वॉन का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास

माइकल वॉन
Image caption माइकल वॉन के नेतृत्त्व में इंग्लैंड को ऐशेज़ में जीत मिली थी

इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेट कप्तान माइकल वॉन ने 34 साल की उम्र में संन्यास लेने का फ़ैसला किया है.

उन्होंने इस मौक़े पर कहा, "अपने देश के लिए खेलना और कप्तानी करना मेरे लिए बेहद गर्व की बात थी और मेरे जीवन का ये सबसे कठिन फ़ैसला है." वॉन ने 82 टेस्ट खेले जिनमें 51 में उन्होंने कप्तानी की. इस दौरान उन्होंने 41 के औसत से 5700 रन बनाए जिनमें 18 शतक थे. मगर इन सबसे बड़ी उनकी उपलब्धि मानी जाती है 2005 में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध ऐशेज़ में मिली जीत. वॉन यॉर्कशर के लिए इन दिनों काउंटी क्रिकेट खेल रहे थे मगर उस दौरान उनका प्रदर्शन कुछ ख़ास नहीं रहा. इसी वजह से उन्हें इस साल इंग्लैंड में आयोजित हो रही ऐशेज़ शृंखला के लिए चुना नहीं गया. माना जा रहा है कि ये भी उनके संन्यास लेने की एक प्रमुख वजह बनी. <b>'फ़ॉर्म अच्छा नहीं'</b> उन्होंने एजबेस्टन में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मैं ऐशेज़ के लिए टीम में शामिल होने की एक अंतिम कोशिश करना चाहता था. मैंने कोशिश की मगर मैं अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहा था." वॉन ने कहा, "मैं अच्छा नहीं खेला हूँ. मैं ऐसे फ़ॉर्म में नहीं था कि ऐशेज़ के लिए चुना जा सकता. उसमें सर्वश्रेष्ठ 16 खिलाड़ी ही शामिल हो सकते थे और मैं उनमें से एक नहीं था."

उनका कहना था, "दो हफ़्ते पहले मैं बग़ीचे में अपने बेटे आर्ची के साथ था. उसने एक गेंद फेंकी और मेरा ऑफ़ स्टम्प उखड़ गया. तो अगर तीन साल का बच्चा आपको आउट कर दे तो ये मतलब है कि अब आगे बढ़ने का समय आ चुका है." इंग्लैंड क्रिकेट के प्रबंध निदेशक ह्यू मॉरिस ने वॉन को सबसे बेहतरीन अंतरराष्ट्रीय कप्तानों में से एक बताया. इंग्लैंड के मौजूदा कप्तान ऐंड्र्यू स्ट्रॉस ने कहा कि उन्होंने वॉन की कप्तानी को देखते हुए काफ़ी कुछ सीखा है. <b>क्रिकेट जीवन</b> वॉन ने यॉर्कशर से 1993 में खेलना शुरू किया और छह साल बाद उन्हें टेस्ट टीम में शामिल किया गया.

वर्ष 2002-03 में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में ऐशेज़ शृंखला में तीन शतक लगाए और वह बल्लेबाज़ी की रैंकिंग में सबसे ऊपर पहुँच गए. आगे चलकर नासिर हुसैन के इस्तीफ़े के बाद उन्हें टेस्ट टीम की कप्तानी मिली और दक्षिण अफ़्रीका के विरुद्ध 2-2 से शृंखला बराबरी के बाद उनकी कप्तानी में इंग्लैंड को छह शृंखलाओं में लगातार जीत मिलीं. कप्तानी के बारे में वॉन ने कहा, "अपने देश की कप्तानी करना एक बहुत ही विशेष मौक़ा होता है और आपकी दक्षता इसमें होती है कि कोई और ये न जान सके कि आप क्या सोच रहे हैं. बहुत ज़रूरी है कि आप दबाव में न हों." वर्ष 2005 की ऐशेज़ शृंखला में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रहे रिकी पॉन्टिंग ने कहा कि वह संन्यास की इस घोषणा से काफ़ी चकित हैं. उन्होंने कहा, "अभी कुछ ही हफ़्ते पहले मैं सोच रहा था कि उन्हें पहले टेस्ट में शामिल किया जा सकता है. मुझे लगता था कि अभी आगे चलकर वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में और योगदान दे सकते थे." पॉन्टिंग के अनुसार वॉन एक अदभुत प्रतिभा के धनी खिलाड़ी थे और काफ़ी अच्छे कप्तान भी.

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