अब छोटे पर्दे पर दादा की ‘दादागिरी’

सौरभ गांगुली
Image caption सौरभ गांगुली टीवी पर अपनी भूमिका को लेकर उत्साहित हैं

लंबे अरसे तक क्रिकेट के मैदान में अपने बल्ले और रणनीतिक कौशल से दादागिरी दिखाने वाले भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दादा के नाम से मशहूर सौरभ गांगुली अब छोटे पर्दे पर अपनी दादागिरी दिखाएंगे.

दरअसल, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कमेंट्री में हाथ आजमा चुके गांगुली अब एक स्थानीय बांग्ला टेलीविजन चैनल पर एक रियलिटी-सह-क्विज शो के एंकर की भूमिका में नजर आएंगे.

'दादागिरी' शीर्षक इस कार्यक्रम की कैच लाइन ही है--दादार संगे दादागिरी यानी दादा के साथ दादागिरी.

सौरभ अपनी इस नई भूमिका को एक नई चुनौती मानते हुए इसके लिए काफ़ी मेहनत कर रहे हैं. इस शो का प्रसारण सोमवार 27 जुलाई से शुरू होगा.

यहां इस नई भूमिका के एलान के मौक़े पर उन्होंने कहा कि क्रिकेट खेलना और कमेंट्री करना एक अलग तरह की चुनौती है. लेकिन एंकर बनना सबसे चुनौतीपूर्ण काम है.

वैसे, पहले वे छोटे पर्दे पर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के लिए चीयरलीडर्स तलाशने के एक कार्यक्रम में जज की भूमिका निभा चुके हैं.

गांगुली ने कहा कि 'इस कार्यक्रम की 64 कड़ियां प्रसारित की जाएगी और इसमें रियलिटी शो और क्विज शो दोनों की झलक मिलेगी.'

सौरभ के सवाल

इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के सभी 19 जिलों के प्रतियोगी हिस्सा लेंगे.

कार्यक्रम में सौरभ उनसे सवाल पूछेंगे. गांगुली ने इस शो के आयोजकों के साथ तीन साल के एक करार पर हस्ताक्षर किए हैं.

क्रिकेटर के तौर पर गांगुली की पहचान को भुनाने के मकसद से ही इस कार्यक्रम के विभिन्न हिस्सों के नामों के चयन में सेलेक्शन, टॉस, पावरप्ले और कवर ड्राइव जैसी क्रिकेट शब्दावली का इस्तेमाल किया गया है.

गांगुली कहते हैं,'' अब तक इस कार्यक्रम की शूटिंग का अनुभव दिलचस्प रहा है. समाज के विभिन्न तबके और अलग-अलग पृष्ठभूमि से आने वाले लोगों के साथ एक साथ मिलना और बातचीत करना एक बड़ी चुनौती है.''

वे बताते हैं कि 'कैंसर का एक मरीज भी इस शो में शामिल होने आया था. हमने उसे काफ़ी बेहतरीन और दोस्ताना सलूक किया. लेकिन दुर्भाग्य से वह पहले दौर में ही बाहर हो गया.'

नई भूमिका

गांगुली कहते हैं कि इस नई भूमिका में उनको नए-नए विचारों के साथ पूरे शो का संचालन करना है. वह भी इस तरीके से प्रतियोगी सहज तरीके से सवालों के जवाब दे सकें.

वे कहते हैं कि 'मैं हर एपीसोड के साथ कुछ न कुछ सीख रहा हूं. क्रिकेट के मैदान पर बल्लेबाजी और इस शो की एंकरिंग में सबसे बड़ा अंतर यह है कि यहां मुझे रीटेक की सहूलियत है.'

एक सवाल के जवाब में वे बताते हैं कि उन्होंने बचपन से ही बैरी ओ'ब्रायन और डेरेक ओ' ब्रायन को क्विज मास्टर की भूमिका में देखा है. उनसे ही मैंने इस शो के संचालन की प्रेरणा ली है.

तो क्या इसके बाद बड़े पर्दे की बारी है, इस सवाल पर सौरभ कहते हैं,'' कुछ साल पहले ऋतु दा (ऋतुपर्णो घोष) ने उनको अपनी फिल्म में एक भूमिका का आफर दिया था. लेकिन तब क्रिकेट में व्यस्त होने की वजह से मैं बच गया. अब इस शो, आईपीएल और कोलकाता में बनने वाले अपने स्कूल को लेकर मैं व्यस्त हूँ. इसलिए बड़े पर्दे पर आने की फिलहाल कोई योजना नहीं है.''

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