#100Women: पुरुषों की तरह महिला टेनिस खिलाड़ी भी करती हैं त्यागः एंडी मरे

  • 21 सितंबर 2017
एंडी मरे इमेज कॉपीरइट Reuters

अपने शुरुआती वर्षों में दुनिया के शीर्ष टेनिस खिलाड़ी एंडी मरे ने लड़के और लड़कियां दोनों के साथ मैच खेले और आज भी वो मिश्रित युगल मुकाबलों में दुनिया की नामचीन टेनिस खिलाड़ियों के साथ जोड़ी बनाते हैं.

हाल के दिनों में मरे उस बयान को लेकर अख़बारों की सुर्खियों में रहे जिसमें उन्होंने महिला खिलाड़ियों को नज़रअंदाज करते एक पत्रकार को इसका ध्यान दिलाया.

मरे ने टेनिस में महिलाओं को लेकर अपनी उम्मीदों पर लिखा है, पढ़ें-

मैंने कभी महिला समानता का प्रवक्ता नहीं बना हूं.

एमिली मॉरिस्मो के साथ काम करने के मेरे अनुभव ने मुझे इस खेल के प्रति महिलाओं का नजरिया समझने का एक छोटा सा मौक़ा दिया और क्योंकि एक पुरुष टेनिस खिलाड़ी का महिला कोच कुछ असामान्य सा था, लोग मुझसे अक्सर पूछते थे.

एमिली के साथ मैंने काम किया लेकिन इसलिए नहीं कि वो महिला हैं, बल्कि वो सबसे काबिल महिला खिलाड़ियों में से एक हैं.

उनसे मुझे मालूम चला कि टेनिस में महिलाओं से व्यवहार वैसा नहीं होता जैसा पुरुषों के साथ होता है, इसलिए लगा कि मुझे इस पर बोलना चाहिए.

इमेज कॉपीरइट AFP/Getty Images
Image caption मरे अपनी पूर्व कोच एमिली मॉरेस्मो के साथ

उसके बाद से, मुझसे महिला समानता पर पूछा जाता रहा और अगर मैं अपने मन की बात न बोल सकूं तो किसी भी शीर्ष महिला टेनिस खिलाड़ी से नज़र नहीं मिला सकता.

लोग अक्सर बड़ा टेनिस खिलाड़ी बनने के पीछे की मेहनत को कम आंकते हैं. और यह मेहनत एक समान होती है चाहे आप महिला हों या पुरुष.

जिम, कोर्ट, फ़िजियो, यात्रा करने में, मैच या अपने विपक्षी खिलाड़ी का विश्लेषण, टीम से बात या अपनी बॉडी को दुरुस्त रखने में समय लगाना, और हां इसके साथ ही कई बलिदान भी देने होते हैं.

इमेज कॉपीरइट Scott Barbour/Getty Images
Image caption 2017 में ऑस्ट्रेलिया ओपन जीतने के बाद सेरेना को बहन वीनस विलियम्स बधाई देती हुईं

जो कोई भी इन शीर्ष महिला खिलाड़ियों के साथ वक्त बितायेगा वो जान सकेगा कि वो भी उसी तरह बलिदान करती हैं जैसा कोई भी शीर्ष पुरुष खिलाड़ी करता है और जीत के प्रति उनकी प्रतिबद्धता भी ठीक वैसी ही होती है.

#100Women: जिसने कामयाबी के लिए लुक बदल डाला

जब मुझसे बीबीसी ने पूछा कि मैं बचपन में लड़के और लड़कियों के साथ खेलने पर पूछा गया? तो मुझे यह बहुत शानदार लगा.

इमेज कॉपीरइट The Murray family
Image caption मरे ने तीन साल की उम्र से टेनिस खेलना शुरू किया

टेनिस के मिश्रित युगल में महिलाएं और पुरुष साथ खेलते हैं, तो यहां महिलाओं, पुरुषों, लड़के और लड़कियों को इसकी आदत है.

टेनिस कोर्ट पर कुछ सबसे मजेदार पलों में से एक होपमैन कप और ओलंपिक खेलों के दौरान हीथ वॉटसन और लॉरा रॉबसन के साथ मिश्रित युगल खेलना रहा है. हालांकि हो सकता है कि वे मेरे साथ खेलने को लेकर संभवतः ऐसा न कहें.

डनब्लेन में बड़े होने के दौरान मेरे माता-पिता मुझे लड़कियों के साथ प्रैक्टिस करने के लिए प्रोत्साहित किया करते थे.

बार्सिलोना में प्रशिक्षण के दौरान मैं स्वेतलाना कुज़नेत्सोवा के साथ कभी अभ्यास किया करता था.

इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption 2016 हॉपमैन कप के मिश्रित युगल के एक मैच के दौरान ब्रिटेन की हीदर वॉटसन और एंडी मरे

शुरुआती उम्र में इससे बॉल स्किल, हाथ और आंख का समन्वय बनाने और प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करने में मदद मिलती है.

इसमें ताक़त और स्पीड का मतलब नहीं है, तो क्या इसे लड़के और लड़कियों को समान रूप से एक साथ नहीं सिखाया जाना चाहिए...

मेरी मां का मेरे खेल में दिलचस्पी लेने से यह हमेशा ही मेरे लिए बहुत स्वाभाविक सा रहा कि लड़कियों को भी खेल में वैसे ही शिरकत करना चाहिए जैसे लड़के करते हैं.

इमेज कॉपीरइट The Murray family
Image caption किशोरावस्था में लड़के और लड़कियों दोनों के साथ खेला करते थे मरे

अब मुझे पता चला कि ये एकदम से ऐसा नहीं है और क्यों कई लड़कियां किशोरावस्था में पहुंचने के बाद इसे छोड़ देती हैं.

