फ्लिंटॉफ लेंगे टेस्ट क्रिकेट से संन्यास

  • 15 जुलाई 2009
मैदान पर घायल पड़े फ्लिंटॉफ
Image caption फ्लिंटॉफ अक्सर मैदान पर घायल होते रहे हैं और कई बार कुछ महीनों के लिए उन्हें मैदान से बाहर भी होना पड़ा है.

इंग्लैंड के हरफ़नमौला क्रिकेट खिलाड़ी एंड्रयू फ़्लिंटॉफ़ ने ऐलान किया है कि वो इन दिनों ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ चल रही ऐशेज़ सीरिज़ के बाद टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे. 2005 में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्धऐशेज़ श्रंखला में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले फ़्लिंटॉफ़ लगातार चोटों से जूझते रहे हैं और अब वो केवल एक दिवसीय क्रिकेट पर अपना पूरा ध्यान देने वाले हैं.

फ्लिंटॉफ़ ने कहा है कि अब उनका शरीर उनसे रुकने के लिए कह रहा है. उन्होंने कहा कि वो इस बारे में कुछ वक्त से सोच रहे थे और हाल ही में घुटने में लगी चोट से उन्हें लगा कि अब सही वक्त है.

31 वर्षीय फ़्लिंटॉफ़, फ़िलहाल लॉर्ड्स में कल से शुरु हो रहे ऐशेज़ सीरिज़ के दूसरे टेस्ट मैच के लिए फिट होने की कोशिश कर रहे हैं. उन्हें 12 जुलाइ को कार्डिफ़ में ख़त्म हुए पहले टेस्ट के दौरान घुटने में चोट लगी थी.

फ़्लिंटॉफ़ ने अब तक 11 साल के अपने टेस्ट करियर में 76 टेस्ट मैच खेले हैं.

2005 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ घरेलू ऐशेज़ सीरिज़ के दौरान वो अपने खेल के चरम पर थे. इस सीरिज़ में इंग्लैंड ने 2-1 से जीत हासिल की थी.

उस सीरिज़ के पहले टेस्ट की पहली पारी में शून्य और दूसरी पारी में तीन रन बनाने के बाद फ़्लिंटॉफ़ ने एजबेस्टन टेस्ट की दोनों पारियों में अर्द्धशतक ठोंके और ऑस्ट्रेलिया के सात विकेट भी झटके. इसी प्रदर्शन की बदौलत इंग्लैंड दो रनों से जीता और सीरिज़ एक-एक बराबर हो गई.

लेकिन अगले ही साल यानि 2006-07 की एशेज़ सीरिज़ में इंग्लैंड के कैप्टन माइकल वॉन के घायल होने पर फ्लिंटॉफ़ कैप्टन बने और इंग्लैंड एशेज़ सीरिज़ में ऑस्ट्रेलिया से बुरी तरह 5-0 से हार गया.

संबंधित समाचार