कॉमनवेल्थ डायरी: ऑस्ट्रेलिया का झंडा थामने वाली पंजाबन रुपिंदर कौर संधू

  • 3 अप्रैल 2018
कॉमनवेल्थ गेम्स, 2018, गोल्ड कोस्ट, ऑस्ट्रेलिया इमेज कॉपीरइट Commonwealth Games

मैं खेल गाँव में घुस ही रहा था कि मैंने देखा कि ट्रैक सूट पहने एक भारतीय महिला अपने हाथ में ऑस्ट्रेलिया का झंडा लिए हुई थी. पूछने पर पता चला कि उनका नाम रुपिंदर कौर संधू हैं और वो इन खेलों में 48 किलोग्राम वर्ग कुश्ती में ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व करेंगी.

उन्होंने पिछले ही वर्ष ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय चैंपियनशिप जीती है और कुछ दिन पहले जोहानिसबर्ग में हुई राष्ट्रमंडल कुश्ती में ऑस्ट्रेलिया के लिए कांस्य पदक ले कर आई हैं. ग्लासगो में भाग्य ने उनका साथ नहीं दिया था.

वो 48 किलोग्राम वर्ग में भाग लेना चाहती थीं लेकिन उनका वज़न निर्धारित वज़न से 200 ग्राम अधिक निकला और उन्हें मजबूरन 53 किलोग्राम वर्ग में अपने से कहीं तगड़ी पहलवानों से भिड़ना पड़ा जिसकी वजह से वो वहाँ कुछ ख़ास नहीं कर पाईं. 33 साल की संधु दस साल पहले पंजाब के अमृतसर से ऑस्ट्रेलिया आई थीं.

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इस समय उनकी पंद्रह महीने की एक बेटी है जिसका नाम उन्होंने साहिबा रखा है. वर्ष 2004 में पहली बार रुपिंदर ने जलंधर के पास परसराम पुर के मिट्टी के अखाड़े में अपने करियर की शुरुआत की थी. दो साल बाद तुर्की में हुई एक प्रतियोगिता में उन्होंने भारत के लिए स्वर्ण पदक भी जीता था.

भारत की फोगट बहनें रुपिंदर की बहुत करीबी दोस्त है. वो ख़ालिस शाकाहारी है और सिर्फ़ दूध, दही और सब्ज़ियों से अपना काम चलाती है.

मार्क नोलेस होंगे ऑस्ट्रेलिया के ध्वजवाहक

गोल्ड कोस्ट के लोग उम्मीद कर रहे थे कि उनके यहाँ की स्टार सैली पियरसन को उद्घाटन समारोह में ऑस्ट्रेलिया का ध्वज उठाने की ज़िम्मेदारी दी जाएगी, लेकिन फ़ैसला हॉकी के मशहूर खिलाड़ी और कप्तान मार्क नोलेस के पक्ष में हुआ. नोलेस ऑस्ट्रेलिया के लिए 300 हॉकी मैच खेल चुके हैं.

उन्होंने एथेंस ओलंपिक और पिछले तीन राष्ट्रमंडल खेलों में ऑस्ट्रेलिया के लिए सोने का पदक जीता है. खेल अधिकारियों ने इस बात के संकेत दिए हैं कि उद्घाटन समारोह में पियरसन को भी कोई महत्वपूर्ण भूमिका दी जा सकती है. पियरसन करारा स्टेडियम से सटी एक सड़क पर बने एक घर में पैदा हुई थीं.

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Image caption मार्क नोलेस

वो राष्ट्रमंडल खेलों में 100 मीटर बाधा दौड़ में लगातार तीन स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं. ऑस्ट्रेलियाई क्या दुनिया भर में हॉकी खिलाड़ी फुटबाल और क्रिकेट खिलाड़ियों की तुलना में बहुत कम पैसा कमाते हैं. 33 साल के नोलेस का हाकी में वहीं दर्जा है जो फ़ुटबाल और क्रिकेट में उनसे बीस गुना ज़्यादा पैसा कमाने वाले खिलाड़ी का होता है.

नोलेस के परिवार की नस नस में हाकी का ख़ून दौड़ता है. उनकी पत्नी कैली ऑस्ट्रेलिया के महान खिलाड़ी सेमी डायर की सगी बहन हैं और उनके तीनों बच्चे फ़्लिन, लूका और फ़्रैकी भी हाकी खेलते हैं.

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