यह कुछ ऐसा है जिस मेरी मां पूरी तरह से बदलना चाहती हैं. वो 'मिस-हिट' नाम से एक कार्यक्रम चलाती हैं जिसमें लड़कियों को टेनिस के गुर सिखाए जाते हैं- अभी यहां लड़कियों की तुलना में लड़कों की संख्या चौगुनी है.

वो आगे बढ़ रही हैं लेकिन इसे प्रभावी बनाने के लिए इस खेल में कई महिला कोच के साथ ही शीर्ष स्तर पर कहीं अधिक मदद की ज़रूरत है.

इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption अपनी मां जूडी के साथ एंडी मरे

महिला खिलाड़ियों को पुरुषों के समान वक्त कम ही मिलता है, और खेलों में शीर्ष पर महिलाएं पर्याप्त नहीं हैं, लेकिन चीज़ें सुधर रही हैं.

पुरुषों और महिलाओं को समान पैसे देने के दौरान अमरीकी ओपन ने 35 वर्षों का लंबा सफ़र तय किया है.

और यह बहुत अच्छा है कि सभी ग्रैंड स्लैम अपने महिला और पुरुष चैंपियन्स को समान भुगतान करते हैं. इसे लेकर टेनिस के सिवा किसी अन्य खेल में ज़्यादा कुछ नहीं हो रहा.

इसलिए उस खेल का हिस्सा होना बेहद अहम है जिसने आगे बढ़ कर यह निर्णय लिया और इस काम का अगुवा है. उम्मीद है कि टेनिस में लिए इस फ़ैसले से अन्य खेलों पर दबाव बढ़े.

लंदन ओलंपिक में महिलाओं के प्रदर्शन से ब्रिटेन में खेलों को एक बड़ा स्थान मिला है. हमारे पास जेस एनीस-हिल और निकोला एडम्स जैसी कुछ शानदार रोल मॉडल ब्रिटिश लड़कियां थीं जिन्होंने कुछ महान उपलब्धियां हासिल कीं और यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि क्या वास्तव में ये एक पीढ़ी को प्रेरित कर सकती हैं.

इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption ब्रिटिश गोल्ट मेडलिस्ट डेम जेसिका इनिस हिल एक रोल मॉडल हैं

हम अन्य पुरुष प्रधान खेलों में भी सुधार देख रहे हैं- आईसीसी ने लड़कियों के पेशेवर क्रिकेट खेलने पर कड़ी मेहनत की है, और हां, इंग्लैंड की महिलाओं का क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतना इसके प्रचार के लिए बहुत शानदार था.

फ़ुटबॉल भी आगे बढ़ रहा है, और आज टीवी पर इतना अधिक महिला फ़ुटबॉल होते हुए, देखना अच्छा लगता है.

रग्बी में महिलाओं के लिए आरएफ़यू कॉन्ट्रैक्ट देखना शर्म की बात है- यह एक पिछड़ा कदम लगता है, ख़ास कर उस खेल में जो स्पष्ट रूप से अपना महिला आधार बढ़ा रहा हो.

लेकिन उम्मीद है कि जो लोग महिलाओं को इस खेल से दूर रखना चाहते हैं कामयाब नहीं होंगे.

इमेज कॉपीरइट Maurits Sillem/Getty Images
Image caption बचपन से ही एंडी मरे के लिए स्वाभाविक रहा है लड़कियों के साथ खेलना

पारंपरिक रूप से पुरुषों के वर्चस्व वाले खेलों ने महिलाओं के स्तर को बढ़ाने में काफ़ी निवेश किया है, ताकि जब बड़ी संख्या में लोग देखने आएं या फ़िर टीवी कवरेज़ हो तो उनका प्रदर्शन और अधिक आकर्षक हो.

यह हाल के वर्षों में ही फ़ुटबॉल, हॉकी, क्रिकेट और रग्बी में हुआ है. अब उन्हें बहुत एक्सपोज़र मिल रहा है जो बेहद अच्छा है. बड़े स्तर पर खेलती महिलाओं को अधिक महिलाएं देखेंगी तो उम्मीद है कि उन्हें इससे प्रोत्साहन ही मिलेगा.

सामान्य तौर पर, मुझे लगता है कि भविष्य सकारात्मक है. आज हमारे पास पहले से कहीं अधिक रोल मॉडल महिला खिलाड़ी, महिला कमेंटेटर और खेलों में महिला अधिकारों की विशेषज्ञ हैं.

चीज़ें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही हैं और मैं भविष्य को लेकर उत्साहित हूं जिसमें खेल का मैदान सभी के लिए बराबर होगा.

100 महिलाएं क्या हैं?

बीबीसी हर साल पूरी दुनिया की प्रभावशाली और प्रेरणादायक महिलाओं की कहानियां दुनिया को बताता है. इस साल महिलाओं को शिक्षा, सार्वजनिक स्थानों पर शोषण और खेलों में लैंगिक भेदभाव की बंदिशें तोड़ने का मौका दिया जाएगा.

आपकी मदद से ये महिलाएं असल ज़िंदग़ी की समस्याओं के समाधान निकाल रही हैं और हम चाहते हैं कि आप अपने विचारों के साथ इनके इस सफ़र में शामिल हों.

100Women सिरीज़ से जुड़ी बातें जानने और हमसे सोशल मीडिया पर जुड़ने के लिए आप हमारे फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर पेज को लाइक कर सकते हैं. साथ ही इस सिरीज़ से जुड़ी कोई भी बात जानने के लिए सोशल मीडिया पर #100Women इस्तेमाल करें.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

मिलते-जुलते मुद्दे