''कोई टीम कमज़ोर नहीं है''

धोनी
Image caption धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने श्रीलंका में त्रिकोणीय शृंखला में हाल ही में जीत दर्ज़ की.

दक्षिण अफ्रीका में होने वाले चैंपियंस ट्राफ़ी के लिए रवाना होने से पहले भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा है कि टूर्नामेंट में किसी भी टीम को कमज़ोर नहीं समझना चाहिए.

धोनी ने गुरुवार को मुंबई में एक प्रेस कांफ्रेस में कहा कि 22 सितंबर से 5 अक्टूबर तक होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए उनकी टीम बिल्कुल तैयार है और सलामी बल्लेबाज़ गौतम गंभीर की वापसी से टीम को काफ़ी मजबूती मिलेगी.

उन्होंने कहा कि चैंपियंस ट्रॉफी में हिस्सा लेने वाली आठों टीमें विश्वस्तरीय हैं और इसीलिए हम हर टीम को गंभीरता से लिया जा रहा हैं.

उनका कहना था, '' इस समय हम अपनी रणनीति पर ध्यान दे रहे हैं न कि दूसरे क्या रणनीति बना रहे हैं. हम वहां जाकर बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए उत्सुक हैं साथ ही हम हर टीम के साथ अपने मैच को उतनी चुनौतीपूर्ण तरीके से लेंगे चाहे वो पाकिस्तान हो आस्ट्रेलिया हो या जिम्बाब्वे.''

उन्होंने ये भी कहा कि इस तरह की प्रतियोगिता में टीम को तगड़ी प्रतिस्पर्धा की उम्मीद ही करनी चाहिए इसीलिए भारत को शुरु से ही बेहतर प्रदर्शन करने पर ध्यान देना होगा.

धोनी ने सवालों के जवाब देते हुए ये भी कहा कि टूर्नामेंट में वीरेंदर सहवाग और ज़हीर खान की कमी काफी खलेगी.

टीम का प्रदर्शन

गौतम गंभीर की टीम में वापसी पर खुशी जताते हुए उन्होने कहा कि ये टीम के लिए अच्छा है कि गौतम गंभीर ने अपनी फिटनेस को फिर से पा लिया है और अब उन्हें अगले क्रम की बल्लेबाजी की कमान संभालनी होगी.

धोनी का कहना था कि टीम ने जब भी अच्छी शुरुआत की है तो बड़ा स्कोर खड़ा करने में कामयाबी मिली है.

श्रीलंका को हराकर कांपैक कप जीतने के बाद भारतीय टीम के हौसले पूरी तरह से बुलंद हैं.

हांलाकि धोनी ने कहा है कि उन्हें चैंपियंस ट्राफी पर कब्जा करने के लिए फिर से तगड़ी मेहनत करनी पड़ेगी.

रैंकिग के सवाल पर धोनी का कहना था कि टीम अच्छा खेलने के बारे में सोचती है और कोई भी ऐसा मानक नहीं निर्धारित करना चाहती जिसे पूरा न किया जा सके.

उनका कहना था, '' हम रैंकिग्स या रेटिंग्स के बारे में नहीं सोचते हैं बल्कि एक साथ अपने खेल का मजा उठाते हैं.''

धोनी ने ये भी स्वीकार किया कि गेंदबाज़ी और क्षेत्ररक्षण दोनों ही क्षेत्रो में सुधार की काफी गुंजाइश है खासकर अगर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की टीमों से मुकाबला करना हो.

उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि हमने काफी अच्छा किया है लेकिन ऐसा लगातार कर पाने में हमें ज़रुर कामयाबी नहीं मिल सकी है, आख़िरकार क्रिकेट एक पूरी टीम का खेल है और अगर गेंदबाज़ उतने अच्छे नहीं हैं तो ऐसे में बल्लेबाज़ों की ज़िम्मेदारी और बढ़ जाती है.

संबंधित समाचार