ख़ुद को ढालने की क्षमता है सचिन में

सचिन
Image caption सचिन अपने दोस्तों के बीच काफ़ी बेतकल्लुफ़ रहते हैं

पिछले पंद्रह सालों से भी अधिक वर्षों से सचिन तेंदुलकर को क़रीब से देखने वाले विज्ञापन दुनिया की जानी-मानी शख़्सियत प्रह्लाद कक्कड़ का कहना है कि बदलते समय के साथ क्रिकेट के अलावा दूसरे मोर्चों पर भी ढाल लेने की क्षमता ही सचिन को बड़ा ब्राँड बनाती है.

सचिन को मैदान पर सभी जानते हैं लेकिन एक व्यक्ति के रुप में वो असाधारण और अद्वितीय व्यक्ति हैं.

तेंदुलकर आज चाहे जिस ऊँचाई पर हों, कामयाबी की बुलंदियों को छुआ हो, पर आज भी वे मराठी मध्यवर्ग की परंपराओं से जुड़े हुए हैं.

जिन दोस्तों के साथ सचिन स्कूल और घर में बड़े हुए हैं, जब उनसे मिलते हैं तो ख़ूब मज़े करते हैं और वहाँ खुलकर हँसने के साथ बेतकल्लुफ़ रहते हैं. उन मराठी दोस्तों के साथ भी उनका संबंध मराठी परंपरा में पिरोया रहता था जो पेशेवर जीवन में दोस्त बने हैं. उनके साथ वो मराठी ही में बातें करते हैं, मराठी गीत-संगीत सुनते हैं और अहम मुद्दों पर बातें करते हैं.

लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि जो चीज़ें सचिन को महान बनाती है वो यह कि वो महान की तरह दिखते नहीं हैं. उनकी क़द काठी विशाल नहीं है. लेकिन जो चीजें उन्हें एक बड़ा ब्रांड बनाती हैं वो है बदलते समय के साथ अपने को उसी राह में ढाल लेने की उनकी क्षमता.

निर्देशक का दु:स्वपन

सचिन को मैदान पर आप सब देखते हैं उनके शालीन व्यवहार से हम सब परिचित हैं. मैदान से बाहर भी उनका व्यवहार शालीन है. विज्ञापन की शूटिंग के दौरान वो अपनी राय देते हैं. पिछले 15 सालों में वह न सिर्फ़ एक खिलाड़ी बल्कि बतौर एक ऐक्टर भी, काफ़ी ऊँचाई पर पहुँचे हैं. ऐसे में विज्ञापन के निर्देशक के सामने भी एक चुनौती होती है.

सचिन आज बड़ी सहजता से ऐक्टिंग करते हैं. वो स्क्रिप्ट में भी मदद करते हैं. ऐड या दूसरे मौक़ों पर अपने जूनियर खिलाड़ियों को सलाह भी देते हैं कि कैसे क्या करना है, मेकअप क्या होना चाहिए. कैसे खड़े रहना है.

अब स्थिति यह हो गई है कि वो ख़ुद ही उस्ताद बन गए हैं. उन्होंने हमारी कई ऐड फ़िल्मों में पंच लाइन तक भी दिए हैं.

दुनिया क्रिकेट के अलावा उनके दूसरे शौक़ और दिलचस्पी के बारे में कम ही जानती है, लेकिन मैं बताता चलूँ कि उन्हें संगीत संग्रह का शौक़ है. उनके घर पर कई तरह के म्यूज़िक सिस्टम भी हैं. मैं समझता हूँ कि उन्हें इससे अधिक किसी और चीज़ का जुनून नहीं होगा.

सचिन को अच्छी कारें रखने का भी शौक़ है. उनके पास अच्छी कारों का एक बेहतरीन संग्रह है. तीन-चार अदद बहुत ही अच्छी कारें हैं. दो बीएमडब्ल्यू कारें भी हैं.

उन्हें घड़ियों का भी शौक़ है. मेरे ख़्याल में उनके पास घड़ियों का भी अच्छा ख़ासा संग्रह है. उन्हें मराठी सी-फ़ूड का भी शौक़ है.

सचिन का बच्चों के साथ प्यार छुपा हुआ नहीं है. उनका ये प्यार हमारे एक ऐड 'सचिन फ़ेस मास्क ऐड' में प्रकट होता है. हालाँकि वो ऐसा विज्ञापन था जिसे कोई करना नहीं चाहता था, क्योंकि किसी के पास पैसा और समय नहीं था. फिर मैंने सचिन से मिलकर उनसे इस विज्ञापन में काम करने के लिए कहा, उस विज्ञापन में किसी अमीर बच्चे को नहीं बल्कि सच में ग़रीब बच्चों को एक्टिंग के लिए लिया गया था.

(बीबीसी संवाददाता प्रतीक्षा घिल्डियाल से बातचीत पर आधारित)

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