पत्नी के साथ विवाद में फंसे शमी को बीसीसीआई ने दिया कॉन्ट्रैक्ट

  • 22 मार्च 2018
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Image caption 2012 से भारत की तरफ़ से 87 बार खेल चुके हैं शमी

भारतीय क्रिकेट बोर्ड यानी बीसीसीआई ने मोहम्मद शमी का सालाना कॉन्ट्रैक्ट फिर से बहाल कर दिया है.

हालांकि पिछली लिस्ट में मोहम्मद शमी का नाम शामिल नहीं किया गया था और टीम इंडिया में उनके बने रहने की संभावनाओं पर कयासों का दौर शुरू हो गया था.

इसी बीच मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां ने उन पर गंभीर आरोप लगाए.

2016-17 के लिए कॉन्ट्रैक्ट में शमी और युवराज 'बी' कैटेगरी में रखे गए थे और इस सीज़न के लिए बीसीसीआई ने उन्हें ग्रेड-बी वाला कॉन्ट्रैक्ट दिया है.

बीसीसीआई ने एक बयान जारी कर कहा, "प्रशासकीय समिति ने दिल्ली पुलिस के पूर्व कमिश्नर और बीसीसीआई की एंटी-करप्शन यूनिट के हेड नीरज कुमार से मोहम्मद शमी पर लगे आरोपों की जांच करने के लिए कहा था. उन पर लगे आरोप बीसीसीआई की आचार संहिता से जुड़े थे."

"नीरज कुमार ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट बीसीसीआई को सौंप दी है. रिपोर्ट के नतीजे के मद्देनज़र प्रशासकीय समिति का ये विचार है कि इस मामले में बीसीसीआई की भ्रष्टाचार रोधी संहिता के तहत मोहम्मद शमी के ख़िलाफ़ किसी कार्रवाई की ज़रूरत नहीं है."

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Image caption पत्नी हसीन जहां ने शमी के भाई पर भी लगाए हैं आरोप

क्या-क्या आरोप हैं?

शमी की पत्नी हसीन जहां ने मार्च के दूसरे हफ़्ते में उन पर विवाहेत्तर संबंध रखने और घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था.

छह मार्च को हसीन ने शमी के उन संदेशों को अपने फ़ेसबुक अकाउंट पर डाल दिया जो कथित तौर पर शमी ने अपनी चार साल की शादी के दौरान महिलाओं को भेजे थे.

उनके आरोप थे कि शमी के कई प्रेम संबंध रहे हैं और वह उनका शारीरिक और मानसिक रूप से लगातार शोषण कर रहे हैं.

वहीं, शमी ने इन आरोपों को ख़ारिज करते हुए इन्हें बड़ी साज़िश का हिस्सा बताया है और ख़ुद को बदनाम करने की एक कोशिश क़रार दिया है.

उन्होंने ट्वीट किया, "मेरे निजी जीवन के बारे में जो कुछ भी कहा गया वो पूरी तरह ग़लत है."

हसीन ने शमी के बड़े भाई के ख़िलाफ़ बलात्कार की शिकायत भी की है.

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क्रिकेट बोर्ड का स्टैंड

बीसीसीआई की निगरानी समिति ने इस मामले में पहले कहा था कि मोहम्मद शमी पर लगे आरोपों ने उन्हें मुश्किल स्थिति में डाल दिया है.

समिति के चेयरमैन विनोद राय ने क्रिकेट वेबसाइट ईएसपीएन क्रिकइन्फ़ो से कहा था, "आमतौर पर आप भेद करते हैं और कहते हैं कि यह व्यक्तिगत मुद्दा है और अनुबंध पेशेवर मुद्दा है."

"लेकिन कोई भी आसानी से सवाल खड़ा कर सकता है और कह सकता है कि आरोप घृणित हैं और आप उन्हें अभी भी पुरस्कृत कर रहे हैं."

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