क्या भारत इस बार भी घर का ही शेर रहेगा?

  • 26 दिसंबर 2017
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विराट कोहली के नेतृत्व में टीम इंडिया दक्षिण अफ़्रीका के दौरे पर जा रही है. पांच जनवरी को केपटाउन में दोनों देशों के बीच तीन टेस्ट मैचों वाली सिरीज़ का पहला मैच खेला जाएगा.

टीम इंडिया अपने घर में बढ़िया प्रदर्शन करने वाली टीम के रूप में जानी जाती है. भारत ने अपनी ज़मीन पर न्यूज़ीलैंड, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट मैचों में हराया है और इससे उसकी रैंक भी सुधरी है.

रोहित शर्मा ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा है कि भारतीय टीम दक्षिण अफ़्रीका में बिल्कुल नई सोच के साथ खेलने जा रही है. उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल नई तरह की चुनौती होगी. रोहित शर्मा अभी विराट कोहली की ग़ैरमौजूदगी में टी-20 क्रिकेट की कप्तानी कर रहे हैं.

हालांकि रोहित शर्मा का मानना है कि घरेलू ज़मीन पर भी चुनौती किसी लिहाज से कम नहीं होती है. पिछले दो सालों में भारत ने श्रीलंका और वेस्टइंडीज की ज़मीन पर सफलता हासिल की है.

हालांकि क्रिकेट के जानकारों का कहना है कि घरेलू मैदान पर मजबूत टीम इंडिया इस बार दक्षिण अफ़्रीका को भी चुनौती देगी.

दक्षिण अफ़्रीका में भारत तीन टेस्ट मैच और छह वनडे मैच खेलेगा. इसके साथ ही तीन टी-20 मैच भी खेलने हैं. भारत दो महीने के दौरे पर दक्षिण अफ़्रीका जा रहा है.

'2017 बहुत अच्छा रहा'

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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान बिशन सिंह बेदी ने एएफ़पी से कहा, ''भारत के लिए 2017 बहुत अच्छा रहा है. भारत ने विदेशी ज़मीन पर एशिया के बाहर भी अच्छा खेला है. आप हमेशा अतीत की कसौटी पर चीज़ों का आकलन नहीं कर सकते.'' मेजबान के तौर टेस्ट सिरीज़ ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड भी हारे हैं.

दुनिया की शीर्ष क्रिकेट टीमें टेस्ट मैचों में अपनी ज़मीन पर बढ़िया प्रदर्शन करती हैं. भारत के बारे में एक वक़्त कहा जाता था- घर में शेर और बाहर ढेर. वरिष्ठ खेल पत्रकार अयाज़ मेमन का कहना है कि ऐसे में भारत के लिए यह मौक़ा है कि वो ख़ुद को साबित करे.

उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ़्रीका की टीम 2015 में जब भारत आई थी तो बुरी तरह से हारकर गई थी. अयाज़ ने कहा कि भारत ने मुश्किल टेस्ट मैच जीता है, लेकिन कभी भी दक्षिण अफ़्रीका और ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सिरीज़ नहीं जीत पाया.

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