कैस्टर को लेकर विवाद गहराया

बीबीसी स्पोर्ट्स के मुताबिक दक्षिण अफ़्रीका की धावक कैस्टर सेमेन्या में टेस्टोस्टेरोन का स्तर किसी भी महिला के नमूने में पाए जाने वाले स्तर से तीन गुना ज़्यादा है.

कैस्टर ने हाल ही में बर्लिन में हुई विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 800 मीटर दौड़ जीती है. उनका लिंग परीक्षण करवाने का आदेश दिया गया था.

एथलेटिक्स की अंतरराष्ट्रीय संस्था आईएएएफ़ ने कहा था कि कि उसने तीन हफ़्ते पहले ही इस जाँच के लिए कह दिया था क्योंकि उसे डर था कि सेमेन्या एक महिला के तौर पर दौड़ में हिस्सा नहीं ले पाएगी.

कैस्टर मंगलवार को अपने देश दक्षिण अफ़्रीका लौटी जहाँ उनका ज़ोरदार स्वागत किया गया. हज़ारों लोगों ने 18 वर्षीय धावक का स्वागत किया. उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से इस साल सबको हैरत में डाल दिया है.

विवाद

बर्लिन में उन्होंने 1:55:45 के समय में स्वर्ण पदक जीता. दौड़ से कुछ घंटे पहले ये ख़बर लीक हो गई थी कि आईएएएफ़ ने कैस्टर का लिंग परीक्षण करवाने की माँग की है और हो सकता है कि उन्हें महिला धावक के तौर पर दौड़ने न दिया जाए.

बाद में पता चला कि इस परीक्षण की ख़बर सार्वजनिक इसलिए हो गई क्योंकि ग़लत व्यक्ति को फ़ैक्स भेज दिया गया था.

शुरुआती परीक्षण के बाद दक्षिण अफ़्रीका से कहा गया था कि वो कैस्टर को विश्व चैंपियनशिप के लिए अपनी टीम से हटाए.

उसके बाद से ही कैस्टर का परिवार और दक्षिण अफ़्रीका में एथलेटिक्स संघों के लोग उनके बचाव में आगे आए हैं. कैस्टर से हो रहे बर्ताव के विरोध में एथलेटिक्स साउथ अफ़्रीका( एएसए) के अध्यक्ष ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “ये बहुत सरल है. वो लड़की है. हम उसे आईएएएफ़ के तहत पोलैंड में जूनियर चैंपियनशिप के लिए लेकर गए. तब तो किसी ने सवाल नहीं उठाए.”

कैस्टर के टेस्टोस्टेरोन स्तर का दक्षिण अफ़्रीका में परीक्षण करवाया गया था और माना जा रहा है कि इसी जानकारी के आधार पर आईएएएफ़ ने कहा था कि इस बात का विस्तृत परीक्षण करवाया जाए.

कहा जा रहा है कि ये परीक्षण किए जा रहे हैं और कई हफ़्तों तक इनके नतीजे नहीं आएँगे.

रविवार को एथलेटिक्स की अंतरराष्ट्रीय संस्था आईएएएफ़ ने माना कि इस मामले को और संवेदनशीलता के साथ हल करना चाहिए था.

उन्होंने कहा कि अगर मामले की गोपनियता बरकरार रखी जाती तो ये मुद्दा बनता ही नहीं.

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