पाकिस्तान का आरोप- विदेशी क्रिकेटरों को भारत ने रोक दिया

हर्शल गिब्स

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पाकिस्तान के कश्मीर प्रीमियर लीग (केपीएल) के आयोजकों और खिलाड़ियों ने दावा किया है भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को इस क्रिकेट टूर्नामेंट में भाग लेने के ख़िलाफ धमकी और चेतावनी दे रहा है.

शनिवार को, दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर हर्शल गिब्स ने ट्वीट किया कि बीसीसीआई ने उन्हें लीग में भाग नहीं लेने की हिदायत दी है.

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "यह बिल्कुल बेवजह है कि बीसीसीआई पाकिस्तान के साथ अपना राजनीतिक एजेंडा बीच में ला रहा है और मुझे कश्मीर प्रीमियर लीग में खेलने से रोकने की कोशिश कर रहा है. मुझे धमकी भी दी जा रही है कि भारत में क्रिकेट से जुड़े किसी भी काम के लिए एंट्री नहीं मिलेगी. हास्यास्पद है."

शनिवार को पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ़ ने भी बीसीसीआई पर ऐसे ही आरोप लगाए थे.

लतीफ ने ट्विटर पर लिखा, "बीसीसीआई ने क्रिकेट बोर्डों को चेतावनी दी है कि अगर कश्मीर प्रीमियर लीग में पूर्व खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया तो उन्हें भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. गिब्स, दिलशान और मॉन्टी पानेसर समेत कई खिलाड़ी केपीएल के लिए चुने गए हैं."

कश्मीर प्रीमियर लीग के डायरेक्टर क्रिकेट ऑपरेशन्स, तैमूर ख़ान ने कहा कि उन्होंने कुछ खिलाड़ियों से बात की है, जिन्होंने भारत की ओर से दबाव का ज़िक्र किया है.

इसे "दुखद" बताते हुए उन्होंने कहा कि अगर इस कारण विदेशी खिलाड़ी टूर्नामेंट से बाहर होने का फ़ैसला करते हैं, तब भी लीग का आयोजन तय समय पर किया जाएगा.

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इन आरोपों के बाद से पाकिस्तान के कई नेता, मंत्रियों और अधिकारियों ने भारत की आलोचना की है.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ज़ाहिद हफ़ीज़ चौधरी ने ट्विटर पर एक बयान जारी कर लिखा, "भारत द्वारा क्रिकेट के राजनीतिकरण की निंदा की जानी चाहिए. युवा कश्मीरी खिलाड़ियों को क्रिकेट के बल्ले और गेंद के बड़े नामों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने के अवसर से वंचित करना दुर्भाग्यपूर्ण और खेदजनक है."

पाकिस्तानी मंत्री चौधरी फवाद ख़ान ने लिखा, "यह पहली बार नहीं है जब मोदी सरकार ने अपनी राजनीति के लिए क्रिकेट की क़ुर्बानी दी है. हर्शल गिब्स पर कश्मीर लीग में भाग न लेने का दबाव एक पुरानी प्रथा का हिस्सा है. हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं. इससे कोई नुक़सान नहीं होगा, सिर्फ फ़ायदा होगा."

बीसीसीआई की ओर से इस मुद्दे पर फ़िलहाल कोई बयान नहीं जारी किया गया है. अपनी इस टिप्णी के साथ फ़वाद चौधरी ने हर्शल गिब्स का ट्वीट भी रीट्वीट किया है.

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क्या है कश्मीर प्रीमियर लीग

कश्मीर प्रीमियर लीग पाकिस्तान के क्रिकेट बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त एक टी-20 टूर्नामेंट हैं, जिसमें छह टीमें हिस्सा लेंगी - रावलकोट हॉक्स, कोटली लायंस, मीरपुर रॉयल्स, मुजफ्फराबाद टाइगर्स, ओवरसीज़ वॉरियर्स और बाग स्टैलियन.

हर टीम में एक विदेशी खिलाड़ी शामिल है. इसके अलावा शाहिद अफरीदी, मोहम्मद हाफ़िज़, शोएब मलिक, फखर जमान, शादाब ख़ान जैसे पाकिस्तान के जाने माने चेहरे भी इन टीमों का हिस्सा हैं.

पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के मुज़फ़्फ़राबाद क्रिकेट स्टेडियम में इन टीमों के बीच 10 मैच खेल जाएंगे. टूर्नामेंट छह अगस्त से शुरू होकर और 17 अगस्त तक चलेगा.

पाकिस्तान के जियो टीवी न्यूज़ के अनुसार बीसीसीआई की कथित धमकी को देखते हुए सभी विदेशी खिलाड़ियों ने छह अगस्त से शुरू हो रहे टूर्नामेंट से ख़ुद को अलग कर लिया है. जियो टीवी के अनुसार बीसीसीआई ने इंग्लिश और अफ़्रीकी क्रिकेट बोर्ड से इसे लेकर संपर्क किया था.

बीसीसीआई को आपत्ति क्यों?

इसे लेकर बीसीसीआई की तरफ़ से अभी कुछ नहीं कहा गया है. भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर पर विवाद लंबे समय से है. कश्मीर के नाम पर अगर कोई ऐसा आयोजन होता है, जिसमें विदेशी मेहमान भी शामिल होंगे तो भारत की प्रतिक्रिया को स्वाभाविक माना जा रहा है. शिव सेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने हर्शल गिब्स के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा है, ''शुक्रिया बीसीसीआई. मिस्टर गिब्स यह कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं, बिल्कुल सही एजेंडा है.''

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