट में मज़बूती से क़दम जमा रहे हैं. 53 टेस्ट में उन्होंने 50.10 की औसत से 4209 रन बनाए हैं. पांच साल के छोटे टेस्ट करियर में वो 15 शतक और 14 अर्द्धशतक जड़ चुके हैं.

इसके अलावा कप्तानी उन्हें ख़ास रास आ रही है. बतौर कप्तान उन्होंने 22 मैचों में 63.96 की औसत से 2111 रन बनाए हैं, जबकि कप्तान बनने से पहले उन्होंने 31 मैचों में 41.13 की औसत से 2098 रन बनाए थे. बतौर कप्तान उन्होंने आठ शतक लगाए, जबकि खिलाड़ी के तौर पर सात शतक उनके बल्ले से निकले.

ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड के ख़िलाफ़ कमाल

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अगर कोहली की पसंदीदा टीम की बात की जाए, तो वो ऑस्ट्रेलिया है. कोहली के बल्ले से अब तक निकले 15 शतकों में से छह कंगारुओं के ख़िलाफ़ आए हैं. उनके बल्ले का गुस्सा झेलने के मामले में ऑस्ट्रेलिया के बाद इंग्लैंड है, जिसके ख़िलाफ़ कोहली ने तीन शतक लगाए हैं.

और उन्हें विदेशा सरज़मीं पर ख़ुद को साबित करने में ज़्यादा मज़ा आता है. उन्होंने नौ शतक विदेश में लगाए हैं, जबकि छह भारत में जड़े हैं. कोहली के बल्ले का ये शायद सबसे बेहतरीन दौर चल रहा है. साल 2016 में उन्होंने 12 मैचों में 75.93 की औसत से 1215 रन ठोंके हैं.

टीम इंडिया अगर इस साल कोई टेस्ट ना हारने का बेहतरीन रिकॉर्ड बनाने में कामयाब रही, तो इसके पीछे कोहली का बल्ला और कप्तानी, दोनों का अहम रोल है.

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