वर्चस्व की लड़ाई होगी

  • 25 अक्तूबर 2009
भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी
Image caption चुनौती और अवसर भरी श्रृंखला के लिए तैयार हैं कप्तान धोनी

रविवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 9 बजे वडोदरा के मैदान पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 7 एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला का पहला मैच होगा. दोनों टीमों ने तैयारी पूरी कर ली है.

जब से ऑस्ट्रेलिया की टीम भारत पहुँची है, तभी से दोनों खेमों की ओर से अपनी अपनी टीम के खिलाड़ियों के उत्साह के लिए बयान दिए जा रहे हैं.

दर्शकों में भी अगले दो हफ्तों के दौरान अच्छी और प्रतिस्पर्धा से भरी दो टीमों के बीच रोमांचक संघर्ष की उत्सुकता है. और यह उत्सुकता कितनी खरी उतरती है यह तो समय ही बताएगा.

यह श्रृंखला दोनों ही टीमों के लिए बेहद अहम साबित होगी. ऑस्ट्रेलिया के लिए जहाँ यह श्रृंखला आगामी विश्व कप के लिए एक रिहर्सल की तरह है, तो भारत के लिए यह सात मैच आत्मसम्मान बनाए रखने के साथ-साथ टीम के 11 खिलाड़ियों को ठोक-बजा लेने का एक स्वर्णिम मौक़ा देंगे.

हालाकि ऑस्ट्रेलिया की टीम विश्व रैंकिंग में नंबर एक पर है. लेकिन ऑस्ट्रेलिया के धुंआधार बल्लेबाज़ माइक हसी ने कहा, 'हम रैंकिंग को ध्यान में रखकर नहीं खेलते हैं. हाँ विश्व नंबर एक बनना अच्छा लगता है. लेकिन इसकी ओर हम ध्यान नहीं देते. हमारा पूरा ध्यान भारत में इस श्रृंखला को जीतने की ओर है. और ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों के लिए भारत में खेलना एक बहुत बड़ी चुनौती होती है.'

जहाँ तक भारत की टीम का सवाल है तो कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के मन में चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर होने की टीस तो होगी ही. साथ ही पारंपरिक रूप से ऑस्ट्रलिया के साथ जो प्रतिस्पर्धात्मक भावना जुड़ी होती है उसे भी निभाना है.

वीरेंद्र सहवाग की टीम में वापसी से कप्तान धोनी का मनोबल बढा है. लेकिन साथ ही इस वक़्त कुछ बड़े खिलाड़ियों की चोट के कारण चिंता भी है.

युवराज सिंह चोट के कारण रविवार का पहला मैच नहीं खेल पायेंगे. द्रविड़ भी टीम से बाहर हैं. लेकिन धोनी के लिए अपने फॉर्म को चमकाने का भी यह एक सुनहरा मौक़ा भी है.

धोनी ने कहा, 'यह बात सही है कि हमारे कुछ खिलाड़ियों को चोटें हैं. लेकिन यह श्रृंखला लम्बी है, इसलिए अगर पहले कुछ मैचों में प्रदर्शन अच्छा नहीं भी रहा तो हमें सात मैचों के दौरान अपना प्रदर्शन सुधारने का मौक़ा मिलेगा. यानी हमें इस श्रृंखला में अच्छा प्रदर्शन करने का संकल्प रखना होगा.'

और जहाँ तक ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के संकल्प की बात है, तो उनके बल्लेबाज़ भारत के गेंदबाज़ों पर अपना लक्ष्य साधेंगे. और गेंदबाज़ वीरेंदर सहवाग, सचिन तेंदुलकर और गौतम गंभीर जैसे धुरंधरों को आउट करने की फ़िराक में रहेंगे.

भारत के खिलाड़ियों की नज़र भी ऑस्ट्रेलियाई टीम के चुनिंदा खिलाड़ियों पर काबू पाने की होगी.

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