गुवाहाटी में नाक बचाने की लड़ाई

ऑस्ट्रेलियाई टीम
Image caption हैदराबाद में जीत के बाद ऑस्ट्रेलिया के हौसले बुलंद

हैदराबाद वनडे में तीन रनों की हार सिरीज़ में भारत के लिए भारी पड़ सकती है. रविवार को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच छठा एक दिवसीय मैच गुवाहाटी में खेला जाएगा.

सात एक दिवसीय मैचों की सिरीज़ में ऑस्ट्रेलिया की टीम 3-2 से आगे हैं. अगर भारत गुवाहाटी वनडे गँवा देता है तो सिरीज़ ऑस्ट्रेलिया की झोली में चला जाएगा.

इसका मतलब ये हुआ कि भारत के लिए करो या मरो की स्थिति है और इस कारण टीम दबाव में भी है. सिरीज़ में दो बार भारतीय टीम कम अंतर से हारी है.

एक बार चार रन से और दूसरी बार तीन रन से. दोनों ही मैचों में एक समय भारत की जीत तय मानी जा रही थी लेकिन आख़िरी मौक़े पर कई विकेट गिरे और मैच भारत के हाथ से निकल गया.

अपने नियमित और अनुभवी खिलाड़ियों की ग़ैर मौजूदगी के बावजूद हैदराबाद वनडे में जीत के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम के हौसले बुलंद हैं.

दबाव

ऑस्ट्रेलियाई टीम सिरीज़ का फ़ैसला आख़िरी वनडे तक नहीं ले जाना चाहेगी. इस कारण दबाव भारत पर है.

लेकिन भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का कहना है कि रविवार के इस मैच के लिए टीम पर अतिरिक्त दवाब नहीं है.

गुवाहाटी में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, "दबाव तो हर मैच में होता है. जब आप इस स्तर पर मैच खेल रहे होते हैं तो हमेशा दबाव होता है."

ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ सिरीज़ में भारतीय टीम जिन परेशानियों से घिरी हुई है, वो है उसकी गेंदबाज़ी और अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद मैच जीत पाने में नाकाम बल्लेबाज़ी.

हैदराबाद वनडे में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने कमज़ोर गेंदबाज़ी का लाभ उठाते हुए 350 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था. उस मैच में आशीष नेहरा, प्रवीण कुमार और मुनाफ़ पटेल कोई प्रभाव नहीं छोड़ पाए थे.

हाँ, ये ज़रूर है कि हरभजन सिंह ने उस मैच में अच्छी गेंदबाज़ी की थी, जो इस मैच में भारत के लिए शुभ संकेत हो सकता है.

मुनाफ़ के ख़राब प्रदर्शन के कारण ईशांत शर्मा को गुवाहाटी वनडे में मौक़ा मिल सकता है.

बल्लेबाज़ी के मोर्चे पर भारतीय टीम लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई है. कभी शुरुआत बुरी, तो कभी मध्य क्रम नाकाम.

बल्लेबाज़ी

हैदराबाद में ख़राब बल्लेबाज़ी के बावजूद सचिन तेंदुलकर की 175 रनों की पारी की बदौलत एक बार तो भारत जीत के क़रीब पहुँच गया था.

Image caption सचिन से काफ़ी उम्मीदें रहेंगी

लेकिन सच यही है कि उस मैच में भारत ने बुरी बल्लेबाज़ी की. गौतम गंभीर, युवराज सिंह और धोनी नहीं चले तो सहवाग फिर बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रहे.

दूसरी ओर कम अनुभवी खिलाड़ियों के साथ सिरीज़ को इस मोड़ तक ले आने वाले ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पोंटिंग के हौसले बुलंद हैं.

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, "सिरीज़ के दौरान कई खिलाड़ियों के घायल होने और कई अनुभवी खिलाड़ियों की ग़ैर मौजूदगी के बावजूद ये प्रदर्शन बेहतरीन है."

सिरीज़ के बचे दो मैचों के लिए ऑल राउंडर एंड्रयू मैकडोनल्ड और तेज़ गेंदबाज़ बर्ट कोकली को ऑस्ट्रेलिया से बुलाया गया है.

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