टी-20 वर्ल्ड कप: फ़ाइनल में क्या कमाल करेंगी भारत की ये लड़कियां

  • वंदना
  • टीवी एडिटर, भारतीय भाषाएं
बीबीसी

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यूँ तो पिछले दिनों अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के भारत दौरे के समय उत्तर प्रदेश का आगरा शहर चर्चा में रहा या फिर ताज महल की वजह से लोग आगरा को याद करते हैं.

पर आगरा शहर अब किसी और चीज़ के लिए भी जाना जाने लगा है: भारत की दो शानदार महिला गेंदबाज़ों के लिए. पूनम यादव और दीप्ति शर्मा.

भारतीय महिला क्रिकेट टीम रविवार को ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में टी-20 वर्ल्ड कप का फ़ाइनल खेलेगी.

टूर्नामेंट में अब तक भारतीय महिला गेंदबाज़ों का बड़ा अहम रोल रहा है.

नौ विकेट लेकर पूनम इस वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया की मेगन के साथ सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाली खिलाड़ी हैं.

पर उनके क्रिकेट के सफ़र को समझने के लिए हमें थोड़ा पीछे चलना होगा.

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बड़े-बड़ों को आउट करने वाली 4 फ़ुट 11 इंच की पूनम

आगरा का एकलव्य स्टेडियम. स्टेडियम में जब खिलाड़ी प्रैक्टिस करने आते तो लेग स्पिन खेलने वाली वो अकेली क्रिकेटर होतीं, वो भी लड़की.

ऑफ़ स्पिन खेलने वालों की लाइन लगती, लेफ़्ट आर्म स्पिनर भी होते, लेकिन लेग स्पिनर ढूँढने से भी नहीं मिलते.

ये खिलाड़ी हैं पूनम यादव जिन्होंने महिला टी-20 वर्ल्ड कप में अपनी गेंदबाज़ी से भारत को ऑस्ट्रेलिया (4 विकेट) और बांग्लादेश (3 विकेट) के ख़िलाफ़ मैचों में जीत दिलाई.

महिला गेंदबाज़ों में कम ही खिलाड़ी हैं जो लेग स्पिन खेलती हैं. लेकिन पूनम शुरू से ही अलग थीं.

यूँ तो पूनम यादव का क़द सिर्फ़ 4 फुट 11 इंच है, लेकिन जब उनकी छोटी सी हथेली में गेंद आती है तो क्रिकेट के मैदान पर वो बड़े-बड़ों पर भारी पड़ती हैं.

वर्ष 1991 में जन्मी पूनम का परिवार जब गाँव से आगरा शिफ़्ट हुआ तो उनकी दिलचस्पी क्रिकेट में जगी. शुरू में घर के लोग ऐसा नहीं चाहते थे लेकिन पूनम की ज़िद और मेहनत रंग लाई और वो जल्द ही उत्तर प्रदेश टीम के लिए खेलने लगीं. वर्ष 2013 में उन्होंने भारतीय टीम में डेब्यू किया.

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पूनम यादव

पूनम की ख़ूबियां

पिछले दो साल पूनम के लिए कमाल के रहे हैं. साल 2018-19 के लिए पूनम को बीसीसीआई ने बेस्ट महिला क्रिकेट खिलाड़ी चुना.

साल 2017 के वनडे वर्ल्ड कप में पूनम की गुगली ख़ूब चली थी और ये उनकी ख़ासियत बन गई.

रेलवे के लिए खेलने वाली पूनम कभी वहाँ क्लर्क के पद पर थीं लेकिन अब वो सुपरिंटेंनडेंट हैं.

अपने छोटे क़द को पूनम ने अपनी ख़ूबी बना लिया है. बल्लेबाज़ के बहुत नज़दीक गेंद डालने की कला में वो माहिर हैं.

बल्लेबाज़ क्रीज़ से बाहर आई नहीं कि विकेटकीपर के हाथों वो आउट. विकेट पूनम की झोली में.

पूनम को अर्जुन अवार्ड मिल चुका है. उत्तर प्रदेश से किसी महिला क्रिकेटर को इससे पहले ये पुरस्कार नहीं मिला है.

वनडे वर्ल्ड कप रैंकिंग में पूनम सातवें नंबर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ हैं. भारत के लिए टी-20 मैचों में सबसे ज़्यादा विकेट (92) का रिकॉर्ड भी पूनम के ही हाथ में है.

