ग़लती सरीना की थी या चेयर अम्पायर की?

  • 10 सितंबर 2018
सरीना विलियम्स, यूएस ओपन, विवाद इमेज कॉपीरइट Reuters

यूएस ओपन के विवादित फ़ाइनल को लेकर छिड़ा विवाद अभी थमा नहीं है. सरीना विलियम्स पर आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए 17 हज़ार डॉलर का जुर्माना लगाया गया है.

उन्होंने इस मैच में अम्पायर को 'झूठा' और 'चोर' कहा था. इस मैच में जापान की नाओमी ओसाका ने उन्हें हराया. लेकिन ये मैच खेल से ज़्यादा दूसरी वजहों से चर्चा में रहा.

अम्पायर ने पहले अपशब्द बोलने के लिए सरीना विलियम्स पर गेम की पेनल्टी लगाई और फिर गुस्से में रैकेट ज़मीन पर मारने की वजह से पॉइंट पेनल्टी लगाई.

बाद में सरीना ने कहा कि उन पर पेनल्टी लगाना 'सेक्सिस्ट' है और उनके साथ ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि वो महिला हैं.

लेकिन क्या इस बात में सच्चाई है या फिर ये एक गुस्साए खिलाड़ी की प्रतिक्रिया है?

बीबीसी के टेनिस प्रेज़ेंटर सु बार्कर का कहना है, ''अम्पायर नियमों के हिसाब से चल रहे थे लेकिन सरीना ने जो कहा, उसमें भी दम था.''

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बार्कर वर्ल्ड नंबर 3 रह चुके हैं और साल 1976 में फ्रेंच ओपन का खिताब भी उन्होंने अपने नाम किया था.

बार्कर ने कहा, ''मैंने कई मैच देखे हैं, जिसमें पुरुष खिलाड़ी अम्पायर पर चिल्लाए और उन पर पेनल्टी नहीं लगाई गई.''

उनका कहना है, ''वो नियमों के हिसाब से चल रहे थे, लेकिन कई बार नियम भी दोबारा लिखने होते हैं. कुछ खिलाड़ियों के लिए अलग नियम नहीं हो सकते और कुछ अम्पायर इनका पालन नहीं करते और खिलाड़ियों को बख़्श देते हैं. उन्हें सभी के साथ एक जैसा व्यवहार करना चाहिए.''

इस टूर्नामेंट में ही एलीज़ कोरनेट को कोर्ट में टीशर्ट बदलने पर पेनल्टी का सामना करना पड़ा था, जिस पर काफ़ी विवाद हुआ.

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कोर्ट पर क्या हुआ था?

दर्शक दीर्घा में बैठे सरीना के कोच पैट्रिक ने कुछ इशारे किए, जिसे अम्पायर ने कोचिंग माना.

सरीना ने कहा कि उन्हें कोई इशारा नहीं मिला है. सरीना ने अम्पायर ने कहा, ''मैं जीतने के लिए कभी धोखा नहीं करती और ऐसा करने के बजाय मैं हारना पसंद करूंगी.''

कोच पैट्रिक ने माना कि उन्होंने बॉक्स से इशारा किया था लेकिन ये भी कहा कि सरीना ने देखा नहीं था. इसके बाद दूसरे सेट में उन्होंने रैकेट तोड़ा, तो अम्पायर ने कोड का उल्लंघन माना. और उन्हें पॉइंट गंवाना पड़ा.

ओसाका उस वक़्त 4-3 से आगे थीं जब सरीना ने अम्पायर की तरफ़ चिल्लाते हुए कहा, ''आप झूठे हैं. जब तक आप जीवित हैं, मेरे कोर्ट में कभी नहीं आएंगे. आपको मुझसे माफ़ी मांगनी चाहिए.''

इस पर अम्पायर कार्लोस रामोस ने अगली गेम की पेनल्टी लगा दी और 5-3 से आगे चल रही ओसाका जीत से सिर्फ़ एक गेम दूर रह गईं.

