काम समय पर पूरे होंगे: शीला दीक्षित

  • 21 सितंबर 2009
स्टेडियम में निर्माण कार्य
Image caption दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को यकीन है की सभी निर्माण कार्य मई 2010 तक पूरे हो जाएँगे

भारत की राजधानी दिल्ली में अगले साल राष्ट्रमंडल खेल होने हैं. इनकी तैयारियों को लेकर तरह-तरह की ख़बरें आती रही हैं.

राष्ट्रमंडल खेलों के चेयरमैन माइक फ़ेनेल भी अपनी चिंता जता चुके हैं और उन्होंने कहा है कि दिल्ली में होने वाले खेल शायद मेलबर्न और मैनचेस्टर जैसे न हो पाएँ.

राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों पर दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से बातचीत की बीबीसी संवाददाता मलय नीरव ने.

मैंने स्टेडियम का दौरा किया है और निर्माण कार्य सही रफ़्तार से चल रहा है. आपका क्या कहना है?

ऐसा सोचना के लिए आपका शुक्रिया. क्योंकि आपका नज़रिया पक्षपातपूर्ण नहीं हो सकता. मैं कहना चाहूँगी कि हम 15-16 स्टेडियम बना रहे हैं. इनमें से कुछ नए हैं और कुछ में मरम्मत कार्य चल रहा है.

निर्माण कार्य निर्धारित समय से कुछ पीछे चल रहा है, लेकिन निर्माण कार्य अगले साल मार्च के आख़िर तक और अधिकतम मई तक पूरे हो जाएँगे. इलेक्ट्रॉनिक सामान, स्क्रीन आदि का इंतज़ाम क्योंकि आयोजन समिति को करना है, इसलिए यहाँ थोड़ी चिंता की बात हो सकती है.

मैंने आज सुबह तालकटोरा, त्यागराज स्टेडियम, हॉकी स्टेडियम का दौरा किया और वहाँ निर्माण कार्य सही गति से चल रहा है. हमारे पास अब भी 10 महीने हैं और सब काम समय पर पूरे हो जाएँगे.

आपने कहा कि आप थोड़ा घबराई हुई ज़रूर हैं, लेकिन राष्ट्रमंडल खेलों को समय पर आयोजित कराने को लेकर आप आश्वस्त हैं. लेकिन ढाँचागत सुविधाओं मसलन सड़कों आदि को लेकर क्या कहेंगी?

सभी काम समय पर पूरे होंगे. ये हमारी ज़िम्मेदारी है. चार-पाँच फ्लाईओवर अक्तूबर में हो चालू हो जाएँगे. सड़कें साफ़-सुथरी होंगी. जहाँ भी मरम्मत की ज़रूरत होगी, उसे समय पर पूरा कराया जाएगा.

जहाँ तक नर्वस होने या घबराहट का सवाल है तो उसकी वजह ये है कि ये बड़ा खेल आयोजन है. कहीं कोई चूक न हो जाए, इसलिए थोड़ी घबराहट होती है.

क्या आपको नहीं लगता कि दिल्ली अरबन आर्ट कमीशन, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग जैसी एजेंसियों द्वारा उठाई जाने वाली आपत्तियों से बाधाएँ उत्पन्न होती हैं?

बाधाएँ उत्पन्न होती हैं. इसके बावजूद सारे अधिकारी पूरी मुस्तैदी से काम में लगे हैं और काम समय पर पूरे हो जाएँगे.

राष्ट्रमंडल खेलों के चेयरमैन फेनेल के इस बयान पर कि ये खेल शायद मैनचेस्टर और मेलबर्न की तरह नहीं हो पाएँगे, आपको क्या कहना है?

नहीं ऐसा नहीं है. मुझे नहीं पता कि फेनेल साहब को क्या जानकारी थी. केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री, मंत्री समूह इस काम में लगे हुए हैं. हमारा लक्ष्य इस काम को मई तक पूरा करना है.

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