क्रिकेट में 'दादा' लौटे और साथ में लौटे बेटा-बेटी

  • 15 अक्तूबर 2019
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Image caption जय शाह

सौरव गांगुली जिन्हें उनके प्रशंसक 'दादा' और 'प्रिंस ऑफ़ कोलकाता' कहते हैं, भारत में क्रिकेट की प्रशासनिक संस्था, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष होंगे.

गांगुली के नाम की सुगबुगाहटें पहले से थीं. उनका नाम पूर्व बीसीसीआई प्रमुख और भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने आगे किया था. लेकिन फिर एन श्रीनिवासन गुट ने ब्रजेश पटेल को भी इस दौड़ में उतार दिया. श्रीनिवासन ने इस सिलसिले में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाक़ात भी की. उसी दिन सौरव गांगुली भी अमित शाह से मिले थे.

गांगुली के संन्यास के बाद उनके राजनीति में जाने की अटकलें थीं, लेकिन वो उससे दूर रहे.

2014 लोकसभा चुनाव के समय भाजपा ने उन्हें अपनी मनचाही सीट से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया लेकिन गांगुली ने यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया.

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सुगबुगाहटें तब भी शुरू हुईं जब गांगुली की पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिले. लेकिन गांगुली ने कहा कि ये मुलाक़ात एक स्कूल के बारे में थी जिसे वो शुरू करना चाहते थे.

ख़बरें ये भी थीं कि तृणमूल कांग्रेस गांगुली को राज्यसभा भेजना चाहती है. सचिन तेंदुलकर पहले ही राज्यसभा जा चुक थे. गांगुली को भी उसी सोच के तहत उच्च सदन में भेजे जाने पर विचार किया जा रहा था. लेकिन बात नहीं बनी.

2021 में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होंगे. भाजपा चाहती है कि गांगुली उस दौरान उनके लिए प्रचार करें. वो औपचारिक तौर पर भाजपा में जाएंगे या नहीं, ये साफ़ नहीं है. ये भी साफ़ नहीं है कि वो पार्टी का प्रचार करने पर राज़ी हुए हैं या नहीं. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होगा, उनसे कोई इस तरह की बातें नहीं कहता.

अमित शाह के बेटे जय शाह बीसीसीआई के अगले सचिव होंगे. वो इससे पहले गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे हैं. वहीं अनुराग ठाकुर के भाई अरुण धूमल बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष होंगे. ख़बरें हैं कि ब्रजेश पटेल को आईपीएल गवर्निंग काउंसिल का चेयरमैन बनाया जा सकता है.

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Image caption ब्रजेश पटेल

बीसीसीआई का ढांचा

बीसीसीआई काउंसिल में नौ सदस्य होते हैं. अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, संयुक्त सचिव, क्रिकेटर्स एसोसिएशन का पुरुष प्रतिनिधि, महिला प्रतिनिधि, आईपीएल गवर्निंग काउंसिल का प्रतिनिधि और केंद्र सरकार का प्रतिनिधि.

नए पदाधिकारियों के साथ बीसीसीआई की कमिटी ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेटर्स यानी सीओए के 33 महीनों का कार्यकाल ख़त्म हो जाएगा. सीओए का गठन सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लोढ़ा समिति की सिफ़ारिशों के अनुरूप किया गया था.

18 जुलाई 2016 को सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस आरएम लोढ़ा समिति की सिफ़ारिशें स्वीकार कर ली थी. लोढ़ा समिति ने बीसीसीआई में ढांचागत बदलाव की सिफ़ारिशें की थीं.

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Image caption निरंजन सिंह, एन श्रीनिवासन और सौरव गांगुली

उन्हीं सिफ़ारिशों के आधार पर बीसीसीआई को एक नया संविधान मिला जिसमें सदस्यों की योग्यताओं के बारे में सख़्त नियम रखे गए. नए निर्देशों के मुताबिक, 70 से ज़्यादा उम्र वालों, मंत्रियों या सरकारी सेवकों, दूसरी खेल संस्थाओं से जुड़े लोगों और बोर्ड सदस्य के तौर पर पहले ही नौ साल पूरे कर चुके पदाधिकारियों को बोर्ड सदस्य बनाए जाने पर पाबंदी लगा दी गई.

