वेस्टइंडीज़ से हार के बाद फ़ील्डर्स पर उखड़े कोहली

  • 9 दिसंबर 2019
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वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ दूसरे टी-20 मैच में मिली हार से भारतीय कप्तान विराट कोहली काफ़ी उखड़ गए हैं. उनके निशाने पर हैं, भारतीय फ़ील्डर्स, जिन्होंने वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ कई कैच छोड़े और रन भी दिए.

वेस्टइंडीज़ ने तिरुअनंतपुरम में हुए दूसरे टी-20 मैच में नौ गेंद रहते ही भारत को आठ विकेट से हरा दिया. भारत ने 170 रन बनाए थे.

लेकिन मैच के दौरान कभी ऐसा नहीं लगा कि वेस्टइंडीज़ की टीम हार सकती है. आख़िरकार उन्होंने सिर्फ़ दो विकेट के नुक़सान पर ही लक्ष्य हासिल कर लिया.

पिछले 15 टी-20 मैच, जिनमें भारत ने पहले बल्लेबाज़ी की है, उनमें से सात में भारत हारा है. कप्तान कोहली को ये बड़ा मुद्दा लगता है और वे इन आंकड़ों की अनदेखी करना नहीं चाहते.

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कप्तान कोहली ने कहा, "नंबर्स कई चीज़ें बताते हैं. वो ये भी बताते हैं कि क्या सही नहीं चल रहा है. हमलोग पहले 16 ओवर्स तक ठीक थे. हमारा स्कोर उस समय चार विकेट पर 140 रन था. आख़िरी चार ओवर्स में हमें 40-45 रन बनाने चाहिए थे, लेकिन हम 30 ही बना सके. हमें इस पर ध्यान देने की ज़रूरत है."

फ़ायदा

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दरअसल भारत ने आख़िरी पाँच ओवर्स में सिर्फ़ 38 रन बनाए. कप्तान कोहली ने स्वीकार किया कि वेस्टइंडीज़ ने बेहतर क्रिकेट खेली और गेंदबाज़ी करते समय उन्हें चेंज़ ऑफ़ पेस का काफ़ी फ़ायदा मिला.

लेकिन कोहली सबसे ज़्यादा नाराज़ फ़ील्डर्स पर दिखे. भुवनेश्वर कुमार की लगातार दो गेंदों पर पहले वॉशिंगटन सुंदर और फिर ऋषभ पंत ने कैच छोड़े. रवींद्र जडेजा तक ने ख़राब फील्डिंग की. दूसरी ओर लेंडल सिमंस (67), एविन लुइस (40) और निकोलस पूरन (38) ने धमाकेदार पारियाँ खेलीं.

कप्तान कोहली ने कहा, "अगर हम इतनी ख़राब फ़ील्डिंग करते रहें, तो हम कितना भी बड़ा स्कोर पर्याप्त नहीं होगा. दोनों मैचों में हमने ख़राब फ़ील्डिंग की. एक ओवर में सुंदर और पंत ने कैच छोड़े. आप सोचिए अगर एक ओवर में दो विकेट गिर गए होते, तो उनपर कितना दबाव होता. हमें फ़ील्ड पर और साहसी होने की आवश्यकता है. मुंबई हमारे लिए करो या मरो वाला मैच होगा."

दूसरी ओर वेस्टइंडीज़ के कप्तान केरॉन पोलार्ड ने अपनी टीम के प्रदर्शन पर ख़ुशी जताई और कहा कि भारत को 170 रनों पर रोक पर उनके गेंदबाज़ों ने बढ़िया काम किया.

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