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दीप्ति शर्मा

दीप्ति शर्मा

पूनम यादव की तरह आगरा से वास्ता रखने वालीं दीप्ति शर्मा भी भारतीय टीम की एक बेहतरीन गेंदबाज़ हैं.

पिछले साल साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ टी-20 मैच में तीन मेडन ओवर डालकर वो ऐसा करने वाली पहली भारतीय गेंदबाज़ बनी थीं.

टी-20 वर्ल्ड रैंकिंग में वे चौथे नंबर पर हैं और वनडे ऑलराउंडर रैंकिंग में भी चौथे पायदान पर.

उनकी साल 2017 की पारी आज भी याद की जाती है. दीप्ति ने आयरलैंड के ख़िलाफ़ 188 रन ठोंके थे जो तब वनडे में किसी महिला का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर था.

ऑस्ट्रेलिया में चल रहे टी-20 विश्व कप के पहले मैच में दीप्ति ने 46 गेंदों में 49 रन बनाए थे जिसकी बदौलत 133 रन का स्कोर खड़ा कर सका था.

दीप्ति की सफ़लता में उनके भाई का बड़ा रोल रहा है जिन्होंने अपना करियर छोड़कर दीप्ति के करियर में मदद की.

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शिखा पांडे

पूनम यादव के साथ भारत की मज़बूत कड़ी का एक और नाम है तेज़ गेंदबाज़ शिखा पांडेय.

इस टी-20 वर्ल्ड कप में 7 विकेट लेकर वो पाँचवें नंबर पर हैं. 30 साल की ऑल राउंडर शिखा दरअसल स्क्वॉड्रन लीडर हैं जो इंडियन एयर फ़ोर्स से जुड़ी हैं.

गोवा में उनके पिता केंद्रीय विद्यालय में हिंदी पढ़ाते थे. क्रिकेट का शौक उन्हें बचपन से था लेकिन लेदर बॉल से पहली बार खेलना कॉलेज में हुआ.

शुरुआती दौर में क्रिकेट में सफ़लता नहीं मिली तो वे 2011 में वायु सेना से जुड़ गईं और एयर ट्रैफ़िक कंट्रोलर के तौर पर काम किया.

साल 2014 में वे आख़िरकर भारतीय टीम में चुनी गईं. ऑस्ट्रेलिया में चल रहे टी-20 वर्ल्ड कप में शिखा ने पहले मैच में तीन और बांग्लादेश के ख़िलाफ़ मैच में दो अहम विकेट लिए थे.

भारतीय महिला टीम की गेंदबाज़ी काफ़ी मज़बूत मानी जाती हैं और इस वर्ल्ड कप में भारतीय गेंदबाज़ों ने ये साबित भी किया है.

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राधा यादव

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बात सरहद पार

दो देश,दो शख़्सियतें और ढेर सारी बातें. आज़ादी और बँटवारे के 75 साल. सीमा पार संवाद.

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19 साल की स्पिनर राधा यादव ने टी-20 वर्ल्ड कप में श्रीलंका के ख़िलाफ़ शानदार 4 विकेट लिए थे.

राधा का बचपन काफ़ी ग़रीबी में बीता. मुंबई में कांदिवली के 200-250 स्क्वेयर फ़ीट के उनके घर को देखकर अंदाज़ा लगाना मुश्किल है कि यहाँ से निकलकर राधा ने भारतीय टीम में जगह बनाई है.

साल 2000 में जन्मी राधा के पिता ओम प्रकाश रोज़ी रोटी के लिए यूपी के जौनपुर से मुंबई पहुँचे थे और एक छोटे से खोखे पर दूध बेचते थे लेकिन ग़रीबी को राधा या उनके पिता ने आड़े नहीं आने दिया.

भारत ने ऑस्ट्रेलिया में हुए वर्ल्ड कप में चार मैच खेले हैं और ज़्यादातर मैचों में किसी ने किसी गेंदबाज़ ने बाज़ी पलटी है.

राजेश्वरी गायकवाड़, 20 साल की तेज़ गेंदबाज़ पूजा वस्त्राकर और 22 साल की अरुंधति रेड्डी के साथ पुराने मझे हुए गेंदबाज़ों ने भारत को वर्ल्ड कप में पहुंचाया है.

बल्लेबाज़ों में केवल शेफ़ाली यादव ही ज़्यादा चल पाई हैं और अब नज़रें 8 मार्च को होने वाले फ़ाइनल पर हैं जहाँ भारत का मुक़ाबला ऑस्ट्रेलिया से होना है.

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