कॉमनवेल्थ डायरी: गोल्ड कोस्ट में खिलाड़ियों के लिए एक लाख कंडोम का इंतज़ाम

  • 2 अप्रैल 2018
गोल्ड कोस्ट 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स, ऑस्ट्रेलिया इमेज कॉपीरइट Mike Egerton/PA

चार से पंद्रह अप्रैल के दरमियां ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में इतिहास लिखे जाने का इंतज़ार किया जा रहा है.

इस दशक में ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े खेल आयोजन के लिए स्टेज सज चुका है.

गोल्ड कोस्ट 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में 71 राष्ट्रमंडल देशों के 6600 से भी ज़्यादा खिलाड़ी और अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं.

कांपते घुटने और बंद होते कान!

गोल्ड कोस्ट शहर का सबसे बड़ा आकर्षण है 322 मीटर ऊँचा 'क्यू 1 स्काई प्वाइंट' जो दुनिया की छठी सबसे ऊँची रिहाइशी इमारत है. कड़ी तलाशी के बाद जब आप लिफ़्ट में घुसते हैं तो उसे आपको इस इमारत की 77वीं मंज़िल तक ले जाने में 43 सेकेंड भी नहीं लगते.

हाँ, ये ज़रूर होता है कि जब आप वहाँ पहुंचते हैं तो आपके कान बंद हो चुके होते हैं और आपका रक्तचाप बढ़ जाता है. लेकिन जब वहाँ पहुंच कर नीचे का दृश्य देखते हैं, तो आपकी आँखे फटी की फटी रह जाती हैं.

जब आप वहाँ से 360 डिग्री से पूरे शहर पर विहंगम दृष्टि डालते हैं तो आपके पास मंत्रमुग्ध हो जाने के सिवा कोई चारा नहीं रहता. एक तरफ़ प्रशांत महासागर का अठखेलियाँ करता हुआ नीला पानी तो दूसरी तरफ़ गोल्ड कोस्ट की एक से एक बढ़ कर सुंदर और गगनचुंबी इमारतें.

आपकी समझ में ही नहीं आता कि आप किस तरफ़ देखें. स्काई प्वाइंट दुबई की 'बुर्ज ख़लीफ़ा', अमरीका के 'वन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर' और मलेशिया के 'पेट्रोनस टावर' और अमरीका की 'एंपायर स्टेट बिल्डिंग' के बाद दुनिया की छठी सबसे ऊँची रिहाइशी इमारत है.

जब आप ऊपर से नीचे की ओर देखते हैं तो चारों तरफ़ शीशे से घिरे रहने के बावजूद आपके घुटने कांपने लगते हैं और आपके हाथ बरबस चले जाते हैं रेलिंग को पकड़ने के लिए. यहाँ पर खाने-पीने का भी अच्छा इंतेज़ाम रखा गया है. वैसे इस इमारत में 78 मंज़िलें हैं, लेकिन 78 वी मंज़िल को दर्शकों के लिए नहीं खोला गया है.

यहाँ पर निजी पार्टियाँ और बड़े-बड़े समारोह आयोजित किए जाते हैं. वर्ष 1998 में इस इमारत की नींव रखी गई थी जिसे पूरी तरह बनने में सात सालों का समय लगा और 2005 में इसका उद्घाटन किया गया. इस इमारत की 77वीं मंज़िल पर पहुंचने का टिकट आता है 25 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर यानी 1200 रुपये.

इमेज कॉपीरइट Clive Rose/Getty Images

भारतीय मुक्केबाज़ों का डोप टेस्ट

दो दिन पहले भारतीय अपार्टमेंट के पास कुछ सिरिंजें मिलने के बाद कुछ भारतीय मुक्केबाज़ों का डोप टेस्ट किया गया है. भारतीय दल ने अपनी तरफ़ से इस बात का खंडन किया है कि उन सिरिंजो का संबंध भारतीय दल से है.

लेकिन राष्ट्रमंडल फ़ेडेरेशन के प्रमुख डेविड ग्रेवनबर्ग द्वारा जाँच के आदेश के बाद चार भारतीय मुक्केबाज़ों के पेशाब के सैंपल लिए गए हैं. ये चारों लोग उस जगह के बिल्कुल पास रह रहे थे, जहाँ वो सिरिंजें पाई गई थीं. सूत्र ये भी बता रहे हैं कि बाक़ी मुक्केबाज़ों के भी 'सैंपल' लिए जाएंगे.

