कप्तान रोहित शर्मा ने क्यों नहीं देखा कार्तिक का 'विनिंग सिक्स'?

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भारत ने कोलंबो में बांग्लादेश को चार विकेट से हराकर टी-20 की निदहास क्रिकेट ट्रॉफ़ी जीत ली.

सांसें रोक देने वाले इस मुक़ाबले में जीत का फ़ैसला आख़िरी गेंद पर हुआ. भारत को जीत के लिए अंतिम गेंद पर पाँच रनों की ज़रूरत थी और कार्तिक ने छक्का जड़ा और भारतीय खेल प्रेमी जश्न मनाने लगे.

टी-20 के इस फ़ाइनल मुक़ाबले में भारत को बांग्लादेश से जीत के लिए 167 रनों का लक्ष्य मिला था.

कार्तिक ने कुल जमा आठ गेंदों पर दो चौकों और तीन छक्कों की मदद से 29 रन की अविजित पारी खेलकर लगभग हारी हुई बाज़ी भारत को जिता दी.

दिनेश कार्तिक अब जावेद मियांदाद, मैक्लारेन, नाथन मैकुलम, लांस क्लूसनर और शिवनारायण चंद्रपाल की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने आख़िरी गेंद पर छक्का जड़कर अंतरराष्ट्रीय मैचों में अपनी टीमों को जीत दिलाई है.

जब पूरी दुनिया टकटकी लगाए सौम्य सरकार को अंतिम गेंद फेंकने के लिए रनअप पर जाता हुआ देख रही थी, तब रोहित शर्मा थे तो ड्रेसिंग रूम में ही, लेकिन उनके दिमाग़ में कुछ और चल रहा था और वो उसी की रणनीति बनाने में व्यस्त थे.

कार्तिक के कारनामे से भारत ने जीती निदहास ट्रॉफ़ी

रोहित नहीं देख पाए आख़िरी गेंद

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मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित ने कहा कि वो अंतिम गेंद नहीं देख पाए.

रोहित शर्मा ने कहा, "जहाँ तक अंतिम गेंद की बात है, मैं तो सुपर ओवर की तैयारी करने चला गया था. मैं पैड बांधने चला गया था. मुझे लगा था कि अगर बाउंड्री पड़ी तो सुपर ओवर होने का चांस है. मैंने लास्ट बॉल देखा नहीं था. लेकिन जिस तरह से ड्रेसिंग रूम में जश्न मनाया जा रहा था, मुझे पता चल गया कि दिनेश कार्तिक ने छक्का मार दिया है और हम जीत गए हैं."

रोहित ने कहा कि उन्हें पता था कि आख़िरी ओवर में भले ही 12-15 रन बनाने हों, उसका दबाव बड़े से बड़े गेंदबाज़ पर भी बहुत अधिक होता है. उन्होंने कहा, "हमें पता था कि एक अनुभवी बल्लेबाज़ है दूसरे बल्लेबाज़ (विजय शंकर) के पास लंबे शॉट मानने की काबिलियत है, हालाँकि आज शंकर उस तरह नहीं खेल पाए और मैं समझता हूँ कि आज के मैच से शंकर ने ये सीखा होगा कि ऐसे मैचों में कैसे बल्लेबाज़ी की जाती है. दिनेश कार्तिक जिस तरह के शॉट लगा रहे थे, उससे हम काफ़ी पॉजीटिव थे."

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जब मैच का 18वां ओवर खत्म हुआ तो ड्रेसिंग रूम में कैसा माहौल था, इस पर रोहित ने कहा, "मेरे दिमाग़ तो कुछ नहीं चल रहा था, जो कुछ चल रहा होगा, वो दिनेश कार्तिक और विजय शंकर के बीच में चल रहा था. मैं तो अंदर बैठा हुआ था. लेकिन हम काफी सकारात्मक थे."

दिनेश कार्तिक को सातवें नंबर पर बल्लेबाज़ी के लिए भेजे जाने के फैसले का भी रोहित ने बचाव किया. रोहित ने कहा, "मैच फिनिशिंग की उनकी काबिलियत और अनुभव को देखते हुए हमने उन्हें रोका हुआ था और ये फ़ैसला सही साबित हुआ. मुझे हमेशा से ही अपने बल्लेबाज़ों पर यकीन रहा है और उन्हें (बांग्लादेश) कम स्कोर पर रोकने के बाद हम जीत को लेकर आश्वस्त थे."

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