विश्वकप फ़ुटबॉल में अर्जेंटीना भी

  • 16 अक्तूबर 2009
माराडोना

पूरे अर्जेंटीना में उस समय ख़ुशी की लहर दौड़ गई जब कड़ी मशक्कत के बाद उसने उरुगुए को 1-0 से हराकर वर्ष 2010 में दक्षिण अफ्रीका में होने वाले विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर लिया.

अगर अर्जेंटीना ये मैच हार जाता तो 1970 के बाद पहली बार होता कि वह विश्वकप फुटबॉल में भाग तक न ले पाता.

यह उसी तरह तरह होता की विश्वकप हॉकी हो और भारत और पाकिस्तान उसमें न खेल पाएं.

उरुगुए ने 84 मिनट तक अर्जेंटीना को रोके रखा लेकिन तभी उसके रक्षक मार्टिन कासरेस ने पेनाल्टी एरिया के बाहर वेरोन को गिराया और उन्हें दूसरा यलो कार्ड दिखाने के बाद मैदान से बाहर भेज दिया गया.

इसपर मिले फ्री किक पर लायोनेल मेसी और वेरोन ने बोलाटी की तरफ गेंद बढ़ाई और उन्होंने नीचा शाट लगाकर गोल कीपर को बीट कर दिया.

मैच के बाद कोच माराडोना ने जमकर अर्जेंटीनी मीडिया की खबर ली और कहा कि उन्होंने उनके साथ कूडेदान जैसा सलूक किया.

इस पूरे मुकाबले में ब्राजील 34 अंक लेकर सबसे ऊपर रहा. चिली और पारागुए दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे. अर्जेंटीना को चौथा स्थान मिला.

मैच के बाद कप्तान जविएर मेस्चेरानो ने कहा कि उनके देशवासियों को उनपर विश्वास नहीं था लेकिन हमने दिखा दिया कि हम अपने देश से प्यार करते हैं और क्वालीफाई करने के लिए अपना सब कुछ लगा सकते हैं. हमें अभी भी कुछ चीज़ें ठीक करनी हैं लेकिन उसके लिए हमारे पास काफी समय है.

चौबीस साल पहले 1986 में विश्वकप जितवाने में माराडोना की बहुत बड़ी भूमिका थी.

अर्जेंटीनी प्रशंसक सवाल पूछ रहे हैं कि क्या अब क्वालीफाई करने के बाद माराडोना 2010 में इतिहास को दोहरा पाएंगे.

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

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