वर्ल्ड कप 2019:पाकिस्तान चार में तीन ही मैच जीतता है तब क्या होगा

  • 23 जून 2019
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विश्व कप में पाकिस्तान एक बार फिर से दोराहे पर खड़ा है. टूर्नामेंट में बने रहने की राह काफ़ी मुश्किल हो गई है. पाकिस्तान की हालत 1992 के विश्व कप में भी बिल्कुल ऐसी ही थी.

ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पाकिस्तान के लिए इस वर्ल्ड कप में कोई उम्मीद बची है? अगर उम्मीद है तो उसके लिए पाकिस्तानी टीम को कितने पापड़ बेलने होंगे?

इस बार के वर्ल्ड कप में 10 देशों टीमें खेल रही हैं. 10 टीमों की अंक तालिका में अफ़ग़ानिस्तान शून्य अंक के साथ सबसे नीचे है और उसके बाद तीन अंकों के साथ पाकिस्तान है. पाकिस्तान के अलावा दक्षिण अफ़्रीका और वेस्ट इंडीज़ के भी तीन-तीन अंक हैं.

न्यूज़ीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, श्रीलंका, बांग्लादेश और वेस्ट इंडीज़ को अभी तीन-तीन मैच खेलने हैं जबकि भारत और पाकिस्तान के चार-चार मैच बाक़ी हैं.

पाकिस्तान को सेमीफ़ाइनल में जगह बनाने के लिए बाक़ी के सभी चार मैच जीतने होंगे. अगर पाकिस्तान एक भी मैच हारता है तो टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा. अगर पाकिस्तान दक्षिण अफ़्रीका, न्यूज़ीलैंड, अफ़ग़ानिस्तान और बांग्लादेश से मैच जीत जाता है तो उसका अंक तीन से 11 पहुंच जाएगा. लेकिन मामला यहीं ख़त्म नहीं होता है. पाकिस्तान के लिए सभी चार मैच में जीत ही काफ़ी नहीं है.

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श्रीलंका को अपने अगले तीन मैचों में से एक हारना होगा. श्रीलंका के अगले तीन मैच दक्षिण अफ़्रीका, वेस्ट इंडीज़ और भारत से हैं. अगर श्रीलंका दो मैच भी जीत जाता है तो उसके अंक छह से 10 पहुंच जाएंगे. दूसरी तरफ़ बांग्लादेश को भी तीन में से एक मैच हारना होगा. बांग्लादेश के अगले तीन मैच अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान और भारत से हैं. अगर बांग्लादेश तीन में दो मैच भी जीत लेता है तो उसके अंक पाँच से नौ हो जाएंगे.

इन परिस्थितियों में क्या पाकिस्तान सेमीफ़ाइनल में बना सकता है जगह?

  • अगर इंग्लैंड अगले तीन में से दो मैच हार जाता है तो पाकिस्तान की संभावना बढ़ जाएगी. इस हालत में इंग्लैंड के आठ अंक से बढ़कर 10 अंक होंगे.
  • विश्व कप में पाँच बार चैंपियन रहा ऑस्ट्रेलिया अगर अगला तीनों मैच इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड और दक्षिण अफ़्रीका से हार जाता है तो उसके 10 अंक ही रहेंग. ऐसे में पाकिस्तान के लिए मौक़ा बढ़ जाएगा.
  • दो बार का चैंपियन रहा भारत बाक़ी के सभी चार मैच वेस्ट इंडीज़, इंग्लैंड, बांग्लादेश और श्रीलंका से हार जाता है तो उसके नौ अंक ही रहेंगे. ऐसे में पाकिस्तान के लिए सेमीफ़ाइनल में जाने की उम्मीद बढ़ जाएगी.
  • अगर भारत अपने बाक़ी चार मैच में से तीन हार जाता है तो उसके अंक नौ से 11 हो जाएंगे. चार मैच जीतने के बाद पाकिस्तान के भी 11 अंक हो जाएंगे. ऐसी स्थिति में रन रेट से फ़ैसला होगा लेकिन इसके लिए पाकिस्तान को चारों मैच जीतने होंगे.
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  • अंक तालिका में सबसे ऊपर न्यूज़ीलैंड अगर बाक़ी के सभी मैच पाकिस्तान, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया से हार जाता है तो उसके कुल अंक 11 में कोई तब्दीली नहीं आएगी. ऐसे में पाकिस्तान 11 अंक पाने के बाद भी रन रेट के ज़रिए सेमीफाइनल की संभावना को बचा सकता है. मतलब पाकिस्तान सभी चार मैच जीत भी जाता है तो सेमीफ़ाइनल की राह इतनी आसान नहीं होगी.

अगर पाकिस्तान चार में से तीन मैच ही जीतता है तो सेमीफ़ाइनल में पहुंचने की कितनी संभावनाएं

  • अगर इंग्लैंड अपने बाक़ी सभी तीनों मैच ऑस्ट्रेलिया, भारत और न्यूज़ीलैंड से हार जाता है तो उसके आठ अंक ही रहेंगे. दूसरी तरफ़ पाकिस्तान चार में से तीन मैच जीतता है तो उसके नौ अंक हो जाएंगे. लेकिन इस हालत में श्रीलंका को बाक़ी तीन मैचों दक्षिण अफ़्रीका, वेस्ट इंडीज़ और भारत में से दो से हारना होगा ताकि उसका अंक छह से आठ ही पहुंचे.
  • इसके साथ ही बांग्लादेश को बाक़ी के तीन मैचों में अफ़ग़ानिस्तान, भारत और पाकिस्तान में से दो से हारना होगा ताकि पाँच से सात अंक तक ही वो सीमित रहे. इसके साथ ही वेस्ट को बाक़ी के तीन मैच भारत, श्रीलंका और अफ़ग़ानिस्तान में से कोई एक हारना होगा ताकि तीन अंक से सात अंक तक ही सीमित रहे.

पाकिस्तान 1992 में ऐसी ही स्थिति में था लेकिन तब वो न केवल सेमीफ़ाइनल में पहुंचा था बल्कि वर्ल्ड कप भी जीता था. उस वक़्त पाकिस्तानी टीम की कमान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के हाथों में थी.

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