सिरिंजों की जांच चल रही है और जल्द ही रिपोर्ट आने की संभावना है. लेकिन भारतीय ख़ेमे का कहना है कि ये 'रूटीन एक्सरसाइज़' है और इसका सिरिंजें पाए जाने से कोई संबंध नहीं है.

इस बीच इस पूरे प्रकरण से परेशान भारतीय 'शेफ़ डे मिशन' विक्रम सिसोदिया ने खेल गाँव में मौजूद सभी भारतीय खिलाड़ियों की बैठक बुलाई है और उन्हें आगाह किया है कि वो ऐसा कोई काम न करें जिससे भारत की बदनामी हो.

इमेज कॉपीरइट Richard Sowersby/BBC
Image caption गोल्ड कोस्ट 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए बनाया गया खेल गांव, तस्वीर पिछले साल जुलाई की है

कैसा है गोल्डकोस्ट का खेल गाँव?

गोल्ड कोस्ट का खेल गाँव शायद उतना बड़ा नहीं है, जितना दिल्ली के राष्ट्रमंडल खेलों का था. खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए एक, दो और तीन बेड रूम के 1257 अपार्टमेंट बनाए गए हैं, जहाँ 6500 से अधिक लोगों के रहने की व्यवस्था है. ये पूरा गाँव 29 हेक्टेयर इलाके में फैला हुआ है.

खिलाड़ियों की सुविधा के लिए यहाँ 24 घंटे काम करने वाला अस्पताल है. इसके अलावा यहाँ एक अत्याधुनिक जिमनेज़ियम भी है जहाँ कई 'फ़िज़ियोथेरेपिस्ट' खिलाड़ियों की सहायता के लिए हमेशा मौजूद रहते हैं. दुनिया भर से आये एथलीटों के लिए क़रीब एक लाख कंडोम की व्यवस्था की गई है, यानी हर खिलाड़ी के लिए औसतन 16 कंडोम.

खेल गाँव से बिल्कुल सटा हुआ हेयर सैलून और ब्यूटी पार्लर बनाया गया है. जब मैं वहाँ पहुंचा तो भारत की लंबी कूद की एथलीट नैना जेम्स वहाँ अपना फ़ेशियल करवा रही थीं. उसके बगल में ही एक जूस बार है जहाँ कई भारतीय और कनाडियन एथलीटों की भीड़ लगी हुई थी.

इमेज कॉपीरइट Bradley Kanaris/Getty Images
Image caption गोल्ड कोस्ट 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स के एथलीट विलेज का एरियल व्यू

खिलाड़ियों के खाने के लिए एक बहुत बड़ा डायनिंग हॉल बनाया गया है जहाँ रोज़ बीस हज़ार भोजन परोसने की व्यवस्था की गई है. दुनिया के हर कोने का भोजन यहाँ उपलब्ध है. शुरू में भारतीय खाने की व्यवस्था नहीं थी, लेकिन जब भारतीय खेमे ने थोड़ी नाराज़गी दिखाई तो वहाँ भारतीय खाना भी उपलब्ध करा दिया गया है.

भारतीय दल को अपना रसोइया लाने की अनुमति नहीं मिली है. सफ़ाई कर्मचारियों को रोज़ 3400 तकिया गिलाफ़ और चादरें बदलने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है. सफ़ाई कर्मचारियों को रोज़ 3400 तकिया गिलाफ़ और चादरें बदलने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है.

अनुमान है कि इन खेलों से क्वींसलैंड की अर्थवयवस्था में 2 अरब डॉलर और गोल्ड कोस्ट की अर्थव्यवस्था में 1 अरब 70 करोड़ डॉलर का निवेश हो चुका है. अब तक इन खेलों से 16,000 लोगों को रोज़गार मिल चुका है. खेल समाप्त होने के बाद ये फ़्लैट लोगों को बेच दिए जाएंगे.

ये भी उम्मीद की जा रही है कि राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान करीब 3500 पत्रकार राष्ट्रमंडल खेलों से संबंधित एक लाख से ज्यादा 'डिसपैच' लिखेंगे.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार