भारोत्तोलक फ़ेडरेशन पर प्रतिबंध का ख़तरा

भारोत्तोलन
Image caption पहले भी भारतीय खिलाड़ी नशीली दवा लेने के दोषी पाए गए हैं

तीन भारतीय भारोत्तोलक नशीली दवा टेस्ट में फ़ेल हो गए हैं और उनके अगले साल राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने की संभावनाएँ ख़त्म हो गई हैं.

लगातार तीसरे खिलाड़ी के नशीली दवा टेस्ट में फ़ेल होने के बाद राष्ट्रीय भारोत्तोलक फ़ेडरेशन पर एक साल का प्रतिबंध लगने के आसार हैं.

यह ख़बर ऐसे समय में आई है जब राष्ट्रमंडल खेलों के अधिकारी दिल्ली में अगले साल होने वाले खेलों के आयोजन की तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए भारत में हैं.

शैलजा पुजारी और विक्की बत्ता दूसरी बार नशीली दवा लेने के दोषी पाए गए थे और अब प्रियदर्शिनी भी टेस्ट में फ़ेल हो गई हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार राष्ट्रीय भारोत्तोलक फ़ेडरेशन के सचिव बीआर गुलाटी ने इसकी पुष्टि की है.

उन्होंने बताया कि डोप टेस्टिंग एजेंसी ने सात और आठ अगस्त को प्रियदर्शिनी का टेस्ट किया था जो पॉज़िटिव मिला,

गुलाटी ने बताया कि एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार प्रियदर्शिनी ने ऐसी नशीली दवा ली थी जो टेस्ट में न पकड़ी जा सके.

हालांकि गुलाटी ने प्रतिबंध लगाए जाने के सवाल पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है लेकिन जानकार लोगों का कहना है कि फ़ेडरेशन इस तरह के दंड को शायद टाल न सके.

पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि प्रियदर्शिनी पहली बार डोप टेस्ट में फ़ेल हुई हैं और आसार हैं कि उन पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया जाए.

संबंधित समाचार