वरीयता नहीं खेल पर ध्यान दूंगी: साइना

  • 25 जून 2009

इंडोनेशिया ओपन बैडमिंटन चैम्पियनशिप जीतने के बाद भारत की साइना नेहवाल ने कहा है कि उनका ध्यान वरीयता पर नहीं बल्कि खेल पर है.

Image caption साइना ने कड़ी मेहनत को जीत का राज़ बताया

बीबीसी के साथ विशेष बातचीत में साइना ने कहा कि इस प्रतियोगिता के लिए उन्होंने काफ़ी मेहनत की थी और वे चैम्पियनशिप जीतकर काफ़ी ख़ुश हैं.

जीत से गदगद साइना ने बड़ी सहजता से सभी सवालों के जवाब दिए. पेश हैं इस बातचीत के अंश.

<b>साइना ये ख़िताब जीतकर आपने देश का नाम रौशन किया है. ख़ुद आपको कैसी अनुभूति हो रही है इस जीत के बाद.</b>

इतना बड़ा टूर्नामेंट जीतने के बाद काफ़ी अच्छा महसूस कर रही हूँ. चीन की किसी खिलाड़ी को प्रतियोगिता में हराना काफ़ी मुश्किल काम है.

लेकिन मैंने बहुत मेहनत की क्योंकि फ़ाइनल में आने के बाद कड़ी मेहनत ही जीत तक पहुँचा सकती थी. पिछले दिनों से मैं अच्छी फ़ार्म में रही जिससे मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा.

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मैंने वो आत्मविश्वास हासिल करने की कोशिश की जिससे अच्छे खिलाड़ी को मात दी जा सके. मैं ख़ुश हूँ कि मैंने वो आत्मविश्वास हासिल किया और मैंने ये चैम्पियनशिप जीती.

<b>दुनिया की नंबर तीन खिलाड़ी के सामने पहला गेम हारने के बाद वापसी करना, आत्मविश्वास की कमी. क्या सोचा था आपने इस स्थिति में?</b>

उस वक़्त मैं थोड़ा नर्वस ज़रूर हो गई थी लेकिन मेरे दिमाग़ में सिर्फ़ फ़ाइनल ही चल रहा था. पहले गेम के बाद में मैंने उसको वो स्ट्रोक्स खेलने का मौक़ा नहीं दिया जिन पर उसकी पकड़ थी.

यही वजह रही कि वो लगातार थकती चली गई और इसका फ़ायदा मुझे मिला. मैं तीसरे गेम में शुरूआत ही में बढ़त हासिल करने में कामयाब हो गई.

<b>साइना सिंगापुर में क्वार्टर फ़ाईनल में पहुँचना और सुपर सिरीज़ जीतना एक ऐसे देश में, जहाँ बैडमिंटन रग-रग में बसा है. निसंदेह आप विश्व वरीयता क्रम में ऊपर चली जाएँगी. आपको लगता है कि इस जीत के बाद आप पाँच शीर्ष खिलाड़ियों में पहुँच पाएँगी.</b>

मुझे लगता है कि मैं पहुँच जाऊंगी. लेकिन इतना अहम टूर्नामेंट जीतने के बाद वरीयता पर ध्यान ना देकर मेरा लक्ष्य मेहनत करके ज़्यादा ख़िताब जीतना है.

वरीयता तो अपने आप बढ़ जाएगी. टॉप फ़ाइव पर पहुँचने पर मुझे बहुत ख़ुशी होगी लेकिन मेरी कोशिश टॉप तीन में पहुँचने की होगी.

<b>वर्ल्ड कप इस बार भारत में होना है तो उस पर भी आपकी नज़र होगी...</b>

हाँ नज़र तो है लेकिन वो अभी दूर है उसके लिए ये ज़्यादा ज़रूरी ये है कि मैं कितना अपने आप को इसके लिए तैयार कर पाती हूँ.

बहुत मेहनत करनी होगी और अपनी मौजूदा फ़ार्म को क़ायम रखना होगा. जिस तरह से मैं खेल रहीं हूँ तो मुझे यक़ीन है कि मैं वर्ल्ड कप में भी अच्छा प्रदर्शन करूँगी.

<b>इस जीत का श्रेय आप किसको देना चाहेंगी.</b>

इसमें काफ़ी लोगों का साथ मुझे मिला. मेरे कोच और फ़िज़ियो ने मुझे पूरा समर्थन दिया उनकी बहुत मेहनत रही है मुझे यहाँ तक लाने में.

इसके अलावा मैं इसका श्रेय अपने माता-पिता को दूँगी जो हमेशा मेरे साथ रहे और हर समय मेरा आत्मविश्वास बढ़ाते रहे.

<b>इस जीत के तुरंत बाद आपका अगला लक्ष्य क्या है?</b>

मेरा अगला तुरंत लक्ष्य मलेशियन ओपन टूर्नामेंट है. ये अगले हफ़्ते होना है. मैं अच्छे फ़ार्म और पूरे आत्मविश्वास के साथ वहाँ जा रही हूँ.

मुझे उम्मीद है कि वहाँ भी अपना यही प्रदर्शन दोहराने में कामयाब रहूँगी.

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