अब सरीना विलियम्स के 'नस्लभेदी' कार्टून पर हंगामा

  • 11 सितंबर 2018
सरीना विलियम्स, नाओमी ओसाका इमेज कॉपीरइट AFP/Getty

दुनिया भर के टेनिस प्रेमी इस वक़्त दो हिस्सों में बंट गए हैं. एक वो जो सरीना विलियम्स के साथ हैं और दूसरे वो जिन्हें लगता है कि यूएस ओपन के फ़ाइनल मुक़ाबले में सरीना का बर्ताव उचित नहीं था.

हालांकि मामला अब यहीं तक नहीं सीमित नहीं है. अब लोग ऑस्ट्रेलियाई कार्टूनिस्ट मार्क नाइट के बनाए एक कार्टून पर बंटे नज़र आ रहे हैं.

मार्क नाइट का यह कार्टून ऑस्ट्रेलिया के सबसे ज़्यादा पढ़े जाने वाले अख़बार 'द हेरल्ड सन' में सोमवार को प्रकाशित हुआ था.

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कार्टून में सरीना को गुस्से में चीखते और अपना रैकेट तोड़ते दिखाया गया है. वहीं, जापानी खिलाड़ी ओसाका से अंपायर कह रहे हैं- क्या आप उन्हें जीतने देंगी, प्लीज़?

मार्क के इस कार्टून पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. बहुत से लोग इसे रेसिस्ट (नस्लभेदी) और सेक्सिस्ट बताकर इसकी आलोचना कर रहे है तो कुछ लोगों को कार्टून में कुछ भी ग़लत नहीं लग रहा है.

कुछ लोगों का यह भी कहना है कि इस कार्टून ने जापान की युवा खिलाड़ी नाओमी ओसाका को कम करके दिखाया गया है.

यूएस ओपन के फ़ाइनल मुक़ाबले में सरीना विलियम्स ने अंपायर कार्लोस रामोस को 'झूठा' और 'चोर' कहा था. मैच के दौरान उन्होंने ग़ुस्से में अपना रैकेट भी तोड़ दिया था.

लैंगिक भेदभाव का आरोप

सरीना विलियम्स पर आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए 17 हज़ार डॉलर का जुर्माना लगाया गया है.

वहीं, सरीना का कहना था कि उन्होंने खेल के दौरान न कोई चीटिंग की और न ही ग़लत बर्ताव. सरीना का आरोप है उन पर जुर्माना लगाने और प्वाइंट काटे जाने का फ़ैसला लैंगिक भेदभाव से प्रेरित है.

हालांकि कार्टूनिस्ट मार्क नाइट और अख़बार के संपादक डैमॉन जॉनस्टन ने अपना मज़बूती से बचाव किया है कार्टून के सेक्सिस्ट या रेसिस्ट होने के आरोपों से इनकार किया है.

संपादक डैमॉन जॉनस्टन ने अपने एक ट्वीट में कहा, "यह कार्टून एक टेनिस लीजेंड के अनुचित व्यवहार का उचित तरीके से मज़ाक उड़ाता है. मार्क को सबका पूरा समर्थन है."

वहीं, मशहूर लेखिका जेके रोलिंग ने कार्टूनिस्ट मार्क पर तंज कसते हुए ट्वीट किया, "दुनिया की सबसे महान खिलाड़ियों में से एक (सरीना) को सेक्सिस्ट और रेसिस्ट अभियक्ति तक सीमित करने और दुनिया की दूसरी बेहतरीन खिलाड़ी (ओसाका) को एक बिना चेहरे वाले प्रॉप तक सीमित करने के लिए आपको शाबासी."

एक ट्विटर यूज़र ने लिखा, "आपने नस्लभेदी होने की पूरी कोशिश की है और तमाम कोशिशों के बाद भी आप इससे ज़्यादा नस्लभेदी नहीं हो सकते थे. आपने सरीना का विशाल कैरिकेचर बनाया है. उन्हें ज़रूरत से ज़्यादा मैस्क्युलिन बनाया है, उनके होंठ मोटे बनाए हैं और उनके शरीर के अंगों को भी जान बूझकर बड़ा बनाया है. आपके और 1800 के नस्लभेद में किसी को कोई फ़र्क नज़र नहीं आएगा."

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सोशल मीडिया पर कई लोग इस बात से भी ख़फ़ा हैं कि कार्टून में ओसाका को एक गोरी और भूरे बालों वाली महिला की तरह दिखाया गया है जबकि वो मिक्स्ड रेस की हैं.

अमरीका के नेशनल एसोसिएशन ऑफ़ ब्लैक जर्नलिस्ट्स ने भी इस कार्टून पर अपनी आपत्ति जताई है.

मार्क नाइट के पिछले महीने बनाए गए एक कार्टून पर भी नस्लभेद का आरोप लगा था. इस कार्टून में उन्होंने बिना चेहरे वाले कुछ काले लोगों को मेलबर्न के सबवे में झगड़ते दिखाया था.

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