#BBCIndianSportswomanoftheYear: भारत की महिला खिलाड़ियों को सलाम करने की एक कोशिश

  • 20 जनवरी 2020
बीबीसी स्पोर्ट्सवूमन ऑफ द ईयर अवॉर्ड 2019 क्यों अलग और ख़ास है? इमेज कॉपीरइट Getty Images

"एक रिपोर्टर ने मुझसे पूछा कि आख़िर मैं ओलंपिक मेडल क्यों जीतना चाहती हूं. मेरा जवाब था- क्योंकि ये वो इकलौती चीज़ है जिसके लिए मैंने पूरी ज़िंदगी मेहनत की है. हर रोज़!" - पी टी ऊषा

एक खिलाड़ी के लिए खेल इतना ही अहम होता है, ख़ासतौर पर ओलंपिक गेम्स.

24 जुलाई 2020 से जापान की राजधानी टोक्यो में ओलंपिक गेम्स होने हैं.

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खेल के इस महाकुंभ के लिए दुनियाभर के खिलाड़ी, जिनमें भारतीय खिलाड़ी भी शामिल हैं, कमर कस चुके हैं ताकि तैयारियों में कोई कमी ना रहने पाए.

साल 2000 के बाद से भारत ने ओलंपिक गेम्स में कुल 13 पदक अपने नाम किए हैं और इनमें महिला पदक धारकों की संख्या 5 है. वहीं बीसवीं शताब्दी की बात करें तो भारत को कुल 13 मेडल मिले और जीतने वाले सभी पुरुष थे.

बीबीसी पहली बार एक ख़ास पन्ना लेकर आ रहा है जोकि पूरी तरह महिला खिलाड़ियों को समर्पित है. देश की सबसे बेहतरीन महिला खिलाड़ियों के योगदान को सम्मानित करने के लिए ये ख़ास पेज बीबीसी की अलग-अलग भाषाओं की वेबसाइट पर लॉन्च किया जा रहा है. साथ ही इन महिला खिलाड़ियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा.

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बीबीसी स्पोर्ट्सवूमन ऑफ द ईयर अवॉर्ड 2019

लेकिन इस ख़ास पेज और श्रृंखला में पढ़ने को क्या मिलेगा?

यह ख़ास पन्ना देश की महिला खिलाड़ियों की प्रेरक कहानियों को सामने लाने का एक माध्यम है. जहां आप सिर्फ़ उनकी क़ामयाबी के बारे में ही नहीं पढ़ेंगे, उस क़ामयाबी तक पहुंचने के उनके संघर्ष के बारे में भी जान सकेंगे. यहां आप पढ़ सकेंगे कि कैसे उन्होंने एक के बाद एक मुश्किलों को पार करते हुए अपने लिए रास्ता बनाया. इस सीरीज़ का एक बड़ा मक़सद ये भी है कि हम महिला खिलाड़ियों के इर्द-गिर्द बात करें और भारत में महिलाओं के लिए उपलब्ध खेल के अवसरों और चुनौतियों पर बात कर सकें.

इसके साथ ही मार्च 2020 में बीबीसी पहली बार बीबीसी स्पोर्ट्सवूमन ऑफ द ईयर अवॉर्ड 2019 के नाम की घोषणा भी करेगा. जिन महिला खिलाड़ियों को इसके लिए नामित किया जाएगा, उनके नामों की सार्वजनिक घोषणा फ़रवरी महीने में कर दी जाएगी.

इस कार्यक्रम का लक्ष्य भारतीय महिला खिलाड़ियों के अतुलनीय योगदान को सम्मानित करना है और साथ ही यह एक मौक़ा भी है, जब हम भारत में खेल की दुनिया में अपना एक अलग मुक़ाम बनाने वाली महिलाओं की क़ामयाबी का जश्न भी मनाएंगे.

भारतीय महिला खिलाड़ियों की बात करें तो साल 2016 में रियो ओलंपिक के दौरान साक्षी मलिक और पीवी सिंधु ने भारत के लिए मेडल जीते थे.

ओलंपिक गेम्स में रेसलिंग में भारत की ओर से मेडल जीतने वालीं साक्षी पहली महिला खिलाड़ी बनीं वहीं सिंधु सबसे कम उम्र में मेडल जीतने वाली खिलाड़ी. भारत की दीपा कर्माकर भी मेडल जीतने के बेहद क़रीब पहुंच गई थीं.

अगर भारतीय महिला खिलाड़ी नहीं होती तो भारत को साल 1992 के बाद पहली बार रियो ओलंपिक्स से ख़ाली हाथ लौटना पड़ता.

इससे पहले लंदन ओलंपिक में भारत ने कुल छह ओलंपिक मेडल जीते थे जिनमें से दो पदक महिला खिलाड़ियों के थे. यहां मैरी कॉम का ज़िक्र करना बेहद ज़रूरी है जो भारत की ओर से मेडल जीतने वाली पहली महिला बॉक्सर बनी थीं.

साल 2012 में साइना नेहवाल खेलों के इस महाकुंभ में बैंडमिंटन के खेल में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं.

ये सारे आंकड़े ओलंपिक खेलों में भारतीय महिला खिलाड़ियों के योगदान को दर्शाते हैं, लेकिन यह भी सच है कि देश का नाम ऊंचा करने वाली इन महिला खिलाड़ियों के बारे में कभी भी उस तरह से चर्चा नहीं होती, जिस तरह होनी चाहिए.