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क्या कहते हैं नियम?

आईटीएफ़ ग्रैंड स्लैम नियमों के मुताबिक:

  • अगर किसी अधिकारी, विरोधी, प्रायोजक, दर्शक या किसी दूसरे व्यक्ति को भद्दी, अपमानजनक बात कही जाती है तो इसे अपशब्द माना जाएगा.
  • रैकेट या दूसरे सामान तोड़ने को गलत मंशा के साथ ख़तरनाक और हिंसक तरीके से नुकसान पहुंचाना माना जाएगा.
  • खिलाड़ियों को मैच जारी रहने के दौरान कोच से किसी भी तरह की कोचिंग नहीं मिलनी चाहिए. खिलाड़ी और कोच के बीच किसी भी तरह का संचार, कोचिंग माना जाएगा.
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कौन हैं कार्लोस रामोस?

इस मैच की वजह से विवादों में आए कार्लोस रामोस पुर्तगाल के टेनिस अम्पायर हैं. इंटरनेशनल टेनिस फ़ेडरेशन रैंकिंग के मुताबिक वो गोल्ड बैज जज हैं.

वो सभी चारों ग्रैंड स्लैम टेनिस टूर्नामेंट में बैठने वाले पहले अम्पायर बने थे. वो न केवल कई हाई-प्रोफ़ाइल मैच में अम्पायरिंग कर चुके हैं, बल्कि कई खिलाड़ियों के साथ कोर्ट में ही उनका विवाद भी हो चुका है.

सरीना विलियम्स से पहले साल 2016 फ़्रेंच ओपन के एक मैच में निक किरगियोस को उन्होंने कोड वॉयलेशन जारी किया था क्योंकि वो मैच के दौरान टावल बॉय पर चिल्लाए थे.

साल 2016 के रियो ओलंपिक में रामोस से एंडी मरे पर पेनल्टी लगाई थी, जब उन्होंने 'बकवास अम्पायरिंग' करने का ताना मारा था.

इसके अलावा वो साल 2017 के फ़्रेंच ओपन में फिर एंडी मरे पर पेनल्टी लगाने वाले अम्पायर बने. इसके अलावा नोवाक जोकोविच भी कई बार उनके निशाने पर आ चुके हैं.

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वो पुरानी लड़ाइयां?

टेनिस के मौजूदा दिग्गजों के अलावा अतीत के सितारे भी कई बार अम्पायर से लड़ चुके हैं. अपने शानदार टेनिस के लिए विख्यात रहे जॉन मैकनरो अपने गुस्से को लेकर काफ़ी बदनाम रहे हैं.

साल 1981 में जॉन मैकनरो ने विम्बल्डन में अम्पायर एडवर्ड जेम्स को 'बेवकूफ़' कह दिया था. उन पर 1500 डॉलर का जुर्माना लगाया गया था लेकिन वो फिर भी मैच जीतने में कामयाब रहे.

लेकिन गुस्सा इतना था कि वो चैम्पियंस डिनर में शामिल तक नहीं हुए थे.

जेफ़ टरांगो

साल 1995 में जेफ़ टरांगो, जर्मनी के एलेग्ज़ेंडर एमरोंज़ के ख़िलाफ़ खेल रहे थे जब दर्शकों के शोर मचाने पर उन्होंने 'शटअप' चिल्लाया. अम्पायर रिबुय ने कोर्ट वॉयलेशन जारी किया और टरांगो ने फिर उन्हें मैच का सबसे भ्रष्ट अधिकारी करार दिया.

टरांगो ने बॉल लेकर पटकी और पैर झटकते हुए कोर्ट से बाहर चले गए. बाद में टरांगो की पत्नी ने अम्पायर पर मुकदमा ठोंक दिया था. टरांगो पर भारी जुर्माना लगा और अगले साल उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया.

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