'सेमेन्या के लिंग परीक्षण की बात छिपाई'

कास्टर सेमेन्या
Image caption कास्टर सेमेन्या ने विश्व एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 800 मीटर दौड़ का स्वर्ण पदक जीता था

दक्षिण अफ़्रीका की एथलीट कैस्टर सेमेन्या के महिला-पुरूष होने को लेकर चले विवाद में नया मोड़ आया है.

दक्षिण अफ़्रीका एथलेटिक्स संगठन के प्रमुख ने स्वीकार किया है कि उन्होंने झूठ कहा था कि उन्हें ये पता नहीं था कि विश्व एथलेटिक्स प्रतियोगिता से पहले सेमेन्या का लिंग परीक्षण करवाया गया था.

एथलेटिक्स दक्षिण अफ़्रीका के प्रमुख लियोनार्ड चुएन ने माफ़ी माँगते हुए कहा है कि अगस्त में ही दक्षिण अफ़्रीका में सेमेन्या का परीक्षण करवाया गया था लेकिन उन्होंने सेमेन्या की निजता का ख़याल रखते हुए ये बात गुप्त रखी.

कास्टर सेमेन्या ने पिछले महीने बर्लिन में विश्व एथलेटिक्स प्रतियोगिता में महिलाओं की 800 मीटर की दौड़ में स्वर्ण पदक जीता था.

बाद में अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स संघों के संगठन (इंटरनेशनल एशोसिएशन ऑफ़ एथलेटिक्स फ़ेडरेशंस) ने सेमेन्या का लिंग परीक्षण करवाए जाने का आदेश दिया था.

बीबीसी की जानकारी के अनुसार इस बात की संभावना है कि परीक्षणों से पता चले कि सेमेन्या में पुरूष और महिला दोनों ही के लक्षण हैं.

विवाद

सेमेन्या के मुद्दे पर दक्षिण अफ़्रीका एथलेटिक्स संगठन और अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स संघ एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं.

दक्षिण अफ़्रीका के खेल मंत्री ने धमकी दी थी कि यदि सेमेन्या को रोका गया तो ‘तीसरा विश्व युद्ध’ शुरू हो जाएगा.

मगर दक्षिण अफ़्रीका एथलेटिक्स संगठन ने हाल ही में कहा था कि सेमेन्या मामले को किस तरह से देखा गया इसकी विस्तृत जाँच की जाएगी और अब संगठन के प्रमुख ने सेमेन्या के जाँच की बात गुप्त रखने की बात सार्वजनिक की है.

सेमेन्या का नाम अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स पटल पर जुलाई में आया था जब उन्होंने एक दौड़ में 800 मीटर की दूरी केवल एक मिनट और 56.72 सेकंड में पूरी कर अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था.

इसके बाद अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स संगठन ने बर्लिन विश्व प्रतियोगिता से पहले सेमेन्या का लिंग परीक्षण करवाए जाने की माँग की थी.

लेकिन दक्षिण अफ़्रीकी अधिकारी कहते रहे कि ये परीक्षण बाहर करवाए जाने चाहिए.

इसके बाद अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स संगठन ने प्रारंभिक जाँच के आधार पर दक्षिण अफ़्रीका से कहा कि वो सेमेन्या को जर्मनी ना भेजे.

मगर दक्षिण अफ़्रीका के एथलेटिक्स संगठन ने ये कहते हुए सेमेन्या को दौड़ने की अनुमति दिए जाने पर ज़ोर दिया कि सेमेन्या महिला ही हैं और सेमेन्या के घर के लोगों ने भी इसका समर्थन किया.

इसके बाद सेमेन्या ने एक मिनट 55.45 सेकेंड का समय निकालकर बर्लिन में 800 मीटर की दौड़ का स्वर्ण पदक प्राप्त किया.

लेकिन अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स संगठन ने सेमेन्या का और परीक्षण किए जाने का आदेश दिया.

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