हार्दिक पंड्या और केएल राहुल पर 20-20 लाख का जुर्माना

  • 20 अप्रैल 2019
हार्दिक पंड्या, करण जौहर और केएल राहुल इमेज कॉपीरइट INTAGRAM/HARDIKPANDYA

भारत क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों हार्दिक पंड्या और केएल राहुल पर एक टीवी कार्यक्रम में महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर बीबीसीआई के लोकपाल डीके जैन ने शनिवार को 20-20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया.

बीसीसीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित आदेश में जस्टिस डीके जैन ने लिखा है कि पंड्या और राहुल पर और आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.

यह विवाद तब शुरू हुआ था जब जनवरी के पहले सप्ताह में 'कॉफ़ी विद करन' कार्यक्रम में दोनों का विवादित इंटरव्यू प्रसारित हुआ था. उस दौरान उन पर अस्थाई प्रतिबंध लगाया गया था. इस कारण दोनों पांच एकदिवसीय मैचों में नहीं खेल पाए थे.

इसके बाद उन पर से तब प्रतिबंध हटा जब दोनों ने महिलाओं के ख़िलाफ़ अपनी विवादित टिप्पणी पर बिना शर्त माफ़ी मांगी थी. दोनों विश्व कप के लिए चुनी गई भारत की 15 सदस्यीय टीम में भी शामिल हैं. विश्व कप 30 मई से ब्रिटेन में शुरू हो रहा है.

दोनों की टिप्पणी जब सामने आई थी तब सुप्रीम कोर्ट की बनाई बीसीसीआई की प्रशासकों की समिति के प्रमुख विनोद राय ने ख़ुद ही कार्रवाई की थी. हालांकि, बीसीसीआई के लोकपाल के तैनात न होने से इस मामले की जांच नहीं हो सकी थी.

सुप्रीम कोर्ट ने बाद में जस्टिस डीके जैन को लोकपाल नियुक्त किया था. इस महीने जस्टिस जैन ने पंड्या और राहुल को उनके बयानों के लिए तलब किया था.

इमेज कॉपीरइट TWITTER/HARDIK PANDYA

अर्धसैनिक बलों के को में जाएगा पैसा

जस्टिस जैन ने 20-20 लाख रुपये जुर्माने के आदेश में दोनों को यह निर्देश दिए हैं कि वह इनमें से 10-10 लाख रुपये अर्धसैनिक बलों के 10 जवानों की विधवाओं को दें.

यह राशि 'भारत के वीर ऐप' के ज़रिए दी जाएगी. इस ऐप को अर्धसैनिक बलों के परिवारों को सहायता राशि देने के लिए बनाया गया है.

इसके अलावा बाकी की 10-10 लाख रुपये की रक़म दृष्टिहीन भारतीय क्रिकेट टीम के फ़ंड में दिए जाने का आदेश दिया गया है.

टीवी कार्यक्रम में दोनों के बयान सामने आने के बाद खिलाड़ियों की सोशल मीडिया पर काफ़ी आलोचना हुई थी.

ये भी पढ़ें:

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार