वो मौके जब 'कैप्टन कूल' को आया गुस्सा

  • 30 नवंबर 2017
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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और गुस्सा ये दोनों शब्द एक दूसरे के विपरीत माने जाते हैं. क्रिकेट के मैदान पर धोनी को नाराज़ होते या चीखते-चिल्लाते शायद ही कभी देखा गया हो.

लेकिन टीम इंडिया के बल्लेबाज़ और धोनी के करीबी माने जाने वाले खिलाड़ी सुरेश रैना ने धोनी के कैप्टन कूल स्टेट्स पर यह कहते हुए सवाल उठा दिए कि वे अक़्सर मैदान पर गुस्सा ज़ाहिर करते हैं.

रैना और धोनी की बहस

यू ट्यूब शो 'ब्रेकफास्ट विद चैंपियन' में रैना ने बताया, ''धोनी को गुस्सा आता है लेकिन आपको वो दिखा नहीं होगा, उनका गुस्सा कैमरे की पकड़ में नहीं आता, जब टीवी पर ब्रेक आता है तो वे गुस्से में चिल्लाते हैं 'सुधर जा तू'.''

धोनी ने भी रैना की इस बात का जवाब दिया है. हाल ही में जम्मू-कश्मीर दौरे पर गए धोनी ने मीडिया से कहा, ''मैदान पर ऐसे कई मौके होते हैं जब हम हंसी-मज़ाक करते हैं, मैं मैदान पर ज़्यादा मज़ाक नहीं करता लेकिन ड्रेसिंग रूम के अंदर मैं बहुत मज़े करता हूं. मैं खुद को हालात के अनुसार ढालता हूं और उसी हिसाब से व्यवहार करता हूं.''

कैप्टन कूल धोनी और सुरेश रैना के बीच हुई इस बहस के बाद धोनी के कूल होने पर कई लोग सवाल उठाने लगे.

आपको बताते हैं वे मौके जब-जब धोनी ने मैदान में खोई अपनी 'कूलनेस'.

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अंपायर से उलझे धोनी

साल 2011-12 में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर थी. ब्रिसबेन में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वनडे मैच खेला जा रहा था.

मैच के 29वें ओवर में सुरेश रैना गेंदबाज़ी करने आए. उनकी एक गेंद पर धोनी ने माइकल हसी को स्टम्प किया और अंपायर की तरफ आउट की अपील की.

थर्ड अंपायर ने कुछ देर हसी को आउट दे दिया. हसी पवैलियन की तरफ लौटने भी लगे लेकिन तभी मैदानी अंपायर ने हसी को वापिस खेलने के लिए बुला लिया.

अंपायर का कहना था कि हसी नॉटआउट थे और थर्ड अंपायर ने गलती से स्क्रीनबोर्ड पर आउट लिख दिया था. इस अजीबो-गरीब वाकये के बाद धोनी काफी देर तक अंपायरों के साथ बहस करते देखे गए.

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विश्व कप 2011 फ़ाइनल में युवराज पर गुस्सा

विश्व कप 2011 के फ़ाइनल मैच में धोनी का विनिंग सिक्स हर क्रिकेट प्रेमी की सबसे सुनहरी यादों में दर्ज है. इस मैच में धोनी ने मैच जिताऊ नाबाद 91 रन बनाए थे.

मैच के दौरान एक मौका ऐसा था जब भारत को जीत के लिए 22 गेंदों पर 22 रनों की ज़रूरत थी. श्रीलंकाई गेंदबाज़ नुवान कुलाशेकरा के हाथों में गेंद थी और धोनी हर एक रन तेज़ी से पूरा करना चाहते थे. उस समय उनके साथ दूसरे छोर पर मौजूद थे युवराज सिंह.

कुलाशेकरा की एक गेंद पर धोनी ने स्ट्रेट शॉट मारा और तेज़ी से रन लेने के लिए दौड़ पड़े, वे दूसरा रन भी लेना चाहते थे लेकिन युवराज ने उन्हें मना कर दिया.

दूसरा रन ना ले पाने की झल्लाहट में धोनी युवराज पर बहुत ज़ोर से चीखते हुए दिखाई दिए.

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बांग्लादेशी गेंदबाज़ को धक्का देकर गिराया

साल 2015 में भारतीय टीम बांग्लादेश के दौरे पर थी. तीन वनडे मैचों की सिरीज़ के पहले मैच में भारत को जीत के लिए 309 रनों का बड़ा लक्ष्य मिला था.

भारतीय पारी के 25वें ओवर में गेंदबाज़ी करने आए मुस्तफिज़ुर रहमान. मुस्तफिज़ुर का यह पहला अंतरराष्ट्रीय वनडे मैच था. उनके सामने थे धोनी.

धोनी ने मिड-ऑफ की तरफ गेंद को धकेला और तेज़ी से रन के लिए दौड़ पड़े. रन लेने के दौरान मुस्तफिज़ुर धोनी के बीच में आ गए, तभी धोनी ने अपनी कोहनी से उन्हें जोरधार धक्का देकर किनारे कर दिया, जिससे मुस्तफिज़ुर ज़मीन पर गिर गए.

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मुस्तफिज़ुर ने इस मैच में कुल पांच विकेट झटके और भारत यह मैच 79 रन से हार गया. मैच के बाद धोनी पर उनकी 75 फीसदी मैच फीस और मुस्तफिज़ुर पर 50 फीसदी मैच फीस का जुर्माना भी लगाया गया.

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