यानी पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन और पूर्व सचिव निरंजन शाह अयोग्य हो गए. दोनों की उम्र 70 से ज़्यादा है और वे बोर्ड में नौ साल का कार्यकाल कर चुके थे. अतीत में बीसीसीआई अध्यक्ष रहे 78 वर्षीय एनसीपी नेता शरद पवार भी अयोग्य हो गए. अनुराग ठाकुर जिन्हें बीसीसीआई ने 2017 में बीसीसीआई अध्यक्ष पद से हटाया था, वे अब केंद्र सरकार में मंत्री हैं तो वे भी क्रिकेट प्रशासन में नहीं लौट सकते थे.

हालांकि नए संविधान में बेटा-बेटियों के बीसीसीआई बोर्ड के चुनाव में उतरने पर पाबंदी नहीं लगाई गई थी. तो अपने बेटे-बेटियों के ज़रिये पुराने लोग भी अपनी शक्ति बरक़रार रख सकते हैं.

तो इसी के साथ भारतीय क्रिकेट प्रशासन के पुराने संचालक नई शक़्ल में लौट आए हैं.

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Image caption एन श्रीनिवासन की बेटी रूपा गुरुनाथ

क्रिकेट में परिवारवाद का मौजूदा स्वरूप

आईसीसी और बीसीसीआई के अध्यक्ष रहे एन श्रीनिवासन की बेटी रूपा गुरुनाथ तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन की नई अध्यक्ष हैं.

निरंजन शाह के बेटे जयदेव शाह सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट हैं.

भाजपा नेता और पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के भाई अरुण धूमल अब बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष होने वाले हैं.

देश के गृह मंत्री और गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह बीसीसीआई की एजीएम में गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के मनोनीत सदस्य हैं और वो बीसीसीआई के अगले सचिव होंगे.

जीसीए के नए उपाध्यक्ष धनराज भी राज्यसभा सांसद और जीसीए के पूर्व उपाध्यक्ष परिमल नाथवानी के बेटे हैं.

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बीसीसीआई के उपाध्यक्ष रहे चिरायु अमीन के बेटे प्रणव बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं. वहीं दिवंगत जयवंत लेले के पुत्र अजीत सचिव पद संभाल रहे हैं. वहीं विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन (वीसीए) में उपाध्यक्ष की कुर्सी पांच साल से पूर्व बीसीसीआई प्रमुख शशांक मनोहर के बेटे अद्वैत के पास है.

उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के प्रमुख यदुपति सिंघानिया हैं. उनसे पहले लगभग दो दशकों तक उनके पिता गौर हरि इस पद पर थे.

छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ की कुर्सी भी पूर्व अध्यक्ष बलदेव सिंह भाटिया के बेटे प्रभतेज के पास हैं.

राजस्थान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष का नाम वैभव गहलोत है जो मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत के पुत्र हैं.

बीसीसीआई की सालाना जनरल मीटिंग में राजकुमार सिंह को एसोसिएशन के प्रतिनिधि के तौर पर मनोनीत किया गया है. वो दूसरी बार के कांग्रेस विधायक हैं और मणिपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव (महासचिव) हैं. लोढा कमेटी की सिफ़ारिशों के अनुसार, कोई भी सरकारी ओहदेदार पद ग्रहण नहीं कर सकता. मगर रोचक बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त सीओए ने ही एमसीए का संविधान अनुमोदित किया है और एमसीए ने ही राज कुमार को बीसीसीआई एजीएम में अपना प्रतिनिधि नामित किया है.

पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अज़हरुद्दीन हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं. बीसीसीआई ने उन्हें फिक्सिंग में नाम आने के बाद बैन कर दिया था. हाईकोर्ट ने बाद में इस पाबंदी को हटा लिया था.

नागालैंड क्रिकेट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट केचनगुली रियो मुख्यमंत्री नेफ्यो रियो के बेटे हैं.

ओडिशा क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व सचिव आशीर्वाद बहेरा की कुर्सी अब उनके पुत्र संजय को मिल गई है.

विजय पाटिल अब मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट हैं. वो बिहार के पूर्व राज्यपाल डीवाई पाटिल के बेटे हैं. 10-15 दिन पहले हुए चुनावों में कांग्रेस नेता शाह आलम एमसीए के नए सदस्य चुने गए हैं.

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