लेकिन यह अवॉर्ड क्यों ?

बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवूमेन ऑफ़ द ईयर पुरस्कार का एक बड़ा मक़सद टोक्यो ओलंपिक से पहले महिलाओं और युवाओं की खेल में भागीदारी को प्रोत्साहित करना है.

बीबीसी की भारतीय भाषाओं की प्रमुख रूपा झा का मानना है कि एक औरत को चैंपियन बनने से पहले कई तरह की चुनौतियों से गुज़रना और जूझना पड़ता है.

Image caption बीबीसी की भारतीय भाषाओं की प्रमुख रूपा झा

वो कहती हैं, "मैं इस बात से बेहद उत्साहित हूं कि बीबीसी इस तरह की पहल कर रहा है. यह मेरे दिल के बेहद क़रीब है. हमारे लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है कि हम बहुत सी महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सामने ला रहे हैं. साथ ही उनकी उन तमाम चुनौतियों और मुश्किलों को भी, जिनसे लड़कर उन्होंने एक पहचान बनाई है. मैं आप सभी से कहूंगी कि आप इस पहल का स्वागत करें और भारत की सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी 2019 के लिए वोट करें."

कैसे होगा विजेता का चुनाव?

बीबीसी द्वारा चुने गए ज्यूरी सदस्यों ने भारतीय महिला खिलाड़ियों की एक शॉर्टलिस्ट तैयार की है. इन ज्यूरी सदस्यों में कुछ जाने-माने स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट, विशेषज्ञ और देशभर के कुछ चुनिंदा लेखक शामिल हैं.

चुनी गईं महिला खिलाड़ियों में से जिन पांच महिला खिलाड़ियों को ज्यूरी सदस्यों के सबसे अधिक वोट मिलेंगे, उन्हीं के नामों को पब्लिक वोटिंग के लिए आगे भेजा जाएगा. ये वोटिंग बीबीसी वेबसाइट पर होगी.

इन पांच नामों की घोषणा फ़रवरी महीने में कर दी जाएगी.

प्रशंसक भारतीय भाषा की किसी भी वेबसाइट पर जा सकते हैं और लिस्ट में मौजूद पांच महिला खिलाड़ियों में से अपनी पसंदीदा महिला खिलाड़ी के लिए वोट कर सकते हैं.

जिस महिला खिलाड़ी को सबसे अधिक वोट मिलेंगे, वही बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवूमन ऑफ़ द ईयर चुनी जाएंगी. विजेता महिला खिलाड़ी को सम्मानित करने के लिए दिल्ली में मार्च महीने में एक समारोह का भी आयोजन किया जाएगा.

इसके अलावा किसी एक महिला खिलाड़ी को भारतीय खेलों में उनके असाधारण सहयोग के लिए लाइफ़ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से भी सम्मानित किया जाएगा. बीबीसी मुख्य पुरस्कार समारोह के क्रम में दूसरे कई भारतीय शहरों में भी विशेष कार्यक्रम का आयोजन करेगा.

यह कार्यक्रम विभिन्न शहरों में छात्रों और जनता तक पहुंचने और भारतीय महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए है.

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भारतीय महिला खिलाड़ियों का योगदान

एक बार फिर लौटते हैं भारतीय महिला खिलाड़ियों के योगदान पर. पिछले एशियन खेलों की बात करें तो भारत ने कुल 57 पदक अपने नाम किए थे और उनमें लगभग आधे यानी 28 मेडल भारतीय महिला एथलीट्स ने जीते थे.

मिताली राज अकेली ऐसी क्रिकेट कैप्टन हैं जिनके नेतृत्व में भारतीय टीम दो बार विश्व कप फ़ाइनल में पहुंची.

स्मृति मंधाना, हीमा दास, मनु भाखर, रानी रामपाल, सानिया मिर्ज़ा, दीपिका पल्लीकल... भारतीय महिला खिलाड़ियों के नाम लेना शुरू करें तो ये लिस्ट बहुत दूर तक जाएगी.

वैसे यह साल भी सानिया मिर्ज़ा की जीत के साथ शुरू हो चुका है.

मैटरनिटी लीव से लौटने के बाद उन्होंने अपने पहले इंटरनेशनल मैच में शानदार जीत दर्ज की है. वहीं विनेश फोगट ने रोम में चल रहे टूर्नामेंट में 53 किलो भारवर्ग में रेसलिंग का गोल्ड मेडल जीता है.

यह सब साफ़ तौर पर दर्शाता है कि भारतीय महिला खिलाड़ियों के संदर्भ मे तेज़ी से बदलाव आ रहा है. और बीबीसी स्पोर्ट्सवूमन ऑफ द ईयर अवॉर्ड 2019 आपके लिए भी एक मौक़ा है, इस बदलाव का हिस्सा बनने का.

तो यह मौक़ा अपने हाथ से न जाने दें और नामों की घोषणा होने के बाद अपनी पसंदीदा बीबीसी वेबसाइट पर जाकर अपनी फ़ेवरेट भारतीय महिला खिलाड़ी के लिए वोट करें और उन्हें बीबीसी स्पोर्ट्सवूमन ऑफ द ईयर अवॉर्ड 2019 जिताएं.

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