200वें वनडे में न्यूज़ीलैंड पर कितनी भारी पड़ेगी टीम कोहली?

  • 22 अक्तूबर 2017
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Image caption विराट कोहली

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच रविवार को मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में तीन एकदिवसीय अंतराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की सिरीज़ का पहला मैच खेला जाएगा.

इससे पहले न्यूज़ीलैंड ने दो अभ्यास मैच भी खेले. मुंबई में खेले गए पहले अभ्यास मैच में भारतीय बोर्ड अध्यक्ष एकादश ने न्यूज़ीलैंड को 30 रन से हराया

दूसरा अभ्यास मैच न्यूज़ीलैंड ने 33 रन से जीतकर अपना मनोबल बढ़ाया.

इससे पहले भारत ने विराट कोहली की कप्तानी में खेलते हुए अपनी ही ज़मीन पर खेली गई एकदिवसीय सिरीज़ में ऑस्ट्रेलिया को 4-1 से हराया था.

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पिछली कुछ सिरीज़ में भारत का प्रदर्शन

जीत के रथ पर सवार भारतीय टीम ने पिछली एकदिवसीय सिरीज़ में ज़िम्बॉब्वे को 3-0 से, न्यूज़ीलैंड को 3-2 से इंग्लैंड को 2-1 से, वेस्ट इंडीज़ को 3-1 और श्रीलंका को 5-0 से मात दी थी.

वैसे भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच अभी तक 98 वनडे अंतराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेले जा चुके हैं. जिनमें भारत ने 49 और न्यूज़ीलैंड ने 43 मैच जीते.

एक मुक़ाबला टाई रहा और पांच मैच बेनतीजा रहे.

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Image caption रोहित शर्मा

न्यूज़ीलैंड पर कौन पड़ेगा भारी?

विराट कोहली की कप्तानी में रोहित शर्मा, शिखर धवन, केदार जाधव, महेंद्र सिंह धोनी और मनीष पांडेय के अलावा हार्दिक पांड्या बल्लेबाज़ के तौर पर न्यूज़ीलैंड के गेंदबाज़ों पर भारी पड़ सकते हैं.

गेंदबाज़ी में भुवनेश्वर कुमार की स्विंग होती गेंदों के अलावा जसप्रीत बुमराह की तेज़ी और यॉर्कर न्यूज़ीलैंड के बल्लेबाज़ो को परेशानी में डाल सकती है.

इसके अलावा चाइनामैन कुलदीप यादव और यज़ुवेंद्र चहल की घूमती गेंद भी इन दिनों सभी विरोधी टीमों को घुटने टिका रही है.

इस जोड़ी की परफॉर्मेंस के चलते आर अश्विन और रविंद्र जडेजा तक टीम में अपनी जगह खो चुके हैं.

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Image caption रोस टेलर

कोहली का 200वां मैच

विराट कोहली रविवार को जब वानखेडे स्टेडियम में उतरेंगे तो यह उनके एकदिवसीय क्रिकेट का 200वां मैच होगा.

इससे पहले वह 199 एकदिवसीय मैचों में 30 शतक और 45 अर्धशतक की मदद से 8767 रन बना चुके हैं.

ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ खेली गई पिछली एकदिवसीय सिरीज़ में विराट कोहली दूसरे एकदिवसीय मैच में ज़रूर 92 रन बनाने में कामयाब रहे थे लेकिन बाक़ी मैचों में उनका बल्ला ज़्यादा नहीं चला था.

इसके अलावा मध्यम क्रम कई बार इतनी बुरी तरह से लड़खड़ाया कि टीम हार की कगार तक पहुंचती नज़र आई.

वो तो महेंद्र सिंह धोनी, हार्दिक पांड्या और भुवनेश्वर कुमार ने टीम की नैय्या पार लगाई और गेंदबाज़ों ने भी कप्तान को निराश नहीं किया.

दूसरी तरफ इस न्यूज़ीलैंड की टीम से भी दमदार खेल की उम्मीद की जा सकती है.

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न्यूज़ीलैंड की टीम कितनी मजबूत?

न्यूज़ीलैंड के कप्तान केन विलियमसन, मार्टिन गप्टिल, रोस टेलर, ट्रैंट बोल्ट और टिम साउदी भारतीय पिचों से भली भांति वाकिफ़ हैं.

ख़ब्बु स्पिनर मिचेल सैंटनर भी समय के साथ अब परिपक्व हो गए हैं.

वह अभी तक 39 मैचों में 44 विकेट अपने नाम कर चुके हैं और उपयोगी बल्लेबाज़ भी हैं. न्यूज़ीलैंड के विकेटकीपर टॉम लैथम भी अच्छे बल्लेबाज़ हैं.

वह 58 मैचों में तीन शतक और आठ अर्धशतक की मदद से 1624 रन बना चुके हैं.

इसके बावजूद न्यूज़ीलैंड की बल्लेबाज़ी का पूरा दारोमदार विलियमसन, गप्टिल और रोस टेलर पर ही रहेगा.

अगर इनके बल्ले से अधिक रन नहीं निकले तो फिर भारतीय गेंदबाज़ों का सामना करना बाकी खिलाड़ियों के लिए टेढ़ी खीर ही होगा.

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Image caption ट्रेंट बोल्ट

अब तक का प्रदर्शन क्या कहता है?

गेंदबाज़ी में न्यूज़ीलैंड के सबसे अधिक उम्मीद तेज़ गेंदबाज़ ट्रैंट बोल्ट और टिम साउदी से होगी.

ईश सोढ़ी लेगब्रेक गेंदबाज़ ज़रूर हैं लेकिन भारतीय पिचों पर उनका बेहतरीन प्रदर्शन आना अभी बाक़ी है.

दूसरे अभ्यास मैच में रोस टेलर ने 102 और टॉम लैथम ने 108 रनों की शतकीय पारी खेलकर दिखाया कि वह फॉर्म में हैं.

ट्रेंट बोल्ट ने भी पहले अभ्यास मैच में पांच विकेट चटकाकर दिखाया कि उनसे सावधान रहने की ज़रूरत है.

वानखेडे में खेले जाने वाले पहले मैच से दोनों टीमों की वास्तविक ताक़त और तैयारी का भी पता चलेगा.

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